Thursday, April 30, 2020

जेएनयू: कार्यशाला में गुरूजी सीख रहे हैं ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म यूज करने के तरीके

जेएनयू: कार्यशाला में गुरूजी सीख रहे हैं ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म यूज करने के तरीके

लॉकडाउन के बीच यूजीसी ने कमेटी की सिफारिश के बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में देरी, 2019-20 के सत्र की बची पढ़ाई और परीक्षा पूरी करने के लिए टाइम मिलने और यूनिवर्सिटी को बदलाव की छूट देने के दिशा निर्देश के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई के बिना काम चलता नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि जेएनयू ने गुरुवार को दो दिन का शिक्षकों के लिए नए मॉड्यूल ‘मूडल’ का इस्तेमाल करके ‘डिजाइन, डेवलप एंड डिलीवर ऑनलाइन कोर्सेज विद मूडल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम’ पर वर्कशॉप शुरू किया। जेएनयू वीसी प्रो. एम. जगदीश कुमार ने ट्वीट कर कार्यक्रम की जानकारी दी।
प्रो. एम. जगदीश कुमार ने कहा है कि देशभर के एक हजार से अधिक शिक्षक वर्कशॉप में भाग ले रहे हैं। कोविड19 और लॉकडाउन के बीच डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके शिक्षक किस तरह पढ़ाएं इसके प्रशिक्षण में जेएनयू सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वो ये सीख सकेंगे कि अपनी जानकारी को किस तरीके से छात्रों तक डिजिटल प्लेटफार्म से पहुंचाएं।

इतना ही नहीं कोविड 19 खत्म होने के बाद भी इसका किस तरह से इस्तेमाल करें। डिजिटल प्लेटफार्म के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण टाइम है कि शिक्षक किस तरीके से ये तय करें कि क्या ऑनलाइन और क्या ऑफलाइन क्लास में बढ़ाया जा सकता है। ऑनलाइन शिक्षा में लचीलापन ज्यादा है।
लॉकडाउन के बाद से जेएनयू ही नहीं डीयू, जामिया, आईपीयू, डीटीयू सहित अन्य संस्थान भी अपने-अपने तरीके से ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे हैं। एक दिन पहले ही डीयू ने भी 15 मई तक अपना 2019-20 का इवन सेमिस्टर बढ़ाकर ऑनलाइन क्लास बढ़ाई है।
मॉस्को आधारित आरयूआर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में सुधार, विश्व में 538 व देश में 10वीं रैंक मिली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी को मॉस्को बेस्ड राउंड यूनिवर्सिटी रैंकिंग(आरयूआर) ने साल 2020 में दुनिया के 1100 यूनिवर्सिटी में 538वां रैंक दिया है जो पिछले साल 631 पर था। देशभर की यूनिवर्सिटी की रैंकिंग की बात करें तो पिछले साल 11वें नंबर पर यूनिवर्सिटी थी जो इस बार 10वें नंबर पर आई है। क्लेरनेट एनालिटिक्स की साझेदारी में आरयूआर रैंकिंग एजेंसी ने राउंड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 जारी की है। जिन 4 मानकों पर रैंकिंग जारी की गई है उसमें सबसे अधिक स्कोर जामिया को टीचिंग में मिला है। इस पर यूनिवर्सिटी की वीसी प्रो. नजमा अख्तर ने कहा है कि टीचिंग स्टाफ के असाधारण शोध और अकादमिक कार्यों को इसका श्रेय दिया है।

जेएनयूईई 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ आवेदन सबमिट करने अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेएनयूईई 2020 टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाकर 15 मई कर दी है। परीक्षा से संबंधित बाकी जानकारी के लिए एनटीए-जेएनयू वेबसाइट http://jnu.ac.in और https://ift.tt/3bUpetk पर ई प्रास्पेक्टस से जानकारी ले सकते हैं। जेएनयू के डायरेक्टर एडमिशन प्रो. दीपक गौड़ ने ये नोटिस जारी किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इग्नू में पीएचडी एवं एमबीए में दाखिले की प्रवेश परीक्षा भी 15 मई को करने की सूचना जारी की है।

वहीं आयुष की पीजी परीक्षा छह मई को होने की बजाय अब पांच जून को होगी। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की परीक्षा भी 15 मई को ही कराने का फैसला किया है। परीक्षार्थी क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और पे-टीएम से फीस ऑनलाइन भर सकते है। एनटीए की ओर से फिर से बढ़ायी गई तिथि से ऐसे सभी उम्मीदवारों को राहत मिलेगी जो कि लॉक डाउन के कारण जेएनयूईई 2020 के आवेदन नहीं कर सके थे।



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फाइल फोटो


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29 अप्रैल को बांटना था पूरा राशन, ‘सीएम किट’ नहीं आने से 500 दुकानों पर ही बंटा

29 अप्रैल को बांटना था पूरा राशन, ‘सीएम किट’ नहीं आने से 500 दुकानों पर ही बंटा

(शेखर घोष)दिल्ली में 2017 राशन की दुकानों पर 71 लाख लोगों को 29 अप्रैल को राशन बांटा जाना था। लेकिन ‘सीएम किट’ और पूरा राशन नहीं पंहुचने से इसे सारी दुकानों पर नहीं बांटा जा सका। जबकि दिल्ली के सभी विधायकों ने 27 अप्रैल को ही अपने-अपने क्षेत्र में मैसेज भेज दिया कि मई महीने का राशन 29 अप्रैल को सुबह 9 बजे से मिलना शुरू हो जाएगा। मैसेज में यह भी था कि इस बार राशन दोगुना मिलेगा। साथ ही हर कार्ड पर एक ‘सीएम किट’ भी मिलेगी।

इस संदेश के कारण बुधवार को ही दिल्ली के सभी 70 सर्कलों में राशन लेने के लिए भीड़ लग गई। कई जगह लड़ाई-झगड़े की नौबत आई। मुख्यमंत्री के घोषणा और विधायकों के मैसेज के बाद भी दिल्ली में 29 और 30 अप्रैल यानी दो दिन में केवल 500 दुकानों पर ही राशन बांटा गया। वहां ‘सीएम किट’ भी बांटी गई। नियमानुसार राशन बुधवार को ही सभी दुकानों पर मिलना शुरू हो जाना था। जहां राशन अभी तक नहीं बंटा वहां के दुकानदारों ने भास्कर को बताया कि उनके पास ‘सीएम किट’ ही नहीं पंहुची। ‘सीएम किट’ के बिना सामान्य राशन भी भी नहीं बांट सकते।

खाद्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा ही नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया जा रहा है इसे जयपुर की एक कंपनी से खरीदा गया है। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्हें एफसीआई (फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) के गोदाम से पूरा राशन भी नहीं मिला है।

इस पर भास्कर ने दक्षिण दिल्ली की एक ट्रासंपोर्ट एंजेसी के मालिक कैलाश चंद्र अग्रवाल से बात की। उन्होंने बताया कि दुकानों तक राशन पंहुचाने के लिए 17 ट्रक सुबह 9:30 से ओखला स्थित एफसीआई के गोदाम के सामने खड़े हैं। ढाई बजे तक एफसीआई के कर्मचारियों ने ट्रकों को गोदाम के अंदर ही प्रवेश नहीं करने दिया। इस बारे में सरकार का पक्ष जानने के लिए खाद्य मंत्री इमरान हुसैन को फोन, एसएमएस और वाट्सएप किया गया पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

ट्रक चालकों का आरोप: एफसीआई के गोदाम में अनाज लोड करने के लिए कर्मचारी मांगते हैं रिश्वत
ट्रासंपोर्ट एंजेसी के मालिक के आरोप पर भास्कर संवाददाता ओखला गोदाम पहुंचा। वहां गेट के बाहर खाली ट्रक, ड्राइवर और मजदूर खड़े थे। ट्रक चालक चंदन, चालक संजीव, चालक रामबचन ने आरोप लगाया कि एफसीआई के कर्मचारी ट्रकों पर आनाज लोड करने के लिए रिश्वत मांगते हैं। उन्होंने ऑन कैमरा बताया कि वे सुबह से खड़े हैं लेकिन उन्हें एंट्री नहीं दी गई, जबकि बाद में आए कई ट्रक वालों को एफसीआई के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने एंट्री दी और वे अनाज लेकर चले गए। वहां खड़े मजदूरों के ठेकेदारों जावेद, इमरान, वसीम, मदनलाल रोशन राम ने बताया कि 11 बजे तक कांटे पर कर्मचारी नहीं होते। जबकि इन्हें लॉकडाउन में 9रू30 ही आनाज लोड कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें साबुन, सेनिटाइजर, मास्क भी नहीं दिए जाते।

एफसीआई बोला- आरोप गलत, ट्रक चालक अन्य कारण से गोदाम के अंदर नहीं आए होंगे
एफसीआई में डिप्टी जनरल मैनेजर और इंचार्ज (ओखला) बलंवत सिंह ने बताया कि ट्रक ड्राइवरों के आरोप गलत हैं कि अनाज भरने के लिए कर्मचारी पैसे मांगते हैं। जो ट्रक जिस क्रम से आता है उसे उसी आधार पर अनाज लोड करने के लिए एंट्री दी जाती है। किसी को दिक्कत नहीं हो इसलिए हमने गेट के कर्मचारी का लंच टाइम 1.50-2.00 बजे रखा है। अंदर कांटे के कर्मचारी का लंच टाइम 2.00 -2.30 बजे है ताकि जो ट्रक अंदर जाए उसमें अनाज लोड कर बाहर भेज दे। हम प्राइवेट ट्रक लोड-अनलोड करने वाले कर्मचारियों को भी मास्क, साबुन भी उपलब्ध करवाए हैं। जबकि यह समान ठेकेदार को उपलब्ध कराने चाहिए। जो चालक 2:30 बजे तक अंदर नहीं आ सके वे अन्य कारण से नहीं आए होंगे।

