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Saturday, March 28, 2020

श्री पंचमी व्रत 29 मार्च को, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्ति के लिए किया जाता है ये व्रत

श्री पंचमी व्रत 29 मार्च को, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्ति के लिए किया जाता है ये व्रत

जीवन मंत्र डेस्क. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को माता लक्ष्मी के निमित्त व्रत किया जाता है। इसे श्रीलक्ष्मी व्रत व श्रीपंचमी व्रत भी कहते हैं। इस बार यह व्रत 29 मार्च, रविवार को है। इस व्रत को करने से धन व ऐश्वर्य मिलता है। लक्ष्मी पंचमी व्रत मार्गशीर्ष और माघ माह के शुक्लपक्ष की पंचमी पर भी किया जाता है। जिनका महत्व भी अलग-अलग होता है। लेकिन साल की पहली श्री पंचमी होने से चैत्र माह की पंचमी को महत्वपूर्ण माना गया है।

पूजा विधि

  1. यह व्रत चैत्र शुक्ल पंचमी को किया जाता है इसलिए चतुर्थी तिथि को नहाकर साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें।
  2. घी, दही एवं भात का भोजन करें। पंचमी को स्नान करके व्रत रखें देवी लक्ष्मी का पूजन करें।
  3. पूजा में धान्य (गेहूं, चावल, जौ आदि), हल्दी, अदरक, गन्ना व गुड़ आदि अर्पित करके कमल के पुष्पों का लक्ष्मी-सूक्त से हवन करें।
  4. कमल न मिले तो बेल के टुकड़ों का और वे भी न हों तो केवल घी का हवन करें।
  5. इस दिन कमल से युक्त तालाब में स्नान करके सोना दान करने से लक्ष्मीजी अति प्रसन्न होती है।


व्रत और पूजा का महत्व
श्रीपंचमी का व्रत करने से महिलाओं को सौभाग्य प्राप्ति होती है। घर में समृद्धि और सुख बढ़ता है। दरिद्रता और रोग नहीं होते। इस व्रत के प्रभाव से परिवार के सदस्यों की उम्र बढ़ती है। कई जगह ये व्रत मनोकामना पूरी करने के संकल्प के साथ किया जाता है। चैत्र माह के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को लक्ष्मी जी पूजा और व्रत करने से हर तरह की सिद्धि प्राप्त होती है और सोचे हुए काम भी पूरे हो जाते हैं।



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Sri Panchami fast is observed on March 29, for fasting and prosperity


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गुरु का हमेशा सम्मान करें, वरना प्राप्त ज्ञान से लाभ नहीं मिल पाता है

गुरु का हमेशा सम्मान करें, वरना प्राप्त ज्ञान से लाभ नहीं मिल पाता है

जीवन मंत्र डेस्क. अगर हम अपने गुरु का सम्मान करेंगे तो उनसे प्राप्त ज्ञान से लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। गुरु का स्थान हमेशा ऊंचा होता है, इस संबंध में एक लोक कथा भी प्रचलित है। कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजा को नई-नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहता था। उसने अपने लिए एक योग्य गुरु की खोज की और गुरु से नई विद्या सिखाने का निवेदन किया।

गुरु रोज राज महल पहुंचकर राजा को पढ़ाते, राजा भी मन लगाकर गुरु की बातों को ध्यान से सुनते-समझते थे। ऐसे ही काफी समय व्यतीत हो गया, लेकिन राजा को पढ़ा हुआ याद ही नहीं रहता था। इस बात से राजा को चिंता होने लगी।

गुरु की योग्यता पर राजा को संदेह नहीं था। परेशान होकर ये बात राजा ने अपनी रानी को बताई। रानी से राजा से कहा कि इस संबंध में आपको गुरु से बात करनी चाहिए। अगले दिन राजा ने अपने गुरु को ये परेशानी बताई। गुरु ने राजा से कहा कि इस परेशानी की वजह बहुत ही सामान्य है। आप अपने अहं की वजह से छोटी सी बात नहीं समझ पा रहे हैं। आप सिंहासन पर बैठते हैं और मेरा बैठने का स्थान आपसे नीचे होता है। जबकि गुरु का स्थान ऊंचा होना चाहिए। गुरु का स्थान सबसे ऊंचा होता है, आप इस बात ध्यान नहीं रख रहे हैं।

राजा को गुरु की बात सही लगी। अगले दिन से राजा ने अपनी गलती सुधार ली और गुरु के बैठने का स्थान ऊंचा बना दिया।

लाइफ मैनेजमेंट

इस कथा का संदेश ये है कि अगर हम किसी से कुछ सीख रहे हैं तो उसका सम्मान करना चाहिए। अगर हम अपने गुरु को अनादर करेंगे तो ज्ञान से लाभ नहीं मिल सकता है।



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रविवार को जरूरी कामों में बाधाओँ का सामना करना पड़ सकता है, निराशा से बचें

रविवार को जरूरी कामों में बाधाओँ का सामना करना पड़ सकता है, निराशा से बचें

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार, 29 मार्च का मूलांक 2, भाग्यांक 9, दिन अंक 1, 4, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार रविवार को अंक 2 की अंक 1, 3, 4 के साथ मित्र युति बनी है। अंक 3 की अंक 2 के साथ मित्र युति बनी है। अंक 9 की अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति है और अंक 1 की अंक 4 के साथ विरोधी युति बन रही है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा रविवार, 29 मार्च का दिन...

अंक 1- इस अंक वाले अधिकारियों के लिए ऑफिस में प्रतिकूलता का सामना करना पड़ सकता है। समाज कल्याण क्षेत्र में कार्यरत प्राइवेट संगठनों, एनजीओ के लिए कार्य संबंधी बाधा आ सकती है। निराशा घेर सकती है।

क्या करें- अपने कुलदेवता को पारंपरिक भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला

अंक 2- साझेदारी में चल रहे व्यवसाय को संभालने पर ध्यान दें। महिला वकीलों के लिए समय विपक्ष में रह सकता है। पारिवारिक विवाद हो सकता है।

क्या करें- शनि भगवान को काले तिल चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

अंक 3- यात्रा प्रवास टालना ही श्रेयस्कर रहेगा। दूरस्थ परिचितों से अच्छी सूचना मिलने का योग है। सुस्ती घेरे रह सकती है।

क्या करें- छोटे बच्चों को मिठाई खिलाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

अंक 4- नई जगह नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो कर कर सकते हैं। यदि नौकरी के लिए नई जगह खोज रहे हैं तो अच्छा रहेगा कि इसमें किसी परिचित का सहयोग लें। अंतरंग संबंध झटका दे सकता है।

क्या करें- हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल

अंक 5- व्यापार में जोखिम लेने से बचें। बाजार में नया पैसा न लगाएं, बल्कि पुराने निवेश को भी ढंग से संभालें। अपने आसपास की गतिविधियों का अपने संदर्भ में ध्यान से विश्लेषण करें।

क्या करें- जल में दूर्वा डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा

अंक 6- कार्यालय अधीक्षकों के लिए अपने अधीनस्थों से काम लेने में जोर आ सकता है। महिला पुलिस अधिकारियों को विशेष उपलब्धि प्राप्त हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी मामले में खर्च कर सकते हैं।

क्या करें- शिवलिंग पर मीठा दूध चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद

अंक 7- वायदा कारोबारियों के लिए समय लाभ कमाने का है। किसी खास निकट संबंध को लेकर महत्त्वपूर्ण निर्णय करने की नौबत आ सकती है। अपने ही लोग विश्वासघात का शिकार बना सकते हैं।

क्या करें- गणेश भगवान को गुड़ का भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक-5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

अंक 8- बिना साक्षात्कार के सीधी भर्ती वाली नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। आरक्षण का लाभ मिल सकता है। घबराहट के शिकार हो सकते हैं।

क्या करें- गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

अंक 9- गठबंधन सरकारों में संतुलन बिगड़ सकता है। महिला के नाम से किए जा रहे काम में नुकसान हो सकता है। पाचन संबंधी समस्या रह सकती है।

क्या करें- गाय को गुड़-रोटी खिलाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी



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धनु-मीन राशि का स्वामी है गुरु, इस ग्रह के बुरे असर से बचने के लिए शिव पूजा करें

धनु-मीन राशि का स्वामी है गुरु, इस ग्रह के बुरे असर से बचने के लिए शिव पूजा करें

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार, 29 मार्च को नौ ग्रहों में से एक गुरु यानी बृहस्पति राशि बदल रहा है। ये ग्रह धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। ये ग्रह धनु और मीन राशि का स्वामी है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार देव गुरु बृहस्पति पीत वर्ण यानी पीले रंग के हैं। उनके सिर पर सोने का मुकुट और गले में माला है। वे पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं और कमल के आसन पर विराजते हैं। उनके चार हाथ हैं और चारों हाथों में दंड, रुद्राक्ष की माला, पात्र और वरदमुद्रा है।

सभी 12 राशियों पर गुरु ग्रह असर

गुरु की वजह से मेष, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लिए समय शुभ रहेगा। इन लोगों को भाग्य का साथ मिलेगा और धन लाभ मिल सकता है। मिथुन, सिंह, तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए ये समय संभलकर रहने का रहेगा। लापरवाही से बचें और धैर्य बनाए रखें। वृषभ और कर्क राशि के लोगों पर इन ग्रहों का सामान्य असर रहेगा। इन्हें अपनी मेहनत के अनुसार फल मिलेगा।

गुरु के अशुभ असर से बचने के लिए क्या करें

ये ग्रह एक राशि में करीब 13 माह रुकता है। कभी-कभी इसकी वक्री स्थिति के कारण ये समय कम ज्यादा भी हो सकता है। इस ग्रह की महादशा सोलह वर्ष की होती है। इस ग्रह के अशुभ असर से बचने के लिए हर गुरुवार पीला वस्त्र, हल्दी, घी, अनाज का दान करें। गुरु मंत्र ऊँ बृं बृहस्पतये नमः का जाप करें। गुरुवार को तांबे के लोटे में केसर मिश्रित जल भरें और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं।



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रामायण में श्रीराम और निषादराज का प्रसंग, श्रीराम के मित्र थे निषादराज गुह

रामायण में श्रीराम और निषादराज का प्रसंग, श्रीराम के मित्र थे निषादराज गुह

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार, 29 मार्च को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी है। इस दिन निषादराज गुह की जयंती मनाई जाती है। रामायण के अनुसार निषादराज श्रीराम के प्रिय मित्र थे। वनवास के समय निषादराज ने श्रीराम की मदद की थी। जानिए ये प्रसंग...

श्रीराम कथाकार पं. मनीष शर्मा के अनुसार स्कंद पुराण की सत्यनारायण कथा में निषादराज के पूर्व जन्म के प्रसंग बताए गए हैं। पूर्व जन्म में निषादराज एक लकड़हारे थे। उन्होंने सत्यनारायण भगवान की पूजा की और व्रत किया। इसके प्रभाव से अगले जन्म में वे राजा बने। इसके बाद वाले जन्म में त्रेतायुग में भीलों के राजा निषादराज गुह और उन्हें श्रीराम के प्रिय मित्र बने।

रामायण में श्रीराम, सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से निकले तो वन में गंगा नदी के किनारे पहुंच गए। विश्राम के लिए सभी वही ठहर गए थे। जब ये खबर निषादराज गुह को मिली तो वे अपनी साथियों के साथ भगवान के दर्शन करने वहां आ गए। श्रीराम के भेंट देने के लिए फल, कंदमूल ले आए।

श्रीराम निषादराज को अपना प्रिय मित्र मानते थे। निषादराज ने श्रीराम से कहा कि आप कृपा करके मेरे गांव श्रृंगवेरपुर चले और मुझे सेवा का अवसर प्रदान कीजिए।

श्रीराम ने कहा कि प्रिय मित्र मुझे मेरे पिता की आज्ञा से चौदह वर्ष तक वन में ही ऋषि मुनियों की तरह जीवन यापन करना है। मैं अब किसी गांव या नगर के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता। इस बात से निषादराज बहुत दुखी हुआ। तब उन्होंने एक पेड़ के नीचे कुश और कोमल पत्तों से श्रीराम के आराम करने की व्यवस्था कर दी। वहां श्रीराम विश्राम करने के लिए सो गए। निषादराज श्रीराम की ऐसी अवस्था देखकर लक्ष्मण से बोले कि महल में तो सुंदर पलंग पर भगवान विश्राम करते होंगे। यहां जमीन पर सोना पड़ रहा है। ये स्थिति देखकर निषादराज ने कहा कि लोग सच ही कहते हैं कि भाग्य ही प्रधान है। इसके बाद निषादराज ने केवट की मदद से श्रीराम, सीता और लक्ष्मण को गंगा नदी पार करवाई।