डीएसआरडीएस ने खाद्य विभाग पर फोड़ा ठीकरा
यह खाद्य विभाग की कुव्यवस्था है। 1517 राशन की दुकानों पर ‘सीएम किट’ अभी तक नहीं पंहुची है। 40 प्रतिशत से अधिक दुकानों पर पूरा राशन भी नहीं आया है। 60 से अधिक विधायकों ने 27 अप्रैल को ही वॉटसएप मैसेज कर सीएम किट और राशन आने की सूचना दे दी थी। इससे दुकानों पर भीड़ लग गई और कई जगह पुलिस की भी मदद लेनी पड़ी। सभी दुकानों पर राशन बंटने में अभी दो दिन का वक्त और लग सकता है।
-शिव कुमार गर्ग, अध्यक्ष, डीएसआरडीएस, दिल्ली

‘एफसीआई में भ्रष्टाचार के हम भी शिकार’
दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन सभी 70 सर्कलों में एफसीआई के गोदामों से राशन पंहुचाने के लिए टेंडर जारी करती है। एफसीआई में काफी भ्रष्टाचार है। इसका शिकार मैं ओखला एफसीआई केंद्र पर हो रहा हूं। मेरे ट्रक ड्राइवरों के अनुसार बड़ी ट्रकों का 1500 और छोटी ट्रकों में माल भरने के लिए 500 रुपए एफसीआई के कर्मचारी रिश्वत मांगते हैं।
- कैलाश अग्रवाल, दिल्ली स्टेट ट्रांसपोर्ट कंपनी, ओखला



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आेखला स्थित एफसीआई के गोदाम के बाहर मौजूद ट्रक चालक और मजदूर।


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कोरोना मरीज 3515, 24 घंटे में 76 नए मरीजों की पुष्टि 3 लोगों की मौत

कोरोना मरीज 3515, 24 घंटे में 76 नए मरीजों की पुष्टि 3 लोगों की मौत

दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा साढ़े तीन हजार के पार पहुंच गया है। 24 घंटे में 76 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इस दौरान तीन मरीजों की मौत भी हो गई। मौत का अंकड़ा बढ़कर 59 पहुंच गया है।
कोरोना के संबंध दिल्ली सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार तक दिल्ली में 1094 मरीज ठीक हुए। 24 घंटे में सिर्फ 2 मरीज ही ठीक हुए। कोरोना से मौत 59 हैं। एक्टिव केसों की तादाद 2362 है। कुल 3515 मरीजों में से 2352 की उम्र 50 साल से कम है। 612 की उम्र 60 और उससे ज्यादा है, जबकि 551 की उम्र 50-59 साल के बीच है। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना से मरने वाले 59 में से 51 पहले से बीमार थे। सरकार ने कोरोना की मृत्यु दर 1.68 फीसदी बताई है।

इसमें से 5.06 फीसदी 60 और उससे ज्यादा उम्र के हैं। 3.27 फीसदी 50-59 साल के हैं। 0.43 फीसदी 50 और उससे कम उम्र के हैं। दिल्ली के अस्पतालों में कुल 825 कोरोना मरीज भर्ती हैं। इनमें से आईसीयू में 53 और वेंटिलेटर पर 5 मरीज हैं। सबसे ज्यादा लोकनायक में 276 मरीज भर्ती हैं। कोरोना केयर सेंटर में 1022 भर्ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा नरेला में 473 हैं। यहीं मरकज के लोगों को भी रखा गया है। दिल्ली में 100 कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें 6972 के सैंपल जांच के लिए लिए हैं। अभी तक यहां 381 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कंटेनमेंट जोन में 5 लाख से ज्यादा को कवर किया हुआ है।

इधर, जीबी पंत अस्पताल का डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव, रिपोर्ट आने तक करता रहा ड्यूटी

जीबी पंत अस्पताल का एक डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव आया है। इससे पहले अस्पताल की नर्स भी कोरोना पॉजिटिव आ चुकी है। गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टर के संपर्क में आए सभी डॉक्टर की लिस्ट बनाकर प्रशासन को भेज दी गई है। इनकी कोरोना जांच कराने के लिए भी कहा है। डॉक्टर ने जहां ड्यूटी की थी उसे भी सेनेटाइज करने के लिए विभाग प्रमुख ने प्रशासन को लिखा है। डॉक्टर के बारे में बताया जा रहा है कि उसे करीब एक सप्ताह से सांस लेने में परेशानी हो रही थी।

इसके बाद 27 अप्रैल को उसका टेस्ट हुआ, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को आई जिसमें वह पॉजिटिव था। डॉक्टर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक ड्यूटी करता रहा। प्रशासन की इस लापरवाही पर अस्पताल की नर्स एसोसिएशन ने सवाल खड़े किए हैं। एसोसिएशन ने अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर को चिट्‌ठी लिख कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। नर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लीलाधर रामचंदानी ने कहा कि यह लापरवाही है।

एम्स में रोगी सहायक समेत 4 कोरोना पॉजिटिव
एम्स में गुरुवार को एक रोगी सहायक समेत 4 कर्मचारियों को कोरोना इंफेक्शन की पुष्टि हुई। इन्हें मिलाकर अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव कर्मचारियों की तादाद 20 पहुंच गई है। इसमें एक डॉक्टर और 8 सुरक्षाकर्मी हैं। हिंदूराव अस्पताल में एक और नर्स कोरोना पॉजिटिव आई है। नर्स की रिपोर्ट गुरुवार को आई थी। अभी 42 कर्मचारियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। पटपड़गंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी चेस्ट अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग के डॉक्टर में कोरोना इंफेक्शन की पुष्टि हुई है। अस्पताल ने डॉक्टर के संपर्क में आए कर्मचारियों की लिस्ट बनानी शुरू कर दी है।

आंबेडकर अस्पताल बंद कर सभी कर्मचारियों की कोरोना जांच की मांग

आंबेडकर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों के तेजी से कोरोना पॉजिटिव आने के कारण अस्पताल को तुरंत बंद कर सभी कर्मचारियों का टेस्ट कराने की मांग मुख्यमंत्री केजरीवाल से की गई है। फेडरेशन ऑफ दिल्ली नर्सेस की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखी चिट्‌ठी में कहा गया है कि अस्पताल में गुरुवार तक 50 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। अस्पताल में और संक्रमण फैलने का खतरा है। अन्य कर्मचारियों में डर का माहौल है। इसलिए अस्पताल को बंद कर सभी कर्मचारियों की जांच कराई जाए।



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जीबी पंत अस्पताल का डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव, रिपोर्ट आने तक करता रहा ड्यूटी


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दिल्ली में गुरुवार शाम को बदला मौसम, धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी होने के कारण मिली गर्मी से राहत

दिल्ली में गुरुवार शाम को बदला मौसम, धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी होने के कारण मिली गर्मी से राहत

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ऊपर 25 डिग्री दर्ज किया गया। ये चालू सीजन या इस साल की सबसे गर्म रात रही। अधिकतम तापमान में भी वृद्धि देखने को मिली और तापमान 38.8 डिग्री पहुंच गया। पालम केंद्र पर अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली की हवा में नमी की मात्रा 40-79 फीसदी के बीच रही। शाम को मौसम बिगड़ा दिल्ली के तमाम इलाकों में तेज हवा में धूल-धक्कड़ से आसमान में अंधेरा सा भी छाया। तो वहीं गाजियाबाद और नोएडा में तेज आंधी चली जिसमें कुछ जगह पेड़ भी गिरे। तेज हवा के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश और ओले भी पड़े।

दिल्ली-एनसीआर में अगले 2 दिन तक प्रदूषण में सुधार की संभावना नहीं

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को प्रदूषण की मात्रा में तापमान बढ़ने के साथ वृद्धि देखने को मिली। दिल्ली में 138 एक्यूआई, फरीदाबाद में 169, गाजियाबाद में 124, ग्रेटर नोएडा में 111, गुड़गांव में 166 और नोएडा में 114 दर्ज किया गया। प्रदूषण की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी सफर के अनुसार अगले दो दिन भी प्रदूषण में कोई सुधार की बड़ी संभावना नहीं है। मॉडरेट श्रेणी में ही हवा रहेगी।दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को प्रदूषण की मात्रा में तापमान बढ़ने के साथ वृद्धि देखने को मिली।

दिल्ली में 138 एक्यूआई, फरीदाबाद में 169, गाजियाबाद में 124, ग्रेटर नोएडा में 111, गुड़गांव में 166 और नोएडा में 114 दर्ज किया गया। प्रदूषण की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी सफर के अनुसार अगले दो दिन भी प्रदूषण में कोई सुधार की बड़ी संभावना नहीं है। मॉडरेट श्रेणी में ही हवा रहेगी।

3 से 6 मई के बीच लगातार बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 1-2 मई को तापमान में एक डिग्री की वृद्धि के साथ पारा 40 डिग्री पहुंचेगा। फिर 3 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण 6 मई तक लगातार धूल उड़ाने वाली 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक हवा चलेगी। तेज हवा के साथ लगातार 4 दिन हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने बारिश की संभावना का प्रतिशत 60 फीसदी से ऊपर बताया है। 6 मई को फिर वापस 36 डिग्री तक आ जाएगा।



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Weather changed in Delhi on Thursday evening, relief from heat due to light drizzle with dust storm


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पायलट की समझदारी से पालम एयरबेस पर टला हादसा, टायर में गड़बड़ी के बाद रद्द किया टेक-ऑफ

पायलट की समझदारी से पालम एयरबेस पर टला हादसा, टायर में गड़बड़ी के बाद रद्द किया टेक-ऑफ

दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पायलट की समझदारी से हादसा होने से टल गया। भारतीय वायु सेना ने जानकारी दी कि गुरुवार को एक डोर्नियर विमान पालम एयर बेस से नियमित उड़ान भरने के लिए तैयार था। लेकिन टेक-ऑफ रोल के दौरान पायलट को विमान ने एक टायर में गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। पायलट ने तुरंत टेक ऑफ रद्द करने का निर्णय लिया जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
जानकारी के मुताबिक विमान और चालक दल सुरक्षित है और किसी भी तरह की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। भारतीय वायु सेना के तकनीकी दल द्वारा विमान को तुरंत रनवे से हटा लिया गया।



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Pilot sensibly postponed to Palam airbase, canceled take-off after tire disturbances