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Friday, March 27, 2020

शनिवार को दूसरों का मार्गदर्शन करने का अवसर मिल सकता है, चिंताओं से बचें

शनिवार को दूसरों का मार्गदर्शन करने का अवसर मिल सकता है, चिंताओं से बचें

जीवन मंत्र डेस्क. शनिवार, 28 मार्च का मूलांक 1, भाग्यांक 8, दिन अंक 8, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार शनिवार को अंक 8 की अंक 1 के साथ परस्पर प्रबल विरोधी युति है और अंक 3 के साथ मित्र युति है। अंक 9 की अंक 3 के साथ मित्र युति बनी है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा शनिवार, 28 मार्च का दिन...
अंक 1- आगे बढ़कर दूसरों का मार्गदर्शन करने का अवसर मिल सकता है। सरकारी पक्ष की वजह से चिंता हो सकती है। अपने अधिकारी के साथ तालमेल को लेकर समस्या आ सकती है।
क्या करें- सुंदरकांज का पाठ करें।
महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल
अंक 2- जीवनसाथी का व्यवहार दुखी कर सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। अनावश्यक चिंताओं से बचें।
क्या करें- शनि देव को काले तिल चढ़ाएं।
महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला
अंक 3- मीडियाकर्मियों के लिए भागादौड़ी अधिक रह सकती है। किसी की निकटता बहुत लाभकारी रह सकती है। थकान की अधिकता रह सकती है।
क्या करें- गाय को रोटी दें।
महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी
अंक 4- नौकरी में अधिक जोखिम लेने से बचें। उलझने की आशंका है। प्रमोशन बकाया है तो इस संबंध में अभी सकारात्मकता नहीं है। ब्लड प्रेशर के शिकार लोगों को चाहिए कि इस मामले में लापरवाही बिलकुल भी न बरतें।
क्या करें- अपने पितर के नाम से देसी घी का दीपक जलाएं।
महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा
अंक 5- अविवाहित महिला प्रशासनिक अधिकारियों के लिए समय अधिक संभलकर रहने का है। अपने पुरुष मित्र के साथ उलझने से बचें। नाक की हड्डी से संबंधित परेशानी हो सकती है।
क्या करें- शिवलिंग पर आंकड़े के फूल चढ़ाएं।
महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद
अंक 6- कार्य के विस्तार के लिए अनुकूल समय है। बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों के लिए परीक्षा का समय है। जमा धन आकस्मिक रूप से खर्च करना पड़ सकता है।
क्या करें- भैरव बाबा को इमरती चढ़ाएं।
महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला
अंक 7- नर्सिंग कर्मियों के लिए कष्ट में वृद्धिकारी समय है। अपनी योजनाओं को व्यवस्थित रूप में क्रियांवित करें। सिर दर्द दुखी कर सकता है।
क्या करें- तिल दान करें।
महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला
अंक 8- जेल अधिकारियों को नौकरी संबंधी खास परेशानी हो सकती है। पुरुषों को अपनी इच्छाओं में समझौता करना पड़ सकता है। सिर दर्द रह सकता है।
क्या करें- गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा
अंक 9- फैक्ट्री के लिए नई मशीनरी लेना चाहते हैं तो उपयुक्त समय है। न्यायिक अधिकारियों के लिए समय उठापटक का सिद्ध हो सकता है। पुरानी चोट फिर खड़ी हो सकती है।
क्या करें- रसदार मिठाई दान करें।
महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

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2 अप्रैल तक चैत्र मास की नवरात्रि, घर पर ही सरल स्टेप्स में कर सकते हैं देवी पूजा

2 अप्रैल तक चैत्र मास की नवरात्रि, घर पर ही सरल स्टेप्स में कर सकते हैं देवी पूजा

जीवन मंत्र डेस्क. अभी चैत्र मास की नवरात्रि चल रही है। देवी पूजा का ये उत्सव गुरुवार, 2 अप्रैल तक चलेगा। फिलहाल कोरोनावायरस की वजह से सभी मंदिर बंद हैं। ऐसी स्थिति में घर पर देवी पूजा करें। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए सरल स्टेप्स में कैसे कर सकते हैं देवी पूजा...

पूजा के लिए सामग्री

मूर्ति को स्नान के लिए तांबे का बर्तन, लोटा, दूध, मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र और आभूषण। चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, अष्टगंध, फूल, नारियल, फल, दूध, मिठाई, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर मिलाकर बनाएं), सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा।

ये है​ दुर्गा पूजा की सरल स्टेप्स

स्नान के बाद घर के मंदिर में सबसे पहले गणेशजी की पूजा करें। देवी पूजा का संकल्प करें। अगर यहां बताई गई सामग्री घर में उपलब्ध नहीं है तो फूल, धूप, दीप, चावल की मदद से भी पूजा की जा सकती है।ॉगणेश को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। फूल, चावल, दूर्वा गणेशजी को चढ़ाएं। गणेश पूजा के बाद देवी दुर्गा की पूजा करें।

मूर्ति में माता दुर्गा का आवाहन करें, आवाहन यानी देवी मां को बुलाना। माता दुर्गा को आसन दें। अब माता दुर्गा को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और फिर जल से स्नान कराएं।

दुर्गाजी को वस्त्र अर्पित करें। वस्त्रों के बाद आभूषण, हार चढ़ाएं। इत्र अर्पित करें। कुमकुम से तिलक लगाएं।

धूप और दीप जलाएं। लाल फूल अर्पित करें। चावल चढ़ाएं। नारियल अर्पित करें। भोग लगाएं। आरती करें। आरती के बाद परिक्रमा करें। माता दुर्गा की पूजा में दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करें। पूजा में हुई गलतियों की क्षमा मांगे।



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Chaitra Navratri till 2 April, you can worship Goddess in simple steps at home, durga puja, devi puja vidhi


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ईशा फाउंडेशन ने तमिलनाडु सरकार को कोरोनो से लड़ने के लिए आश्रम के उपयोग का प्रस्ताव दिया

ईशा फाउंडेशन ने तमिलनाडु सरकार को कोरोनो से लड़ने के लिए आश्रम के उपयोग का प्रस्ताव दिया

जीवन मंत्र डेस्क. कोरोनावायरस (COVID-19) को शामिल करने के अपने प्रयासों में तमिलनाडु सरकार का समर्थन करते हुए, ईशा फाउंडेशन ने कोरोना से प्रभावितों के इलाज के लिए कोयम्बटूर में अपने भवनों और परिसर के उपयोग की पेशकश की है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईशा स्वयंसेवक सरकारी अस्पतालों में भी सहायता प्रदान करेंगे।

सद्गुरु ने कहा कि रोजगार की कमी से दैनिक वेतन भोगी और उनके परिवारों की परेशानी बढ़ने वाली है। आर्थिक रूप से असमर्थ लोगों की मदद करने के लिए, ईशा फाउंडेशन ने दुनिया भर में अपने लाखों स्वयंसेवकों से अनुरोध किया है। विशेष रूप से भारत में, कम से कम दो ऐसे लोगों की देखभाल करें और सुनिश्चित करें कि वे ठीक से पोषित हैं।

स्वयंसेवकों से अपील में, सद्गुरु ने कहा, "आप जहां भी हों, यह सुनिश्चित करें कि भूखमरी के कारण किसी की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। इस चुनौतीपूर्ण समय में, हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि हम व्यक्तिगत क्षमताओं में काम करें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में स्थानीय प्रशासन की मदद करें।"

पिछले हफ्ते, ईशा फाउंडेशन ने COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया भर के अपने सभी केंद्रों पर अपने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया। सद्गुरु ने मुंबई, पेरिस, लंदन, जोहान्सबर्ग, डरबन, अटलांटा, सैन फ्रांसिस्को, जुलूलैंड और नैशविले में अपनी व्यस्तताओं को भी स्थगित कर दिया है जो मार्च और अप्रैल में होने वाले थे।



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Isha Yoga Foundation offers Tamil Nadu government to use ashram to fight corona virus in india


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Thursday, March 26, 2020

चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल तक, देवी मां के व्रत कर रहे हैं घर में क्लेश न करें और क्रोध से बचें

चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल तक, देवी मां के व्रत कर रहे हैं घर में क्लेश न करें और क्रोध से बचें

जीवन मंत्र डेस्क. शुक्रवार, 27 मार्च को चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। ये नवरात्रि 2 अप्रैल तक चलेगी। इन दिनों में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। जो लोग चैत्र नवरात्रि में पूजा करते हैं और व्रत करते हैं, उन्हें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए देवी भक्तों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...

रोज सुबह जल्दी जागें

जो लोग नवरात्रि में देवी दुर्गा की विशेष पूजा कर रहे हैं, उन लोगों को सुबह देर तक सोने से बचना चाहिए। सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद देवी पूजा करें। पूजा-पाठ के लिए सुबह का समय श्रेष्ठ माना गया है। सुबह-सुबह पूजा करने से मन की एकाग्रता बनी रहती है।

घर-परिवार में किसी का अपमान न करें

पूजा-पाठ का फल पाना चाहते हैं तो अपने घर-परिवार और समाज में सभी का सम्मान करें। माता-पिता एवं बुजुर्गों का अनादर न करें। जो लोग माता-पिता का अपमान करते हैं, उन्हें पूजा-पाठ का फल नहीं मिलता है।

घर में साफ-सफाई रखें

इस साल दुनियाभर में कोरोनावायरस का संक्रमण फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में घर में ही रहें और घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। देवी मां पूजा में भी साफ-सफाई का विशेष महत्व है। गंदगी की वजह से नकारात्मकता बढ़ती है और बुरे विचार बढ़ते हैं।

घर में क्लेश न करें, क्रोध से बचें

पुरानी मान्यता है कि जिन घरों में क्लेश होता है, जहां के लोग हर बात पर क्रोध करते हैं, वहां सुख-शांति नहीं रहती है। इसीलिए घर में वाद-विवाद से बचें और क्रोध न करें।

जरूरतमंद लोगों को दान करें

इन दिनों में दान करने का विशेष महत्व है। जरूरतमंद लोगों को अनाज और धन का दान करें। नवरात्रि में फलों का दान भी करना चाहिए।

इस मंत्र का करें जाप

नवरात्रि में देवी मां के मंत्रों का जाप करना चाहिए। दुर्गा शप्तसती का पाठ भी कर सकते हैं। मंत्र का उच्चारण भी एकदम सही होना चाहिए। अगर आप मंत्रों का उच्चारण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो किसी ब्राह्मण से मंत्र जाप करवा सकते हैं।

देवी मंत्र- या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।



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Chaitra Navratri, till April 2, is fasting at the Mother Goddess Do not suffer at home and avoid anger


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Wednesday, March 25, 2020

854 साल बाद मंगल, गुरु और शनि की युति मकर राशि में, चैत्र नवरात्रि में 178 साल बाद गुरु का मकर में प्रवेश

854 साल बाद मंगल, गुरु और शनि की युति मकर राशि में, चैत्र नवरात्रि में 178 साल बाद गुरु का मकर में प्रवेश

जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 25 मार्च से चैत्र मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। इसी दिन कलश स्थापना होगी, गुड़ी पड़वा और झुलेलाल जयंती मनाई जाएगी। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष भी शुरू होगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि में ग्रहों के दुर्लभ योग बन रहे हैं। नवरात्रि के बीच में यानी 29 मार्च को गुरु ग्रह धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। चैत्र नवरात्रि में गुरु के मकर राशि में प्रवेश का संयोग 178 साल बाद बना है। मकर राशि में पहले से मंगल और शनि स्थित हैं। मकर राशि में इन तीन ग्रहों की युति का संयोग 854 साल बाद बन रहा है।

2020 से पहले 1166 में बना था तीन ग्रहों का योग

पं. शर्मा के मुताबिक शनि, मंगल और गुरु की ये युति मकर राशि में अद्भुत संयोग बना रही है। मंगल इसी राशि में उच्च का है। गुरु नीच का और ये शनि स्वराशि है। 2020 से पहले मकर राशि में मंगल, गुरु और शनि की युति 15 अप्रैल 1166 को बनी थी। 1166 में इन तीन ग्रहों का योग चैत्र नवरात्रि के एक माह बाद बना था। 2020 में 4 मई को मंगल के राशि परिवर्तन से इन तीनों ग्रहों का ये योग टूटेगा।

चैत्र नवरात्रि में गुरु का योग 178 साल बाद

चैत्र नवरात्रि के बीच में गुरु का नीच राशि मकर में जाने का योग 178 साल पहले 1842 में बना था। पं. शर्मा के अनुसार उस समय 11 अप्रैल 1842 से चैत्र माह की नवरात्रि शुरु हुई थी। इस नवरात्रि में 16 अप्रैल को गुरु ग्रह ने धनु से मकर राशि में प्रवेश किया था। 2020 में 25 मार्च से नवरात्रि शुरू होगी और 29 मार्च को गुरु राशि बदलकर मकर राशि में जाएगा।

विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा

25 तारीख से हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा। इसका नाम प्रमादी है। नवरात्रि बुधवार से शुरू होगी और 2 अप्रैल, गुरुवार को खत्म होगी। प्रमादी संवत् के राजा बुध और मंत्री चंद्र होंगे। बुध और चंद्र आपस में शत्रु भाव रखते है। ऐसे में मंत्री और राजा के बीच मतभेद होने से प्रजा को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

किस राशि पर कैसा होगा इन ग्रहों का असर

इन तीन ग्रहों का योग मेष, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लिए शुभ रहेगा। इन लोगों को भाग्य का साथ मिलेगा और धन लाभ मिल सकता है। मिथुन, सिंह, तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए ये समय संभलकर रहने का रहेगा। लापरवाही से बचें और धैर्य बनाए रखें। वृषभ और कर्क राशि के लोगों पर इन ग्रहों का सामान्य असर रहेगा। इन्हें अपनी मेहनत के अनुसार फल मिलेगा।



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Chaitra Navratri 2020 Rashi Parivartan: Mars (Mangal), Saturn (Shani) and Jupiter (Brihaspati) Planet in Capricorn (Makar Rashi) - Effects And Predictions