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लॉकडाउन के 15 दिन मेंं 155 शराब तस्कर अरेस्ट

लॉकडाउन के 15 दिन मेंं 155 शराब तस्कर अरेस्ट

कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन लागू है। इसके बावजूद दिल्ली में अवैध शराब की तस्करी जारी है। दिल्ली पुलिस ने 1 से 15 अप्रैल के बीच शराब तस्करों के खिलाफ 147 मामले दर्ज कर करीब 155 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शराब तस्करों से करीब 18556 अवैध शराब की बोतलें बरामद की गई है।

ज्यादातर मामलों में तस्कर हरियाणा से शराब लाकर दिल्ली में ऊंचे दामों में बेच रहे हैं।लॉक डाउन होने की वजह से दिल्ली में शराब की दुकानें बंद है। ऐसे में तस्कर हरियाणा से चोरी छिपे अवैध शराब लाकर दिल्ली में उसे सप्लाई कर रहे हैं। तस्कर दिल्ली में ऊंचे दामों में शराब बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।शराब तस्कर खुलेआम काम कर रहे हैं इसका अंदाजा अप्रैल के पहले पखवाड़े में दर्ज आबकारी अधिनियम के मामलों को देखकर लगाया जा सकता है।शराब तस्करी के ज्यादातर मामले बाहरी, बाहरी नार्थ, द्वारका, रोहिणी, उत्तर पश्चिम और पश्चिम जिले में सामने आए हैं। इन्हीं जिलों में ज्यादातर तस्करों की गिरफ्तारी और इनसे शराब की बरामदगी हुई।



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क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद को भेजा चौथा नोटिस, टेस्ट की रिपोर्ट मांगी

क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद को भेजा चौथा नोटिस, टेस्ट की रिपोर्ट मांगी

निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज का मुखिया मौलाना साद पिछले 32 दिनों से फरार चल रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच टीम भी मौलाना साद की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। लेकिन अभी भी साद पुलिस की पहुंच से दूर है। पुलिस सूत्राें का कहना है कि जब भी क्राइम ब्रांच की जांच टीम छापेमारी करती है, साद को उसकी सूचना पहले ही मिल जाती है। जिससे वह अपना ठिकाना बदल देता है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस से बचने के लिए साद अपना हुलिया भी बदल सकता है।

हालांकि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अब चौथा नोटिस जारी किया है। जिसमें पूछा गया है कि कोरोना वायरस का सरकारी अस्पताल में टेस्ट कराया है या नहीं। टेस्ट कराया है तो उसकी रिपोर्ट अब तक क्राइम ब्रांच को क्यों नहीं सौपी गई है। जबकि मौलाना साद का दावा है कि उसने 2 बार कोरोना टेस्ट करवाया है, दोनों ही रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। साद के मुतािबक इसमें से एक टेस्ट निजी लैब, लाल पैथोलॉजी में कराई गई है।सूूत्रों का कहना है कि मौलाना साद लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहा है। लॉकडाउन खुलने से सबसे पहले वह कोर्ट से जमानत लेने की कोशिश करेगा।
निजामुद्दीन, शामली, आयानगर, शाहीनबाग सहित कई इलाकों में चलाया गया था सर्च ऑपरेशन
क्राइम ब्रांच की टीम अब तक निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज स्थित ऑफिस के साथ ही कैरोना, जामिया नगर, आयानगर के साथ ही उसके पैतृक आवास शामली में छापे मार चुकी है। दिल्ली में जाफराबाद, जामा मस्जिद एरिया और शाहीनबाग इलाके में भी पुलिस सर्च ऑपरेशन चला चुकी है। पुलिस को अब तक कुछ सीसीटीवी फुटेज, कुछ धार्मिक किताबें व कुछ वीडियो भी बरामद हुए हैंे।



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Crime Branch sends fourth notice to Maulana Saad, seeks test report


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वजीराबाद में लैब टेक्नीशियन ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

वजीराबाद में लैब टेक्नीशियन ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

वजीराबाद इलाके के संगम विहार में मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट के लैब टेक्नीशियन ने फांसी का फंदा लगाकर खु़दकुशी कर ली। मृतक की पहचान विजेंद्र सिंह (53) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने घटना के बारे में विजेंद्र के परिजनों को सूचना दे दी है।

उनके आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल वजीराबाद थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। विजेंद्र वजीराबाद इलाके के संगम विहार में रहता था। बुधवार शाम को उसने अपने क्वार्टर के पंखे से लटकर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से परेशान चल रहा था।



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आजादपुर मंडी में कोरोना संक्रमण के 4 नए मामले आए सामने, 43 को मंडी में ही किया क्वारेंटाइन

आजादपुर मंडी में कोरोना संक्रमण के 4 नए मामले आए सामने, 43 को मंडी में ही किया क्वारेंटाइन

देश की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को यहां और 4 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। आधिकारिक तौर पर मंडी में अब तक 15 कारोबारी और मजदूर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि एक व्यापारी के मुताबिक 28 में कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी है। अभी तक 13 दुकानें सील कर दी गई हैं और 43 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। इस बीच मंडी ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, नासिक से आने वाली सब्जियांे और फल की आवक में कमी में देखने को मिली है।

उत्तरी दिल्ली के डीएम दीपक शिंदे ने कहा है कि प्रशासन ने 116 टेस्ट मंडी के कारोबारी व मजदूरों के कराए हैं जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। डीएम के मुताबिक, ये लोग सीधे तौर पर मंडी से नहीं जुड़े थे। मंडी में बड़े स्तर पर कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक आदेश जारी कर मंडी में डॉक्टर और स्वास्थकर्मी की टीम को जांच के लिए मंडी में तैनात रहने का आदेश जारी किया गया है।

इसबीच, आजादपुर मंडी को लगातार सेनेटाइज किया जा रहा है। मंडी आने वाले सभी मजदूर, व्यापारी, ड्राइवर और किसानों को मास्क दिया जा रहा है, पूरी मंडी में सफाई अभियान चलाकर मंडी को रोजाना दो समय साफ किया जा रहा है और सभी को सेनिटाइज करने का काम रोजाना जारी है।
मंडी में कोरोना की जांच के लिए डॉक्टर्स की दो टीमें तैनात

दिल्ली सरकार ने मंडी में व्यापारियों के बीच भय को देखते जांच के लिए दो मेडिकल टीमों की तैनाती कर दी है। चार चार सदस्यों की टीम वहां लोगों की जांच करेगी। इससे पहले एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स मार्केटिंग कमेटी आजादपुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर मंडी में दहशत की बात कही थी।

तीन केस मिलने पर कॉलोनी सील हो रहीं तो मंडी क्यों नहीं: विज

फल व्यापारी अशोक विज का कहना है कि कॉलोनी में कोरोना पॉजिटिव केस आता है तो कई गलियां तीन केस में बंद कर देते हैं। यहां मंडी में बड़ी संख्या में केस आ रहे हैं तो फिर इसे बंद क्यों नहीं करते। मंडी 14 दिन बंद करके सेनिटाइजेशन करनी चाहिए।

कोरोना संक्रमण के डर के कारण लोग मंडी नहीं आ रहे: फल व्यापारी

आजादपुर मंडी के फल व्यापारी अशोक विज(रिंकू) का कहना है कि 4 दिन बाद गुरुवार को अनार की गाड़ी आई थी। वो भी नहीं बिका। वो कहते हैं कि जब से मंडी में कोरोना पॉजिटिव केस निकला है तब से माल मंगाना कई आढ़तियों ने बंद कर दिया। अनार की कीमत अभी 200-650 पेटी जिसमें 7-9 किलो माल होता है। अंगूर करीब-करीब बंद है जो महाराष्ट्र से आता था। नासिक का जो अंगूर आ रहा है, वो बिक नहीं रहा है। सेब करीब-करीब खत्म हो रहा है।

रमजान के महीने में फ्रूट बिकता था लेकिन इस बार बिक्री कम है क्योंकि लोग पहले घर की बहुत जरूरी चीज खरीद रहे हैं, फल प्राथमिकता में नहीं है। अशोक विज बताते हैं कि डर के कारण व्यापारी व खरीददार मंडी नहीं आ रहे हैं। आलू-प्याज व्यापारी एसोसिएशन के राजेंद्र शर्मा कहते हैं कि नींबू और लहसुन नहीं आ रहा है। नींबू दक्षिण भारत से आ रहा था।
इधर, फल-सब्जियों की ‌आवक के साथ ही खरीददारों की भी कमी
देश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर में कोरोना का कहर दिखने लगा है। ना सिर्फ आवक में 2000-3000 हजार टन तक फल-सब्जी की कमी आई है बल्कि खरीददार भी मंडी में घटे हैं। फल में अनार-अंगूर और सब्जी में नींबू-लहसुन ना के बराबर आ रहा है। कई तरह की सब्जी व फल आने के बाद बिक नहीं रहे हैं। गुरुवार को अनार 4 दिन बाद आया था लेकिन पूरा माल नहीं बिका। आलू-प्याज भी आवक कम होने के बावजूद बचा हुआ है।

आलू-प्याज व्यापारी एसोसिएशन के राजेंद्र शर्मा का कहना है कि आलू के 20 ट्रक और प्याज के 22 ट्रक आए जो पहले 25-27 ट्रक दोनों के आते थे। लॉकडाउन के पहले इनकी संख्या 70-90 ट्रक तक रहती थी। प्याज की कीमत में मामूली वृद्धि और आलू में 2-3 रुपए किलो की वृद्धि देखने को मिली है। इसबीच, हरी सब्जियों की कीमतों में इजाफा की खबरें हैं। कई जगहों पर सब्जियां ऊंचे दाम में बिके।



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आजादपुर मंडी में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले आने के बाद माल की आवक के साथ ही खरीददार भी कम पहुंच रहे हैं। गुरुवार को मंडी का कुछ ऐसा था नजारा।


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पुराने मरीजों को फोन कर इलाज देगा एम्स, 9115444155 पर फोन कर लें अपॉइंटमेंट

पुराने मरीजों को फोन कर इलाज देगा एम्स, 9115444155 पर फोन कर लें अपॉइंटमेंट

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पुराने मरीजों का फोन के जरिए इलाज कर रहा है। अभी तक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले को ही इलाज मिल रहा था। प्रशासन ने मरीजों के लिए फोन के जरिए अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा शुरू की है। ऐसे मरीज जिनका एम्स में इलाज चल रहा है और वह डॉक्टर से बात करना चाहते हैं वे 9115444155 पर फोन कर टेली कंसलटेशन के लिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

इधर, दो दिन में शुरू होगी सिर्फ बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन 1077

बुजुर्गों के लिए सरकार की हेल्पलाइन सेवा 1077 हाजिर रहेगी। डिप्टी कमिश्नर (मुख्यालय) को उचित इंतजाम करने होंगे, ताकि 24 घंटे में कभी भी बुजुर्ग हेल्पलाइन पर फोन करें तो उन्हें सहायता मिले। मुख्य सचिव विजय देव ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था कि दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन सुविधा शुरू नहीं की है, जबकि दिल्ली पुलिस ने कर दी है। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया था कि अगले दो दिनों में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।



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मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट करके दी जानकारी, दो हॉटस्पॉट बने ग्रीन जोन

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट करके दी जानकारी, दो हॉटस्पॉट बने ग्रीन जोन

दिल्ली में अब कोरोना हॉटस्पॉट कंटेनमेंट जोन की संख्या 100 से घटकर 98 रह गई है। गुरुवार को कोई नया कंटेनमेंट जोन नहीं बना और पहले से बने पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस-एक स्थित वर्धमान अपार्टमेंट और दक्षिण पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश के ई ब्लॉक को डी-कंटेनमेंट जोन में तब्दील करके ग्रीन जोन बना दिया गया। वर्धमान अपार्टमेंट 2 अप्रैल कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया गया था जिसमें 102 फ्लैट्स हैं।

यहां प्रशासन ने 213 लोगों को स्क्रीन या टेस्ट किया जिसमें सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्धमान अपार्टमेंट में कोई नया केस नहीं आने और डि-कंटेनमेंट जोन बनाए जाने की जानकारी ट्वीट करके दी। तर्क दिया गया यहां भी ऑपरेशन शील्ड को सफलता मिली है। 16 अप्रैल को मरीज गुड़गांव के अस्पताल से डिस्चार्ज भी हो गया था लेकिन दिशा निर्देशों को पूरा करने के लिए 30 अप्रैल को यहां के अतिरिक्त बंधन को खत्म किया गया।

साउथ ईस्ट दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश के ई ब्लॉक में ई-284 से ई 294 तक कंटेनमेंट जोन 12 अप्रैल को बनाया गया था। यहां भी कोई नया केस नहीं आया जिसकी वजह से अब इस जोन को डि-कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। दिल्ली में सबसे पहले पूर्वी दिल्ली के मनसारा अपार्टमेंट को ग्रीन जोन में तब्दील किया गया था। अब दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या 98 बची है।



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सफदरजंग अस्पताल में कोरोना से लड़ रहे डॉक्टर पूरे सप्ताह पहन रहे एक ही मास्क और पीपीई किट

सफदरजंग अस्पताल में कोरोना से लड़ रहे डॉक्टर पूरे सप्ताह पहन रहे एक ही मास्क और पीपीई किट

(तोषी शर्मा)‘एन-95 मास्क नॉट अवेलेबल इन स्टोेर’। सफदरजंग अस्पताल में ऐसा ही नोटिस चस्पा है। कोरोना वायरस से सीधे जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं को मास्क तक नसीब नहीं हो रहे हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर किन मुश्किल हालातों के बीच काम करने को मजबूर हैं। मास्क की कमी डॉक्टरों के लिए जान का खतरा होने के साथ-साथ सरकारी सिस्टम और कोरोना महामारी से निपटने के लिए की गई सरकारी तैयारियों की भी पोल खोल रही है।

सूत्रों के मुताबिक सफदरजंग अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर एक ही पीपीई किट और मास्क को सात दिन तक पहनना पड़ रहा है। ऐसे में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा लगातार बना हुआ है। अस्पताल के कई डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। अस्पताल के मेडिसिन वार्ड के तीन डॉक्टर मंगलवार को ही कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। उसी वार्ड के बाहर एन-95 मास्क नॉट अवेलेबल इन स्टोर का नोटिस चस्पा किया हुआ है। ताकि अलग-अलग शिफ्ट में आ रहे डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मास्क की मांग न कर सकें।

कोविड-19 का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकों को एक ही पीपीई किट और मास्क को मजबूरन एक सप्ताह तक इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसका विरोध करने और इस तरह की बात लीक करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। इसके लिए बाकायदा इंटरनल आदेश भी जारी किए गए हैं।

सिंगल टाइम यूज पीपीई को लगातार पहनने से भी फैल रहा है संक्रमण

कोविड-19 वार्ड में पॉजिटिव मरीजों का इलाज के दौरान चिकित्सक मरीज की एडमिट फाइल में नोट डालता है। उस रजिस्टर को नर्सिंग स्टाफ उठाकर ले जाता है। उस फाइल को फिर से ऑनलाइन डाटा एंट्री के लिए डाटा ऑपरेटर ने यूज किया। फिर वही फाइल दोबारा मरीज के बेड पर पहुंच जाती है। ऐसे में कोरोना मरीज की फाइल डॉक्टर समेत कई लोगों के संपर्क में आई। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।

दूसरा कारण डॉक्टर ओपीडी में जो मास्क पहनकर कई मरीजों को देखता है, उसमें से अगर कोई कोरोना संक्रमित होता है। और दूसरे मरीज के संपर्क में आता है तो उसमें संक्रमण फैलने का कारण बनता है। वहीं एक ही पीपीई किट को सात दिन तक पहनने से भी संक्रमण फैल रहा है। क्योंकि ये एयरटाइट होने के साथ ही सिंगल टाइम यूज है।
^अस्पताल में कोवि़ड-19 का इलाज कर रहे डॉक्टरों के लिए पीपीई किट और एन-95 मास्क की कमी होने की बात जानकारी में नहीं है। इस बारे में पता करवाता हूं, जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई और जिन उपकरणों की कमी है, उसको उपलब्ध करवाया जाएगा।
- दिनेश नारायन, पीआरओ, सफदरजंग अस्पताल



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Doctors fighting corona at Safdarjung Hospital wearing same mask and PPE kit all week


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कोटा में फंसे छात्रों को जल्द वापस लाएगी दिल्ली सरकार, विदेशों में फंसे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए जारी किया फार्म लिंक

कोटा में फंसे छात्रों को जल्द वापस लाएगी दिल्ली सरकार, विदेशों में फंसे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए जारी किया फार्म लिंक

केंद्र सरकार की तरफ से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर और छात्रों को अपने राज्य आने के लिए जारी दिशा-निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कोटा में फंसे छात्रों को जल्द दिल्ली वापस लाने की व्यवस्था सरकार कर रही है। तो वहीं स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि गाइडलाइंस के हिसाब से दूसरे राज्यों के जो मजदूर दिल्ली में फंसे हुए हैं, उन्हें वापसी भेजने के लिए सरकार दूसरे संबंधित राज्यों से बातचीत कर रही है। जो के भेजने की प्रक्रिया है उसमें दिल्ली सरकार को मजदूरों के स्वास्थ्य जांच की स्क्रीनिंग करनी है और संबंधित राज्य उनके लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करेंगे।

आप विदेश में फंसे हैं तो ऑनलाइन फार्म भरकर दें जानकारी, दिल्ली सरकार ने लांच किया ऑनलाइन फार्म

दिल्ली सरकार ने विदेश में फंसे दिल्ली के निवासी या छात्रों की जानकारी जुटाने के लिए https://ift.tt/2yW9sj6 लिंक जारी किया है। अगर कोई दिल्ली का नागरिक विदेश में फंसा है तो वो खुद या परिवार का अन्य सदस्य इसकी जानकारी उस फार्म में भर सकता है।

जानिए... कौन-कौन सी जानकारियां करानी पड़ेगी उपलब्ध

फार्म में नाम, उम्र, अभी किस देश में हैं, उस देश के रिहायश का पता, वीजा किस टाइम का है और कब एक्सपॉयर होगा, विदेश क्यों गए थे, दिल्ली में क्या काम करते हैं, कोरोना या किसी अन्य बीमारी से अभी पीड़ित तो नहीं हैं। दिल्ली का रिहायशी पता, खुद का मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, दिल्ली में किसी का संपर्क है तो वो लिखें, पासपोर्ट नंबर और उसकी फोटो कॉपी अटैच करने के साथ ही 100 शब्दों में कोई रिमार्क लिखना चाहते हैं तो वो लिखकर जमा कर सकते हैं। फार्म भरने में किसी तरह की दिक्कत होने पर +919717999263 पर भारतीय समय के अनुसार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

अभी डेटा नहीं उपलब्ध

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि अभी दिल्ली के कितने लोग कोरोना बीमारी के कारण विदेशों में कहां-कहां फंसे हुए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। फिर लोग खुद जानकारी भरेंगे तो उसके हिसाब से आगे कोई फैसला लिया जाएगा।

जुटाई जाएगी जानकारी

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि छात्र कोटा या अन्य जगह कहां कितने हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी। चूंकि कोटा में फंसे छात्रों को लेकर शिकायतें या गुहार पहले भी सोशल मीडिया पर आई हैं इसलिए सबसे पहले वहां के छात्रों को लाने की व्यवस्था होगी।



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Delhi government will soon bring back students stranded in Kota, form link issued to collect information about people trapped abroad


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कोरोना से आरएमएल अस्पताल की हालत डाउन, अब सफदरजंग व लेडी हार्डिंग रेफर करेंगे मरीज

कोरोना से आरएमएल अस्पताल की हालत डाउन, अब सफदरजंग व लेडी हार्डिंग रेफर करेंगे मरीज