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Tuesday, March 24, 2020

घटस्थापना के लिए 3 मुहूर्त, 5 राजयोग में नवरात्र शुरू होना देश के लिए शुभ

घटस्थापना के लिए 3 मुहूर्त, 5 राजयोग में नवरात्र शुरू होना देश के लिए शुभ

जीवन मंत्र डेस्क.25 मार्च, बुधवार यानी आज चैत्र माह के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। जो कि 2 अप्रैल यानी रामनवमी तक रहेंगे। आज घटस्थापना के लिए दिनभर में 3 शुभ मुहूर्त हैं। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्रा के अनुसार इस नवरात्रि की शुरुआत 5 राजयोगों में हो रही है। जिनका शुभ प्रभाव देशभर में रहेगा। पं. मिश्रा के अनुसार इस तरह ग्रहों की शुभ स्थिति से देश में फैली बीमारी और डर का माहौल खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छबि मजबूत होगी और देश उन्नति करेगा। इस बार नवरात्रि में कोई भी तिथि क्षय नहीं होना शुभ रहेगा।

5 राजयोगों का प्रभाव

बुधवार, 25 मार्च यानी आज सूर्योदय के समय की कुंडली में गजकेसरी, पर्वत, शंख, सत्कीर्ति और हंस नाम के राजयोग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में नवरात्रि कलश स्थापना होना देश के लिए शुभ संकेत हैं। ज्योतिषाचार्य पं. मिश्रा के अनुसार इन राजयोगों का शुभ प्रभाव नवरात्रि की अष्टमी तिथि से देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि देश में फैल रही महामारी का प्रभााव नवरात्रि के साथ ही कम होने लगेगा। वहीं देश की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी।

देवी का आगमन-प्रस्थान और 9 दिन के नवरात्र शुभ

ज्योतिषाचार्य पं.मिश्रा के अनुसार इस बार देवी का आगमन नाव पर होगा और प्रस्थान हाथी पर होना शुभ रहेगा। वहीं नवरात्रि में किसी तिथि का क्षय न होना भी देश के लिए शुभ संकेत हैं। इनके प्रभाव से देश में समृद्धि और खुशहाली आएगी। लोगों की मनोकामनाएं पूरी होंगी। देश में फैली महामारी खत्म होने की संभावना है। देश की जनता का सुख बढ़ेगा।

होरा अनुसार घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

  1. 25 मार्च को घट स्थापना सुबह 6.25 से 9.30 तक। यह बुध और चंद्रमा की होरा है। इस होरा में घट स्थापना करने से मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य, मनोकामना पूर्ति होने की मान्यता है।
  2. सुबह 11.05से दोपहर 12.32 तक। यह सूर्य और शुक्र की होरा है। इस होरा में घट स्थापना करने से मान पद प्रतिष्ठा, ऐश्वर्या में वृद्धि होने की मान्यता है।
  3. दोपहर 3.35 से 5.34 तक। यह बृहस्पति और मंगल की होरा है। इस होरा में घट स्थापना करने से पराक्रम में वृद्धि, उत्साह, पद और प्रतिष्ठा, धन, सुख, सौभाग्य की प्राप्ति की मान्यता है।


घट स्थापना और पूजा विधि

  1. पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं बोएं। फिर उनके ऊपर तांबे या मिट्टी के कलश की स्थापना करें। कलश के ऊपर माता की मूर्ति या चित्र रखें।
  2. मूर्ति अगर कच्ची मिट्टी से बनी हो और उसके खंडित होने की संभावना हो तो उसके ऊपर उसके ऊपर शीशा लगा दें।
  3. मूर्ति न हो तो कलश पर स्वस्तिक बनाकर दुर्गाजी का चित्र पुस्तक तथा शालिग्राम को विराजित कर भगवान विष्णु की पूजा करें।
  4. नवरात्र व्रत के आरंभ में स्वस्तिक वाचन-शांतिपाठ करके संकल्प करें और सबसे पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा कर मातृका, लोकपाल, नवग्रह व वरुण का सविधि पूजन करें। फिर मुख्य मूर्ति की पूजा करें।
  5. दुर्गा देवी की पूजा में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा और श्रीदुर्गासप्तशती का पाठ नौ दिनों तक प्रतिदिन करना चाहिए।


ध्यान रखें ये बातें
1.
नवरात्र में माता दुर्गा के सामने नौ दिन तक अखंड ज्योत जलाई जाती है। यह अखंड ज्योत माता के प्रति आपकी अखंड आस्था का प्रतीक स्वरूप होती है। माता के सामने एक एक तेल व एक शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।
2. मान्यता के अनुसार, मंत्र महोदधि (मंत्रों की शास्त्र पुस्तिका) के अनुसार दीपक या अग्नि के समक्ष किए गए जाप का साधक को हजार गुना फल प्राप्त हो है। कहा जाता है-

दीपम घृत युतम दक्षे, तेल युत: च वामत:।
अर्थ -
घी का दीपक देवी के दाहिनी ओर तथा तेल वाला दीपक देवी के बाईं ओर रखना चाहिए।

3. अखंड ज्योत पूरे नौ दिनों तक जलती रहनी चाहिए। इसके लिए एक छोटे दीपक का प्रयोग करें। जब अखंड ज्योत में घी डालना हो, बत्ती ठीक करनी हो तो या गुल झाड़ना हो तो छोटा दीपक अखंड दीपक की लौ से जलाकर अलग रख लें।
4. यदि अखंड दीपक को ठीक करते हुए ज्योत बुझ जाती है तो छोटे दीपक की लौ से अखंड ज्योत पुन: जलाई जा सकती है छोटे दीपक की लौ को घी में डूबोकर ही बुझाएं।

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भक्त और भगवान के बीच कोरोना : पहली बार चैत्र नवरात्रि में जम्मू से मदुरै तक माता मंदिरों में भक्तों पर रोक



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Chaitra Navratri 2020 Ghatasthapana Muhurat Date Time; Chaitra Navratri Puja Vidhi, Raja Yoga Graha In Your Janmkundali


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पहली बार चैत्र नवरात्रि में जम्मू से मदुरै तक माता मंदिरों में भक्तों पर रोक, विदेशों के 13 शक्तिपीठ भी बंद

पहली बार चैत्र नवरात्रि में जम्मू से मदुरै तक माता मंदिरों में भक्तों पर रोक, विदेशों के 13 शक्तिपीठ भी बंद

भोपाल. बुधवार से चैत्र नवरात्र और हिंदु नववर्ष शुरू हो रहे हैं। इतिहास में संभवतः पहला ही मौका होगा जब देश में जम्मू के वैष्णोदेवी से मदुरै के मीनाक्षी मंदिर तकसारे माता मंदिर नवरात्र में भक्तों के लिए बंद रहेंगे। मंदिरों में नवरात्र की सारी विधियां और पूजन तो होंगे लेकिन उनका दर्शन करने वाले नहीं होंगे। कोरोना वायरस के चलते देश के सारे मंदिर इस समय आम लोगों के लिए बंद हैं, सिर्फि पंडे-पुजारियों को ही मंदिरों में प्रवेश मिल रहा है। ऐसे में चैत्र नवरात्र पर ना तो बाहरी लोग दर्शन कर सकेंगे, ना मंदिर के किसी आयोजन में हिस्सा ले सकेंगे। ज्यादातर मंदिरों ने भक्तों के लिए यू-ट्यूब चैनल्स और मंदिर की वेबसाइट्स पर लाइव स्ट्रिमिंग की व्यवस्था की है। वहीं, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट ने भी अपना 9 दिनी राम जन्म और विवाह उत्सव को रद्द कर दिया है। देशभर में राम नवमी के उत्सवों पर भी भारी असर पड़ने वाला है।