केंद्र सरकार का राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में कोरोना से मौतों का हॉट-स्पॉट बन गया है। राजधानी में कोरोना से अब तक हुईं 59 में से 26 मौत अकेले इस अस्पताल में हुई हैं। यहां ज्यादा मौतों का कारण अस्पताल पर सीरियस मरीजों का ज्यादा दबाव बताया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी यह बात मानी है कि अस्पताल पर सीरियस मरीजों का ज्यादा दबाव है।
दिल्ली में सबसे पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों का इलाज होना शुरू हुआ था। केंद्र सरकार ने यहां आइसोलेशन वार्ड बनाया था। इसके बाद सफदरजंग, लेडी हार्डिंग, लोकनायक, राजीव गांधी आदि अस्पतालों में कोरोना के इलाज की व्यवस्था हुई। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना वार्ड तो है लेकिन इसकी क्षमता कम है। 50 से ज्यादा मरीज यहां कभी भर्ती नहीं रहे लेकिन यहां कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा ज्यादा है। दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार तक 59 मौतों में से अकेले इस अस्पताल में 26 मौत हुई हैं। अ

स्पताल प्रशासन का कहना है कि बहुत से मरीज बहुत क्रिटिकल कंडीशन में अस्पताल में आए इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल पर कोरोना के सीरियस मरीजों का ज्यादा दबाव होने की बात केंद्र सरकार ने भी मानी है। इसके चलते सरकार ने आरएमएल को यह अधिकार दिया है कि वह सीरियस मरीजों को सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पताल के लिए रेफर कर सकते हैं और इन अस्पतालों को वह मरीज लेना होगा।

बदलाव :अब तीनों अस्पतालों पर मरीजों का बराबर दबाव आएगा

केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है ऐसा जानकारी में आया है कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल, सफदरजंग और लोकनायक से जैसे सीरियस मरीज या फिर कई बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं। थोड़ी बहुत ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज को भी मना किया जा रहा है। इसकी वजह से राम मनोहर लोहिया अस्पताल पर सीरियस मरीजों के इलाज का ज्यादा दबाव होता है।

आदेश में कहा गया है कि आरएमएल तो 100 फीसदी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अन्य अस्पताल सिर्फ 40-50 फीसदी। इसे ध्यान में रखते हुए सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पताल को सलाह दी जाती है कि वह आरएमएल की ओर से रेफर किए गए मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करें, ताकि तीनों अस्पतालों पर मरीजों का बराबर दबाव आए।
कोरोना के इलाज के लिए 2 और प्राइवेट अस्पतालों को मंजूरी

प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए बिस्तरों की कमी के कारण दो और प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना के लिए तय किया है। इसमें एक सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल (120 बिस्तर) और महा दुर्गा चैरिटेबल हॉस्पिटल (100 बिस्तर) को कोरोना इलाज के लिए तय किया है। इन दोनों प्राइवेट अस्पताल में एडमिशन लेने वालों को खर्च का भुगतान खुद ही करना होगा।

इधर, दिल्ली सरकार ने जारी किया आदेश :निजी अस्पताल या क्लीनिक में इलाज के लिए मना किया तो होगी कार्रवाई

इलाज के लिए मना करने वाले प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक की अब खैर नहीं। इस संबंध दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से सख्त आदेश जारी किया गया है। इसमें कड़ी कार्रवाई करने की बात की गई है। इससे पहले सरकारी अस्पतालों के लिए भी यह आदेश निकल चुका है। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक लोगों का इलाज नहीं कर रहे। खासतौर पर डायलिसिस, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, कीमोथैरेपी और प्रसव कराने में आनाकानी कर रहे हैं। इसके पीछे वह कोरोना संक्रमण होने को कारण बताते हैं।

आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से सख्त हिदायत है कि लॉकडाउन के समय जरूरी चीजों में हेल्थ सर्विस टॉप पर हैं। नॉन कोविड मरीजों को इस दौरान इलाज मिलने में दिक्कत नहीं आने चाहिए इसलिए यह संचालित रहें। मगर पता चल रहा है कि प्राइवेट अस्पताल इलाज के लिए मरीजों को मना कर रहे हैं और मरीजों को दिक्कत हो रही है। कुछ डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद भी कर रखे हैं। मगर अब इलाज के लिए मना करना और संस्थान अस्पताल या क्लीनिक चालू नहीं रहने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्पतालों में कोरोना मरीजों की डेथ

अस्पताल मौत
अपोलो 7
लोकनायक 5
सफदरजंग 4
एम्स 2
राजीव गांधी 2
मैक्स 2
गंगाराम 1
अन्य या घर 10

अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए विशेष वार्ड भी है

^अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए विशेष वार्ड है। यहां आने वाले मरीजों के लिए इलाज के लिए डॉक्टर तय हैं। कई बार अस्पताल में आने वाले मरीज बहुत सीरियस होते हैं। डॉक्टर उनके इलाज में पूरी जान लगा देते हैं। मगर मरीज की स्थिति ऐसी होती है कि उस पर इलाज काम नहीं कर पाता। ऐसे में उसकी मौत हो जाती है।
स्मृति तिवारी, प्रवक्ता, आरएमएल



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Condition of RML Hospital from Corona is down, now Safdarjung and Lady Harding will refer patients


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बाड़मेर से बस में पंजाब जाने की परमिशन लेकर जा रहे मजदूरों को श्रीगंगानगर पुलिस ने रोका, अपने जिले से निकलने की नहीं दी अनुमति

बाड़मेर से बस में पंजाब जाने की परमिशन लेकर जा रहे मजदूरों को श्रीगंगानगर पुलिस ने रोका, अपने जिले से निकलने की नहीं दी अनुमति

एक तरफ राज्य सरकार जहां प्रवासी लोगों को अपने घर पहुंचाने का काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के जिले की सीमाओं पर लगे पुलिस नाके पर अपने घर जा रहे प्रवासी लोगों को बेवजह रोककर उन्हें परेशान करने का काम कर रहे हैं। ये राज्य सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।
पंजाब के तरनतारन जिले के कोटवाड़ा गांव निवासी जगरूप सिंह ने बताया कि वह गत दो-तीन माह से राजस्थान के बाड़मेर जिले में फसल कटाई के लिए गया हुआ था। लॉकडाउन के कारण वही फंस गया। काफी प्रयास के बाद वहां से घर वापसी के लिए शिव तहसील के तहसीलदार द्वारा घर वापसी के आदेश दिए और बस के लिए परमिशन भी दी।
वहां से बुधवार को रवाना हुए और गुरुवार सुबह जब अर्जुनसर पहुंचे तो जिले की सीमा पर श्रीगंगानगर जिले के राजियासर पुलिस ने यह कहकर रोक दिया कि आपको आगे नहीं जाने दिया जाएगा। हमारे पूछने पर उन्होंने यह कहकर यह रोक दिया कि पंजाब की सीमा पूरी तरह से सील की जा चुकी है। वहां किसी का प्रवेश नहीं होने दिया जा रहा है। इसलिए आपको वहां घुसने नहीं दिया जाएगा और आपको हमें श्रीगंगानगर में ही रखना पड़ेगा जो कि अब संभव नहीं है।
सूरतगढ़ उपखंड अधिकारी मनोज मीणा से बात करने पर उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि आप राजियासर थाना अधिकारी से बात करें। राजियासर थाना अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि पूर्व में पंजाब जाने वाली बसों को छूट दी गई थी। मगर पंजाब में उन्हें घुसने नहीं दिया गया और उन्हें श्रीगंगानगर में ही रखना पड़ा। चूंकि अब जिला प्रशासन से यह निर्देश आए हैं कि ऐसी बसों को जिले में भी प्रवेश नहीं दिया जाए इसी आधार पर इस बस को रोका गया है। बस में सवारी जगरूप सिंह ने बताया कि बस में कुल 33 सवारी है जिसमें 18 महिलाएं व 15 पुरुष और एक-दो बच्चे भी है।
सुबह बाड़मेर से 65000 रुपए में बस किराए पर करके लाए थे जिसका समय भी समाप्त होने वाला है। घर भी नहीं पहुंच पाएंगे और किराया भी बहुतलग जाएगा।

सूरतगढ़ एसडीएम आए मगर जाने नहीं दिया, अर्जुनसर में रुके हैं सभी मजदूर
मामला की जानकारी मिलने पर गुरुवार दोपहर बाद सूरतगढ़ एसडीएम मनोज मीणा, तहसीलदार रामस्वरूप मीणा व राजियासर एसएचओ सुरेश सियाग मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां जानकारी ली मगर किसी को भी अपने जिले से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। कुछ देर रुकने के बाद अपने जिले के जवानों को उन्हें वहीं रोकने के आदेश देकर चले गए। सूचना मिलने पर कस्बे के युवा वहां पहुंचे। उन्होंने उन सभी श्रमिकों की मदद की। उनके खाने-पीने की व्यवस्था की।



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Sriganganagar police stopped workers taking permission from Barmer to go to Punjab by bus, not allowed to leave their district


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वैष्णोदेवी में 35 पुजारियों को अनुमति, अब बारी-बारी से पांच-पांच करते हैं पूजा; 27 किमी लंबे पूरे ट्रैक का सैनिटाइजेशन कराया

वैष्णोदेवी में 35 पुजारियों को अनुमति, अब बारी-बारी से पांच-पांच करते हैं पूजा; 27 किमी लंबे पूरे ट्रैक का सैनिटाइजेशन कराया

(श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश जांगिड़ की भास्कर के लिए लाइव रिपोर्ट)देश में खास श्रद्धा स्थलों में से एक है माता वैष्णोदेवी का मंदिर। जम्मू में स्थित इस शक्तिपीठ पर शीश नवाने हर साल 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों यहां सन्नाटा है। कोरोना के चलते 18 मार्च से वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा स्थगित कर दी थी, लेकिन श्राइन बोर्ड जिम्मेदारी से कार्य को अंजाम दे रहा है। इसकी बागडोरश्राइन बोर्ड के सीईओ आईएएस रमेश कुमार जांगिड़ के हाथों में है। वे बाड़मेर (राजस्थान) के भियाड़ गांव के हैं। जांगिड़ ने बाड़मेर के दोस्त अली को ताजा हालात बताए।

उनके मुताबिक,मंदिर में 35 पुजारियों को ही मंदिर परिसर में जाने की अनुमति है। बारी-बारी से 5-5 पुजारी आरती करते हैं। पहले पिंडी दर्शन का सीधा प्रसारण होता था। अब सुबह-शाम की आरती और लाइव दर्शन कर पा रहे हैं। मंदिर तक 27 किमी ट्रैक सहित कटरा को सैनिटाइज किया गया है। जम्मू स्थित वैष्णवी धाम, कालिका धाम और सरस्वती धाम जहां 1 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था होती है, इसे 600बेड के क्वारैंटाइन सेंटर के लिए तैयार किया गया है।



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वैष्णोदेवी की फोटो आईएएस जांगिड़ ने उपलब्ध कराई। यह बुधवार की है।


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देश की पहली काेराेना मरीज उषा ने कहा- संक्रमण हुआ तो डर नहीं लगा, तीन हफ्ते में ही ठीक हो गई थी

देश की पहली काेराेना मरीज उषा ने कहा- संक्रमण हुआ तो डर नहीं लगा, तीन हफ्ते में ही ठीक हो गई थी

देश की पहली काेरोना मरीज केरल की मेडिकल छात्रा उषा राम मनोहर संक्रमण से उबरकर फिर से पढ़ाई में जुट गई हैं। 20 वर्षीय उषा ने बताया कि वह चीन के वुहान में अपने विवि की ऑनलाइन क्लासलेने के साथ खाना पकाने में मां का हाथ भी बंटा रही हैं। तीन महीने पहले जब कोरोना संक्रमित पाए जाने की पुष्टि हुई थी, तो भी डरी नहीं थीं। अस्पताल में ठीक होने में उषा कोतीन हफ्ते लगे। मेडिकल में तीसरे वर्ष की छात्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अब कैसी है उसकी लाइफ और क्या बदलाव आए...

‘सेमेस्टर खत्म होने के बाद छुट्टियों हाेने के कारण मैं वुहान विवि से केरल स्थित अपने घर लौटी थी। मुझे गले में खराश और सूखी खांसी थी। 30 जनवरी को मुझे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद मुझे त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया। तीन सप्ताह तक इलाज के बाद मुझे संक्रमण मुक्त पाया गया। 20 फरवरी को मुझे अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसके बाद मैंने जल्द ही अपनी ऑनलाइन कक्षाएं लेनी शुरू कर दीं। मेरी क्लास सुबह 5:30 बजे (चीन के समयानुसार सुबह 8 बजे) शुरू होती हैं और सुबह 9 बजे तक चलती हैं। बीच में 10 मिनट का अल्पावकाश मिलता है।

उषा ने कहा- विमान सेवाएं शुरू होने के बाद हीवुहान जा पाएंगे
यूनिवर्सिटीके फैकल्टी मेंबर्स में चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका के शिक्षक हैं, लेकिन हमारे संकाय सदस्य ज्यादातर चीन के हैं और वे अंग्रेजी में पढ़ाते हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्रों की वापसी पर क्लास नए सिरे से लगेंगी। लेकिन, अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं है। हमें बताया गया है कि शायद वुहान में अब कोई मरीज नहीं है, लेकिन विमान सेवाएं शुरू होना जरूरी है, तभी हम वहां जा सकेंगे।’



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यह फोटो केरल की है। यहां संक्रमण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक मिले 498 मरीजों में से 383 ठीक हुए, सिर्फ 4 मौतें हुईं। (फाइल)


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दुनिया में 32 लाख से ज्यादा संक्रमित और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंचा

दुनिया में 32 लाख से ज्यादा संक्रमित और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंचा

दुनिया में 32 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमण और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे हैं, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंच पाया है। वहां कोरोना का एक भी मामला नहीं मिला है। हालांकि, उत्तर कोरिया पर संशय हो सकता है। 29 अप्रैल तक की स्थिति में 247 देशों में से 215 में कोरोना फैल चुका है। ताजा नाम तजाकिस्तान का है, जहां गुरुवार को पहला मामला सामने आया।

9 देशों की आबादी एक लाख से ज्यादा

जिन 32 देशों में कोरोना अभी तक नहीं पहुंच पाया है, उनमें से 9 देशों की आबादी एक लाख से ज्यादा है। सबसे ज्यादा 2.57 करोड़ आबादी उत्तर कोरिया की है। हालांकि, वह चीन के करीब है और वहां की ज्यादा जानकारी बाहर नहीं आ पाती। ऐसे में वहां के आंकड़ों की जानकारी को लेकर संशय की स्थिति है। सबसे कम आबादी कोकोस आइलैंड की है।

ज्यादा आबादी वाले देश

  • उत्तर कोरिया- जनसंख्या 2.6 करोड़
  • तुर्कमेनिस्तान-जनसंख्या 60 लाख
  • लीसोथो-जनसंख्या 21.4 लाख
  • कोमोरोस-जनसंख्या 8.7 लाख
  • माइक्रोनेशिया-जनसंख्या 5.5 लाख

कम आबादी वाले देश

  • कोकोस आइलैंड- जनसंख्या 596
  • तोकलाऊ- जनसंख्या 1357
  • क्रिसमस आइलैंड- जनसंख्या 1402
  • नियू आइलैंड- जनसंख्या 1626
  • सेंट हेलेना- जनसंख्या 6077

इन 5 देशों ने संक्रमण पूरी तरह खत्म किया

  • अंगुला, ग्रीनलैंड, कैरिबियन आइलैंड, सेंट बार्ट्स एंड सेंट लूसिया और यमन।
  • 214 में से 166 देशों में कोरोना की वजह से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई।
  • ओशिनिया में 29 देशों और क्षेत्रों में से केवल 8 में संक्रमण के मामले आए हैं।


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जिन 32 देशों में कोरोना अभी तक नहीं पहुंच पाया है, उनमें से 9 देशों की आबादी एक लाख से ज्यादा है। सबसे ज्यादा 2.57 करोड़ आबादी उत्तर कोरिया की है। -प्रतीकात्मक फोटो


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भारत में हर 10 कैंसर मरीजों में से 7 की मौत हो जाती है, यहां एक डॉक्टर पर 2000 मरीजों का बोझ होता है

भारत में हर 10 कैंसर मरीजों में से 7 की मौत हो जाती है, यहां एक डॉक्टर पर 2000 मरीजों का बोझ होता है

पिछले दो दिनों में बॉलीवुड ने अपने दो बेहतरीन कलाकार खो दिए। दोनों को वह बीमारी थी, जो दुनिया की हर छठीमौत का कारण बनती है।ऋषि कपूर को ब्लड कैंसर था और इरफान खान को ब्रेन कैंसर। दोनों का इलाज देश में भी चला और विदेश में भी, लेकिन इलाज के 2 साल के अंदर ही दोनों की मौत हो गई।

हर साल देश और दुनिया में कैंसर से लाखों मौत होती हैं। डबल्यूएचओ के एक अनुमान के मुताबिक, 2018 में कैंसर से कुल 96 लाख मौतें हुईं थीं। इनमें से 70% मौतें गरीब देश या भारत जैसे मिडिल इंकम देशों में हुईं। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कैंसर से 7.84 लाख मौतें हुईं। यानी कैंसर से हुईं कुल मौतों की 8% मौतें अकेले भारत में हुईं।


जर्नल ऑफ ग्लोबल एंकोलॉजी में 2017 पब्लिश हुईएक स्टडी के मुताबिक, भारत में कैंसर से मरने वालों की दर विकसित देशों से लगभग दोगुनी है। इसके मुताबिक भारत में हर 10 कैंसर मरीजों में से 7 की मौत हो जाती है जबकि विकसित देशों में यह संख्या 3 या 4 है। रिपोर्ट में इसका कारण कैंसर का इलाज करने वाले डॉक्टरों की कमी बताया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2000 कैंसर मरीजों पर महज एक डॉक्टर है। अमेरिका में कैंसर मरीजों और डॉक्टरों का यही रेशियो 100:1 है, यानी भारत से 20 गुना बेहतर।


कम डॉक्टर होने के बावजूद भारत में कैंसर के कई बड़े अस्पताल हैं, जहां स्पेशलिस्ट और सुविधाएं बेहतर हैं। खाड़ी देशों समेत कई अफ्रीकी देशों के मरीज भी यहां इलाज के लिए आते हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि विकसित देशों के मुकाबले में भारत में कैंसर का बेहद सस्ता इलाज होता है। लेकिन इसके बावजूद भारत से कई लोग विदेशों में कैंसर का इलाज करवाना पसंद करते हैं।


ऋषि कपूर अपने इलाज के लिए न्यूयॉर्क गए थे। इसी तरह इरफान खान का इलाज लंदन में चला था। बॉलीवुड में यह फेहरिस्त लंबी है। इसमें सोनाली बेंद्रे और मनीषा कोइराला और क्रिकेटर युवराज सिंह जैसे सितारे भी शामिल हैं, जिनका इलाज अमेरिका के ही कैंसर अस्पतालों में हुआ।


एक्सपर्ट मानते हैं कि कैंसर के इलाज में भारत कहीं भी विकसित देशों से पीछे नहीं हैं लेकिन जब लोगों के पास पैसा होता है तो वे और बेहतर के विकल्प खोजते रहते हैं। हां यह जरूर है कि भारत में सभी मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता इसलिए विकसित देशों के मुकाबले डेथ रेशियो ज्यादा है, लेकिन जिन्हें भी सही इलाज मिल जाता है, तो ठीक होने की संभावना विकसित देशों के ही बराबर ही होती है।

भारत: साल 2018 में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में कैंसर के मामले कम रहे, लेकिन मौतें ज्यादा हुईं
डब्लूएचओ की ही रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साल 2018 में महिलाओं में कैंसर के 5.87 लाख मामले आए थे जबकि पुरुषों में यह संख्या 5.70 लाख थी। हालांकि कैंसर से हुईं मौतों के मामले में पुरुषों की संख्या महिलाओं से 42 हजार ज्यादा थी। 2018 में कैंसर से 4.13 लाख पुरुषों की मौत हुई जबकि महिलाओं की संख्या 3.71 लाख थी। पुरुषों में जहां सबसे ज्यादा मामले मुंह और फेफड़ों के कैंसर के आए, वहीं महिलाओं में सबसे ज्यादा मामले ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर के रहे।