भारत में नवरात्रि एक बड़ा उत्सव है। चैत्र नवरात्रि इसलिए भी खास है क्योंकि ये हिंदु नववर्ष का पहला दिन है। इस दिन ही विक्रम संवत के नए संवत्सर की शुरुआत होती है। 25 मार्च को हिंदु संवत्सर 2077 शुरू होगा। इसके साथ ही नवरात्रि के आखिरी दिन नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी को राम जन्म और पूर्णिमा पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। भारत में देवी के 51 शक्तिपीठों में से 38 भारत में है, 6 बांग्लादेश, 3 नेपाल, 2 पाकिस्तान, 1 तिब्बत और एक श्रीलंका में मौजूद है। इस बार पहली बार ऐसा हो रहा है, जब लगभग सभी 51 शक्तिपीठ वाले देश एक सी समस्या से ग्रसित हैं, और लगभग किसी भी मंदिर में भक्तों के लिए इस नवरात्रि में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

  • हिमाचल के तीनों माता मंदिर बंद

हिमाचल प्रदेश के तीनों माता मंदिर ज्वाला देवी, बृजेश्वरी माता मंदिर और कांगड़ा का चामुंडा माता मंदिर में 31 मार्च तक दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा। यहां नवरात्रि की सारी पूजाएं और विधियां परंपरा के मुताबिक ही होंगी। मंदिर कोरोना वायरस अटैक के चलते 17 मार्च से बंद हैं। यहां प्रशासन ने दर्शन के लिए दो तरह की व्यवस्थाएं की हैं। मंदिरों की यू-ट्यूब चैनल्स और ऑफिशियल वेबसाइट्स पर लाइव स्ट्रिमिंग के जरिए दर्शन कराए जाएंगे।

गुवाहाटी में स्थित तंत्र पीठ माता कामाख्या मंदिर।
  • कामाख्या मंदिर, असम अगले आदेश तक बंद

गुवाहाटी के नीलांचल पर्वत पर स्थित तंत्र पीठ कामाख्या मंदिर देश के उन चंद मंदिरों में से एक है, जहां कभी भक्तों की संख्या में कमी नहीं आती। नवरात्रि में तो यहां ज्योतिष और तंत्र साधना करने वालों का मेल लगता है। मंदिर के लिए नवरात्र ही सबसे बड़ा उत्सव है। लेकिन, 18 मार्च को मंदिर अगले आदेश तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर के जुड़े लोगों का कहना है कि इतिहास में संभवतः पहली ही बार ऐसा हुआ है, जब चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में लोगों का प्रवेश नहीं हो पाएगा। मंदिर की वेबसाइट माता कामाख्या ओआरजी पर दर्शन कर पाएंगे।

  • तिरुपति ट्रस्ट का राम नवमी ब्रह्मोत्सव में निरस्त

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट के ही आंध्र प्रदेश के वोंतिमित्ता में स्थिति कोदंड रामास्वामी मंदिर में रामनवमी से शुरू होने वाले ब्रह्मोत्सव को निरस्त कर दिया है। नौ दिन के इस ब्रह्मोत्सव की शुरुआत 2 अप्रैल से रामजन्मोत्सव के साथ होनी थी। 7 अप्रैल को यहां सीताराम कल्याणम् (सीता-राम विवाह) का आयोजन भी होना था, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं। ये सीताराम विवाह का आयोजन मंदिर में ही होगा, लेकिन इसमें आम लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर के पुजारी और अधिकारी ही इसे आयोजित करेंगे।

गुजरात का अंबाजी शक्तिपीठ मंदिर।
  • अंबाजी मंदिर, गुजरात 31 तक दर्शन बंद

गुजरात के शक्तिपीठ अंबाजी में भी 31 मार्च तक आम लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गुजरात के पांचों प्रमुख तीर्थ सोमनाथ, द्वारिका, अंबाजी, डाकोरजी और पावागढ़ में पिछले हफ्ते ही आम लोगों का प्रवेश रोक दिया गया था। यहां भी नवरात्रि के सारे पूजन-अनुष्ठान तय रूप में ही होंगे लेकिन दर्शन यू-ट्यूब और भक्ति चैनल्स के जरिए किए जा सकेंगे।

  • हरसिद्धि मंदिर उज्जैन भी अगले आदेश तक बंद

उज्जैन के शक्तिपीठ हरसिद्धि में भी आम लोगों के लिए दर्शन व्यवस्था स्थगित रहेगी। मंदिर में हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। दर्शन करने वालों के साथ ही अलग-अलग तरह की साधनाएं करने वाले भक्त भी आते हैं। यहां मंदिर में पूरे दिन अलग-अलग तरह की पूजा-अनुष्ठान होते हैं, जो कोरोना के बावजूद भी होंगे। मंदिर के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब पर मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।



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Navratri 2020 Corona Virus impact For the first time, Chaitra Navaratri prohibits devotees in Mata temples from Vaishnodevi to Madurai, 13 Shaktipeeths from foreign countries are also closed


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25 मार्च से 2 अप्रैल तक चैत्र नवरात्रि, राशि अनुसार भी कर सकते हैं देवी मां की पूजा

25 मार्च से 2 अप्रैल तक चैत्र नवरात्रि, राशि अनुसार भी कर सकते हैं देवी मां की पूजा

जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 25 मार्च से गुरुवार, 2 अप्रैल तक चैत्र मास की नवरात्रि है। इन दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी, नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार नवरात्रि में राशि अनुसार भी देवी मां की पूजा की जा सकती है। जानिए मेष से मीन तक, सभी 12 राशियों के लिए कौन सी देवी की पूजा करना श्रेष्ठ रहता है...