पुरुषों में

कैंसर

नए मामले

महिलाओं में

कैंसर

नए मामले

मुंह का कैंसर

92 हजार

ब्रेस्ट कैंसर

1.62 लाख

फेफड़ों का कैंसर

49 हजार

गर्भाशय का कैंसर

97 हजार

अमाशय का कैंसर

39 हजार

अंडाशय का कैंसर

36 हजार

मलाशय का कैंसर

36 हजार

मुंह का कैंसर

28 हजार

आहार नली का कैंसर

34 हजार

मलाशय का कैंसर

20 हजार

सोर्स: ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी, डब्लूएचओ (आंकड़े-2018)

-भारत में साल 2018 में ब्रेस्ट कैंसर से 87 हजार महिलाओं की मौत हुई यानी हर दिन 239 मौत। इसी तरह गर्भाशय के कैंसर से हर दिन 164 और अंडाशय के कैंसर से हर दिन 99 मौतें हुईं।


दुनिया : 18% मौतें फेफड़ों के कैंसर से
साल 2018 में कैंसर के कुल 1.81 करोड़ मामले आए। इसमें पुरुषों के 94 लाख और महिलाओं के 86 लाख मामले थे। मौतें भी पुरुषों में ज्यादा देखी गई। 53.85 लाख पुरुषों की कैंसर से मौत हुई, वहीं महिलाओं की संख्या 41.69 लाख रही। पुरुषों में सबसे ज्यादा मामले फेफेड़ों, प्रोस्टेट और मलाशय कैंसरके आए। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट, मलाशय और फेफड़ों के कैंसर के ज्यादा केस थे।

कैंसर

मामले मौतें

फेफड़ों का कैंसर

20.93 लाख

17.61 लाख

ब्रेस्ट कैंसर

20.88 लाख

6.26 लाख

प्रोस्टेट कैंसर

12.76 लाख

3.59 लाख

आंत का कैंसर

10.96 लाख

5.51 लाख

अमाशय का कैंसर

10.33 लाख

7.82 लाख

सोर्स: ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी, डब्लूएचओ (आंकड़े-2018)

- दुनियाभर में साल 2018 में कैंसर की22% मौतों का कारण महज तंबाकू था। गरीब और मिडिल इनकम देशों में कैंसर के25% मामले हैपेटाइटिस और एचपीवी जैसे वायरस इंफेक्शन के कारण हुए।



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In India, 7 out of every 10 cancer patients die, here a doctor carries a burden of 2000 patients.


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वैष्णोदेवी में 35 पुजारियों को अनुमति, अब बारी-बारी से पांच-पांच करते हैं पूजा; 27 किमी लंबे पूरे ट्रैक का सैनिटाइजेशन कराया

वैष्णोदेवी में 35 पुजारियों को अनुमति, अब बारी-बारी से पांच-पांच करते हैं पूजा; 27 किमी लंबे पूरे ट्रैक का सैनिटाइजेशन कराया

(श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश जांगिड़ की भास्कर के लिए लाइव रिपोर्ट)देश में खास श्रद्धा स्थलों में से एक है माता वैष्णोदेवी का मंदिर। जम्मू में स्थित इस शक्तिपीठ पर शीश नवाने हर साल 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों यहां सन्नाटा है। कोरोना के चलते 18 मार्च से वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा स्थगित कर दी थी, लेकिन श्राइन बोर्ड जिम्मेदारी से कार्य को अंजाम दे रहा है। इसकी बागडोरश्राइन बोर्ड के सीईओ आईएएस रमेश कुमार जांगिड़ के हाथों में है। वे बाड़मेर (राजस्थान) के भियाड़ गांव के हैं। जांगिड़ ने बाड़मेर के दोस्त अली को ताजा हालात बताए।

उनके मुताबिक,मंदिर में 35 पुजारियों को ही मंदिर परिसर में जाने की अनुमति है। बारी-बारी से 5-5 पुजारी आरती करते हैं। पहले पिंडी दर्शन का सीधा प्रसारण होता था। अब सुबह-शाम की आरती और लाइव दर्शन कर पा रहे हैं। मंदिर तक 27 किमी ट्रैक सहित कटरा को सैनिटाइज किया गया है। जम्मू स्थित वैष्णवी धाम, कालिका धाम और सरस्वती धाम जहां 1 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था होती है, इसे 600बेड के क्वारैंटाइन सेंटर के लिए तैयार किया गया है।



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वैष्णोदेवी की फोटो आईएएस जांगिड़ ने उपलब्ध कराई। यह बुधवार की है।


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देश की पहली काेराेना मरीज उषा ने कहा- संक्रमण हुआ तो डर नहीं लगा, तीन हफ्ते में ही ठीक हो गई थी

देश की पहली काेराेना मरीज उषा ने कहा- संक्रमण हुआ तो डर नहीं लगा, तीन हफ्ते में ही ठीक हो गई थी

देश की पहली काेरोना मरीज केरल की मेडिकल छात्रा उषा राम मनोहर संक्रमण से उबरकर फिर से पढ़ाई में जुट गई हैं। 20 वर्षीय उषा ने बताया कि वह चीन के वुहान में अपने विवि की ऑनलाइन क्लासलेने के साथ खाना पकाने में मां का हाथ भी बंटा रही हैं। तीन महीने पहले जब कोरोना संक्रमित पाए जाने की पुष्टि हुई थी, तो भी डरी नहीं थीं। अस्पताल में ठीक होने में उषा कोतीन हफ्ते लगे। मेडिकल में तीसरे वर्ष की छात्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अब कैसी है उसकी लाइफ और क्या बदलाव आए...

‘सेमेस्टर खत्म होने के बाद छुट्टियों हाेने के कारण मैं वुहान विवि से केरल स्थित अपने घर लौटी थी। मुझे गले में खराश और सूखी खांसी थी। 30 जनवरी को मुझे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद मुझे त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया। तीन सप्ताह तक इलाज के बाद मुझे संक्रमण मुक्त पाया गया। 20 फरवरी को मुझे अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसके बाद मैंने जल्द ही अपनी ऑनलाइन कक्षाएं लेनी शुरू कर दीं। मेरी क्लास सुबह 5:30 बजे (चीन के समयानुसार सुबह 8 बजे) शुरू होती हैं और सुबह 9 बजे तक चलती हैं। बीच में 10 मिनट का अल्पावकाश मिलता है।

उषा ने कहा- विमान सेवाएं शुरू होने के बाद हीवुहान जा पाएंगे
यूनिवर्सिटीके फैकल्टी मेंबर्स में चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका के शिक्षक हैं, लेकिन हमारे संकाय सदस्य ज्यादातर चीन के हैं और वे अंग्रेजी में पढ़ाते हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्रों की वापसी पर क्लास नए सिरे से लगेंगी। लेकिन, अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं है। हमें बताया गया है कि शायद वुहान में अब कोई मरीज नहीं है, लेकिन विमान सेवाएं शुरू होना जरूरी है, तभी हम वहां जा सकेंगे।’



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यह फोटो केरल की है। यहां संक्रमण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक मिले 498 मरीजों में से 383 ठीक हुए, सिर्फ 4 मौतें हुईं। (फाइल)


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अलग किस्म के अभिनेता थे ऋषि कपूर, 'ना' से होती थी 'हां' की शुरुआत

अलग किस्म के अभिनेता थे ऋषि कपूर, 'ना' से होती थी 'हां' की शुरुआत

(अंकिता जोशी). जयप्रकाश चौकसे फिल्म समीक्षक हैं और ऋषि कपूर के पुराने दोस्त भी। ऋषि की रुख्सती से चौकसे साहब दुखी हैं। उनकी यादों में अलग किस्म का ऋषि बसता है। वह अटेंशन सीकर एक्टर भी है और तुनकमिजाज दोस्त भी। अपनी ही दुनिया में मगन रहने वाला इंसान भी है और बच्चों की फिक्र में रात भर बेचैन रहनेवाला पिता भी। लड़कियों के सिरहाने मिलने वाला खूबसूरत नौजवान भी है और जीवनभर सिर्फ नीतू को चाहते रहने वाला सच्चा आशिक भी। ऋषि की ऐसी ही शख्सियत के कुछ अलहदा रंग चौकसे साहब ने कुछ यूं बयां किए।

''मूडी, गुस्सैल, शॉर्ट टेम्पर्ड, मुंहफट...सब थे वो। लेकिन, ऋषि कपूर की शख्सियत को एक लफ्ज में बयां करना हो तो उनकी आत्मकथा का शीर्षक ‘खुल्लमखुल्ला' सटीक शब्द होगा। वे हर बात उतनी ही साफगोई से रख देते थे, जैसी उनके दिल-ओ-दिमाग में आती थी। उनके दोस्त कम ही रहे, लेकिन जो उनके करीबी हैं वो जानते हैं कि ऋषि जितनी जल्दी गुस्सा हो जाते, गलती का अहसास होने पर उतनी ही जल्दी माफी भी मांग लेते। हम भी कई बार उलझे, लेकिन ऋषि कपूर से कोई ज्यादा देर नाराज नहीं रह पाता था। एक दफा मैं और ऋषि रात दो बजे आर के स्टूडियो से निकले। उनकी गाड़ी में थे हम। मैंने कहा मुझे एयरपोर्ट छोड़ दीजिए, पांच बजे मेरी फ्लाइट है। रास्ते में किसी बात पर हमारी कहासुनी हो गई।

कपूर फैमिली के साथऋषि कपूर (बाएं से पहले)

उन्होंने मुझे एयरपोर्ट पर ड्रॉप कर दिया। मैं जब यहां इंदौर स्थित अपने घर पहुंचा तो पत्नी ने बताया कि ऋषि जी के तीन फोन आ चुके हैं, आपके लिए। मैंने उन्हें फोन लगाया कि क्या बात हो गई। वो बोले- ‘मैं माफी मांगना चाहता हूं, गुस्से में बहुत कुछ बोल गया।’ गुस्सा तो वो करते थे, बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा करते थे, लेकिन माफी मांगने में देरी नहीं करते थे। ऐसे ही थे ऋषि...।''

झूम-झूम कर गीत गाए थे नेहरू स्टेडियम में, सुरीले थे
ऋषि कपूर दो बार इंदौर आए। एक बार 1986 में फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के फंक्शन के लिए। नेहरू स्टेडियम में हुआ था वह कार्यक्रम औरऋषि ने प्रेम रोग का गीत- मैं हूं प्रेम रोगी गाया था। मस्त होकर झूम-झूमकर गाया था। गाने के शौकीन थे ऋषि और ठीकठाक गा लेते थे। सुरीले थे। दूसरी बार वो 2008 में इंदौर आए थे। साहित्यकार हरिकृष्ण प्रेमी जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होने। मेरे इस घर में दो बार हम लोगों के साथ लंच कर चुके हैं। खाने-पीने के खूब शौकीन थे। मेरी आखिरी मुलाकात उनसे तब हुई थी, जिस दिन श्रीदेवी की मौत की खबर आई थी।

मां कृष्णा राजकपूर के साथ ऋषि कपूर(दाएं से पहले) उनके पास भाई राजीव कपूर और रणधीर कपूर (बाएं से पहले)।

"ना' से होती थी "हां' की शुरुआत
सुबह उठना, नाश्ता करना, आरके स्टूडियो जाना, जो भी उन्हें जानता था, उसे मालूम था कि ऋषि महीनों तक उन्हें फोन नहीं करेंगे और फिर मिलने पर शिकायत भी करेंगे कि तुम मुझे भूल गए। नाराज हो जाएंगे। रूठ कर चले भी जाएंगे। उन्हें हर चीज़ को पहली बार में 'ना' कहने की आदत थी। जैसे किसी फिल्म का ब्रीफ उन्हें देकर पूछें कि करेंगे, तपाक से कह देते- नहीं करूंगा। फिर थोड़ी देर बाद दोबारा स्क्रिप्ट सुनेंगे। बातचीत करेंगे और फिर ऐसे उत्साह से उस फिल्म के लिए हां कहते, जैसे किसी बच्चे को नया खिलौना मिल गया हो। ताल फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन था मेरे पास। मैंने उन्हें ट्रैक सुनाया। उन्होंने सुना और बोले छोड़ दे यह फिल्म। बकवास है। फिर एक-दो पैग पीने के बाद दोबारा सुना और बोले कमाल है यह ट्रैक। बढ़िया फिल्म है।

ऋषि कपूर (बाएं से पहले) इसके बाद राज कपूर उनके पास राजीव कपूर और आखिर में रणधीर कपूर। बीच में कृष्णा राज कपूर।

नीतू ने अपने लिए कुछ मंगाया और ऋषि तीन सूटकेस में अपने कुत्ते के बिस्किट ले आए
ऋषि को जानने वाला हर शख्स इस बात से राजी होगा कि इतने साल ऋषि कपूर के साथ सुखी दाम्पत्य में रहने के लिए नीतू को वीरता पुरस्कार देना चाहिए। मामूली नहीं था ऐसे मूडी इंसान के साथ निबाह करना, लेकिन नीतू विलक्षण महिला हैं। किसी का स्नेह पात्र बनने की अदभुत क्षमता है उनमें। एक बार ऋषि अमेरिका गए। नीतू ने उनसे अपने लिए कुछ चीजें लाने को कहा। ऋषि तीन सूटकेस लेकर लौटे। नीतू को लगा इस बार तो सारी फरमाइशें पूरी हो गईं, लेकिन जब सूटकेस खोले तो देखा कि ऋषि तीनों सूटकेस में अपने लाडले डॉगी के बिस्किट भर लाए हैं। नीतू बहुत नाराज़ हुई थीं तब।

परिजन के साथ हंसी-मजाक के पलों के बीच काले शर्ट में ऋषि कपूर साथ में पत्नी नीतू सिंह।

बिना फर्स्ट ऐड फिल्माते रहे रऊफ लाला के एक्शन सीन
सिनेमा के लिए उनका जुनून बेमिसाल था। तीन साल की उम्र में पहला फिल्म श्री 420 में उन्होंने शॉट दिया था। 63 की उम्र तक कई बेहतरीन फिल्में कीं, लेकिन मेरी पसंदीदा है दो दूनी चार। अग्निपथ में रऊफ लाला का किरदार उनका सबसे अलहदा किरदार था। इस फिल्म के एक्शन दृश्यों में ऋषि को कई चोटें आईं, लेकिन वो बिना फर्स्ट ऐड के शूट करते गए। वो पूरी तरह किरदार में उतर चुके थे और वे एक पल को भी यह महसूस नहीं करना चाहते थे कि वो एक फूहड़, बर्बर कसाई नहीं, बल्कि ऋषि कपूर हैं। अभी अपना बंगला तोड़कर 22 माले की जो इमारत वे बना रहे थे, वह किराए से देने के लिए नहीं है। उसमें 4 फ्लोर पर तो स्टूडियो बनवा रहे थे ऋषि। सिनेमा के लिए ऐसा जुनून था उनमें।

मां कृष्णा राजकपूर के साथ ऋषि कपूर।

यात्रा पूरी होने पर जब तक उन्हें 'जय माता दी' टेक्स्ट न करते, वो बेचैन रहते
हां वो मूडी थे, शॉर्ट टेम्पर्ड भी कह सकते हैं, लेकिन अपनों के प्रति बेहद फिक्रमंद रहते थे। एक पैक्ट था उनकी फैमिली का, परिवार में से कोई भी कहीं जाता तो टेक ऑफ पर और फ्लाइट लैंड होते ही ऋषि को 'जय माता दी' टेक्स्ट करना होता था। जब तक उन्हें यह मैसेज न मिले वो बेचैन रहते। एक बार रणबीर ने उन्हें फ्लाइट में बैठने के बाद मैसेज भेज दिया, लेकिन टेक ऑफ देर से हुआ। ऋषि ने अनुमान लगा लिया कि अब तो फ्लाइट लैंड हो गई होगी, लेकिन रणबीर का मैसेज नहीं आया। ऋषि ने सारा घर सर पर उठा लिया। लौटने पर रणबीर को उन्होंने डांटा भी कि उसने पहले ही मैसेज क्यों भेज दिया।

कपूर परिवार के साथ ऋषि कपूर (बाएं से पहले) और उनके ठीक पीछेऔर नीतू सिंह।

आखिर उन्होंने नहीं ली 'रिश्वत'
उन्होंने एक से एक फिल्में कीं जिनमें से मेरी पसंदीदा है मुल्क और दो दूनी चार। लेकिन, एक फिल्म की कहानी जो राज कपूर साहब ने सिर्फ मुझे सुनाई थी, वह फिल्म मैंने ऋषि को करने को कहा था। फिल्म का टाइटल था रिश्वत। एक रिटायर्ड मास्टर था, जिसका बेटा मंत्री बन जाता है। मास्टर उससे मिलने दिल्ली पहुंचता है, लेकिन रास्ते में सामान चोरी हो जाता है। संतरी उसे अंदर नहीं आने देता। वो पीछे के दरवाजे से किसी तरह घर के भीतर पहुंच जाता है और देखता है कि उसका बेटा किसी करोड़पति से रिश्वत ले रहा है। मास्टर उसे बेल्ट से पीटते हुए संसद ले जाता है और कहता है यह तुम्हारी औलाद है। मैंने तो इस शहर में अपना ईमानदार बच्चा भेजा था। लेकिन, ऋषि ठहरे मूडी। उन्होंने यह फिल्म नहीं की।

एक पार्टी में मां कृष्णा राजकपूर के साथ ऋषि कपूर। (दाएं से पहले)


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ऋषि कपूर के बचपन की तस्वीर (सबसे दाएं)।


from Dainik Bhaskar /national/news/rishi-kapoor-was-a-different-type-of-actor-naa-started-with-yes-127262565.html
दुनिया में 32 लाख से ज्यादा संक्रमित और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंचा

दुनिया में 32 लाख से ज्यादा संक्रमित और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंचा

दुनिया में 32 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमण और 2.23 लाख से ज्यादा मौतों के बावजूद 32 देश ऐसे हैं, जहां कोरोनावायरस नहीं पहुंच पाया है। वहां कोरोना का एक भी मामला नहीं मिला है। हालांकि, उत्तर कोरिया पर संशय हो सकता है। 29 अप्रैल तक की स्थिति में 247 देशों में से 215 में कोरोना फैल चुका है। ताजा नाम तजाकिस्तान का है, जहां गुरुवार को पहला मामला सामने आया।

9 देशों की आबादी एक लाख से ज्यादा

जिन 32 देशों में कोरोना अभी तक नहीं पहुंच पाया है, उनमें से 9 देशों की आबादी एक लाख से ज्यादा है। सबसे ज्यादा 2.57 करोड़ आबादी उत्तर कोरिया की है। हालांकि, वह चीन के करीब है और वहां की ज्यादा जानकारी बाहर नहीं आ पाती। ऐसे में वहां के आंकड़ों की जानकारी को लेकर संशय की स्थिति है। सबसे कम आबादी कोकोस आइलैंड की है।

ज्यादा आबादी वाले देश

  • उत्तर कोरिया- जनसंख्या 2.6 करोड़
  • तुर्कमेनिस्तान-जनसंख्या 60 लाख
  • लीसोथो-जनसंख्या 21.4 लाख
  • कोमोरोस-जनसंख्या 8.7 लाख
  • माइक्रोनेशिया-जनसंख्या 5.5 लाख

कम आबादी वाले देश

  • कोकोस आइलैंड- जनसंख्या 596
  • तोकलाऊ- जनसंख्या 1357
  • क्रिसमस आइलैंड- जनसंख्या 1402
  • नियू आइलैंड- जनसंख्या 1626
  • सेंट हेलेना- जनसंख्या 6077

इन 5 देशों ने संक्रमण पूरी तरह खत्म किया

  • अंगुला, ग्रीनलैंड, कैरिबियन आइलैंड, सेंट बार्ट्स एंड सेंट लूसिया और यमन।
  • 214 में से 166 देशों में कोरोना की वजह से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई।
  • ओशिनिया में 29 देशों और क्षेत्रों में से केवल 8 में संक्रमण के मामले आए हैं।


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