मेष राशि - इस राशि के लोगों को स्कंद माता की विशेष पूजा करनी चाहिए। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

वृषभ राशि- ये लोग महागौरी स्वरूप की पूजा करें। ललिता सहस्रनाम का पाठ करें। नवरात्रि में कन्या भोज करवाएं।

मिथुन राशि - इस राशि के लोग देवी यंत्र स्थापित करें और मां ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा करें। नवरात्रि में तारा कवच का रोज पाठ करें।

कर्क राशि - इस राशि के लोग माता शैलपुत्री की पूजा करें। लक्ष्मी सहस्रनाम का पाठ करें।

सिंह राशि - सिंह राशि वालों को मां कूष्मांडा की पूजा करनी चाहिए। दुर्गा मंत्रों का जाप करें। नवरात्रि में बुरी आदतें छोड़ने का संकल्प लें।

कन्या राशि - ये लोग मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें।

तुला राशि - तुला राशि के लोग देवी महागौरी की पूजा करें और काली चालीसा या सप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करें।

वृश्चिक राशि - इस राशि के लोग स्कंदमाता की पूजा करें। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ रहता है।

धनु राशि - ये लोग मां चंद्रघंटा की पूजा करें। किसी माता मंदिर में घंटे का दान करें। देवी मंत्रों का जाप करें।

मकर राशि - मकर राशि के लोग मां कालरात्रि की पूजा करें। देवी मंत्रों का जाप करें। नवरात्रि के अंतिम दिन हवन करें।

कुंभ राशि - ये लोग देवी कालरात्रि की उपासना करें। देवी कवच का पाठ करें। छोटी कन्याओं को उपहार दें।

मीन राशि - मीन राशि के लोगों को मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए। हल्दी की माला से देवी मंत्रों का जाप करें।



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March 25 to April 2, Chaitra Navratri 2020, durga puja, durga navami, mata pujan according to zodiac sign


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जो लोग विरोध में थे, वे बुधवार को साथ में आ सकते हैं, दिन अनुकूल रह सकता है

जो लोग विरोध में थे, वे बुधवार को साथ में आ सकते हैं, दिन अनुकूल रह सकता है

जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 25 मार्च का मूलांक 7, भाग्यांक 5, दिन अंक 5, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार बुधवार को अंक 3 की अंक 5 के साथ विरोधी युति है और अंक 7 के साथ मित्र युति बनी है। अंक 5 की अंक 7, अंक 9 के साथ प्रबल विरोधी युति है। अंक 9 की अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति और अंक 7 के साथ विरोधी युति बन रही है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा बुधवार, 25 मार्च का दिन...

अंक 1- आईटी इंजीनियर्स को करियर संबंधी लाभ हो सकता है। नर्सिंगकर्मियों को अधिक अनुकूलता रह सकती है। जो कल तक आपके विरोध में थे, वे अब साथ आ सकते हैं।

क्या करें- सांड को रोटी दें।

महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी

अंक 2- आंखों के चिकित्सकों के लिए समय अनुकूल सिद्ध हो सकता है। अपनी इच्छाओं के साथ समझौता करना पड़ सकता है। पाचन संबंधी समस्या रह सकती है।

क्या करें- शनि देव को काले तिल चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

अंक 3- अधिकारी के साथ तालमेल अच्छा रह सकता है। बड़े भाई के साथ काम करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। गैस की समस्या रह सकती है।

क्या करें- सूर्य देव को चंदन मिले जल से अर्घ्य दें।

महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा

अंक 4- करियर संबंधी खास बात पक्ष में आ सकती है। सरकारी पक्ष में अटका मामला निपट सकता है। खून संबंधी समस्या रह सकती है।

क्या करें- अपने पितरों को पारंपरिक भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

अंक 5- अपने काम का विस्तार करना चाहते हैं तो कुछ दिन रुकें। नर्सरी का काम लाभ दे सकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

क्या करें- भैरव बाबा को नमकीन का भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला

अंक 6- करियर संबंधी लाभ हो सकता है। संतान की पढ़ाई के बारे में शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य संबंधी जांच करवानी है तो करवा सकते हैं।

क्या करें- हनुमानजी को मीठा पान चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल

अंक 7- न्यूरो सर्जन्स समय की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य चिंता करवा सकता है। बाहर की बातों से खुद को प्रभावित न होने दें, अन्यथा सुख-चैन बाधित हो सकता है।

क्या करें- अनाथालय में भोजन करवाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

अंक 8- मार्बल-ग्रेनाइट के व्यापारी लाभ में रह सकते हैं। गैर सरकारी स्टेशनरी सप्लायरों के लिए समय अच्छा है। यदि कोई सर्जरी करवानी है तो डॉक्टर के परामर्श का पालन करें।

क्या करें- गुड़ के पानी से गणेश भगवान का अभिषेक करते हुए गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

अंक 9- मंत्री बनने की उम्मीद में बैठे राजनेताओं को अपनी इच्छा पूरी होने के लिए अभी और ठहरना पड़ेगा। विदेश सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सकता है। निकट के लोग झटका दे सकते हैं।

क्या करें- शिवलिंग पर गुलाब चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद



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Monday, March 23, 2020

मंगलवार को आकस्मिक खर्च करना पड़ सकता है, खानपान संबंधी सावधानी रखें

मंगलवार को आकस्मिक खर्च करना पड़ सकता है, खानपान संबंधी सावधानी रखें

जीवन मंत्र डेस्क. मंगलवार, 24 मार्च का मूलांक 6, भाग्यांक 4, दिन अंक 9, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार मंगलवार को अंक 3 की अंक 6 के साथ मित्र युति है। अंक 6 की अंक 4 के साथ विरोधी युति और अंक 9 के साथ परस्पर विरोधी युति और अंक 9 की अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बन रही है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा मंगलवार, 24 मार्च का दिन...

अंक 1- पेट्रो-केमिकल के क्षेत्र में किया निवेश लाभ दे सकता है। परिवार के लिए कुछ विशेष कर सकते हैं। आकस्मिक खर्च करना पड़ सकता है।

क्या करें- रूद्राष्टक का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद

अंक 2- बैंकिंग क्षेत्र की महिलाओं के लिए अधिक अनुकूल सिद्ध हो सकता है। समय इच्छित काम होने से मन प्रसन्न रह सकता है। खानपान संबंधी विशेष सावधानी बरतें।

क्या करें- गणेश भगवान को सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

अंक 3- लोगों के साथ अधिक मेलजोल रह सकता है। आर्किटेक्टों को अच्छा अवसर मिल सकता है। थकान की अधिकता रह सकती है।

क्या करें- शनि देव को उड़द चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

अंक 4- रेस्टोरेंट वालों के लिए अधिक अनुकूलता रह सकती है। अपने प्रयासों को सुनियोजित रूप में आगे बढ़ाएं, अन्यथा कम उलझने का खतरा है।

क्या करें- विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा

अंक 5- विदेश यात्रा अनुकूल रह सकती है। सर्जिकल आयटम्स निर्माता कंपनियों को अच्छा लाभ हो सकता है। व्यर्थ की यात्रा हो सकती है।

क्या करें- गुरु व्यक्ति का आशीर्वाद लें।

महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

अंक 6- फैशन डिजाइनरों के लिए अच्छा अवसर सामने आ सकता है। बैंक लोन लेने की कार्यवाही में लगे हैं तो इस मामले में उल्लेखनीय प्रगति हो सकती है। गरिष्ठ भोजन से बचें।

क्या करें- गाय को गुड़-रोटी खिलाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी

अंक 7- सहकर्मियों से अपेक्षित सहयोग मिल सकता है। सामाजिक पक्ष सुदृढ़ हो सकता है। ससुराल पक्ष से अनुकूलता रह सकती है।

क्या करें- हनुमानजी को सरसों के तेल में घुला सिंदूर चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल

अंक 8- उठापटक के कामों में हाथ डालें, सफलता मिलने के योग अधिक हैं। विवादास्पद सौदे से लाभ हो सकता है। देर रात तक घर से बाहर रहने से बचें।

क्या करें- रसदार मिठाई दान करें।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

अंक 9- नई एजेंसी या डीलरशिप लेना चाहते हैं तो इस दिशा में आगे बढ़ें। नया काम करने की सोचें, पासा सीधा पड़ सकता है। गाड़ी सावधानी से चलाएं।

क्या करें- भैरव मंत्र का जाप करें।

महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला



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मकर राशि में 29 मार्च से मंगल, गुरु और शनि का योग, सभी 12 राशियों पर होगा असर

मकर राशि में 29 मार्च से मंगल, गुरु और शनि का योग, सभी 12 राशियों पर होगा असर

जीवन मंत्र डेस्क. देव गुरु बृहस्पति रविवार, 29 मार्च को मकर राशि में प्रवेश कर रहा है। 25 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू होगी। नवरात्रि के बीच में गुरु का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के लिए खास रहने वाला है। इस राशि में गुरु नीच का रहता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार मकर में स्वराशि का शनि और उच्च का मंगल पहले से ही स्थित है। इन तीनों ग्रहों का योग सभी राशियों पर असर डालेगा। 4 मई को मंगल के राशि परिवर्तन से ये योग टूटेगा।

14 मई को होगा वक्री

पं. शर्मा के अनुसार गुरु ग्रह करीब 12 साल में राशि चक्र पूरा करता है यानी 12 वर्षों में करीब 1-1 वर्ष के सभी राशियों में रुकता है। मकर राशि में गुरु नीच का रहता है। इसका अर्थ है, इस राशि में गुरु प्रसन्न नहीं रहता। 14 मई से इसी राशि में गुरु वक्री होगा। 29 जून से वक्री रहकर ही धनु राशि में फिर से जाएगा। धनु में वक्री रहेगा। 13 सितंबर से धनु राशि में मार्गी हो जाएगा और 20 नवंबर को मकर में प्रवेश कर नीच का हो जाएगा।

मेष- ये तीनों ग्रह दशम रहेंगे। राशि स्वामी मंगल उच्च का रहेगा। अत: कार्य की अधिकता करने वाला होगा। विवादों में विजय दिलाने वाला होगा। पद प्राप्ति होगी।

वृषभ- तीनों ग्रह नवम रहेंगे। अत्यंत सचेत रहें। विचारों में द्वंद रहेगा। आय अच्छी रहेगी, पर संतुष्टि नही हो पाएंगी। मूल्यवान सामान गुम हो सकता है। धन का लेन-देन नगदी में करने से बचें।

मिथुन- राशि से अष्टम स्थान पर यह युति बनेगी। अत्यंत सावधानी से रहने का समय होगा। स्वयं पर नियंत्रण रखें और जोखिम के कार्यों से दूरी बनाएंगे तो बेहतर रहेगा। शत्रु हावी होने का प्रयास करेंगे और उनके मौके भी प्राप्त होंगे।

कर्क- राशि के ठीक सामने सप्तम स्थान पर यह युति होगी। इस युति से लाभ-हानि बराबर रहेगी। किसी प्रकार के बड़े नुकसान की संभावना नहीं है। कुछ योजनाएं बिगड़ सकती हैं एवं कुछ नई सफल भी होंगी।

सिंह- राशि से षष्ठम भाव में यह युति होगी। यह विरोधियों का शमन करने वाली भी होगी और बढ़ाने वाली भी होगी। विचलित भी रखेगी। क्रोध को बढ़ा सकती है। संयम से लाभ होगा।

कन्या- पंचम स्थान पर यह युति होगी। नौकरी में बदलाव के साथ आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा। जमीन से लाभ एवं संतान से सुख प्राप्त होगा।

तुला- चतुर्थ भाव में यह युति होगी। संभलकर रहने का समय है। योजनाएं बिगड़ सकती हैं। विरोधी नुकसान पंहुचाने का प्रयास करेंगे। कीमती सामान की सुरक्षा करें एवं वाहनादि का प्रयोग में सावधानी रखें।

वृश्चिक- तृतीय स्थान पर यह युति होगी। भाइयों से प्रेम बढ़ेगा और सहयोग मिलेगा। विरोधी भी परास्त होंगे। व्यापार में आगे बढऩे के मौके प्राप्त होंगे एवं पराक्रम श्रेष्ठ रहेगा।

धनु- द्वितीय स्थान पर यह युति होगी। स्थाई संपत्ति के लिए यह अत्यंत लाभकारी होगी, साथ ही समस्याओं का स्थाई समाधान प्राप्त होगा। नई जगहों पर जाने का मौका प्राप्त होगा।

मकर- यह अत्यंत सफलता दिलाने वाला होगा। शनि के कारण सम्मान एवं धन की प्राप्ति होगी एवं मंगल के कारण शत्रु परास्त करने में सफलता मिलेगी। गुरु नीच का होने के कारण कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।

कुंभ- द्वादश स्थान पर यह युति होगी और व्यय की अधिकता को बढ़ाने वाली होगी। कार्य स्थल पर मन नहीं रहेगा। विचलन ज्यादा होगी। समस्याएं एक के बाद एक आती जाएंगी।

मीन- एकादश स्थान पर इन तीन ग्रहों की युति होगी। पदोन्नती, समस्याओं का निदान और विरोधी परास्त होंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। धन लाभ में वृद्धि और संपत्ति में वृद्धिकारक होगा।



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Saturday, March 21, 2020

ऐसा ज्ञान किसी का काम नहीं, जिसकी वजह से दूसरों को हानि होती है

ऐसा ज्ञान किसी का काम नहीं, जिसकी वजह से दूसरों को हानि होती है

जीवन मंत्र डेस्क. एक प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में एक व्यापारी को अपना व्यापार बढ़ाने के लिए साझेदार की जरूरत थी। ये बात उसने अपने साथी व्यापारियों को भी बताई। कुछ दिनों के बाद उसके पास एक व्यक्ति आया और बोला कि वह साझेदार बनना चाहता है। व्यापारी को साझेदार चाहिए था तो उसने उसे भी अपने व्यापार में शामिल कर लिया। अब दोनों साझेदार व्यापार करने लगे। उनका काम तेजी से बढ़ रहा था।

एक दिन व्यापारी का एक दोस्त उससे मिलने आया तो उसने साथी साझेदार को देखा। दोस्त पहचान गया कि ये तो एक ठग है, चोरी करता है। व्यापारी का मित्र शास्त्रों का जानकार था। उसने पढ़ा था कि कभी भी किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए, इसीलिए उसने नए साझेदार की प्रशंसा की। मित्र ने व्यापारी से कहा कि तुम्हारा नया साझेदार जिसके साथ काम करता है, उसका विश्वास जीत लेता है। व्यापारी ने पूछा कि तुम इसे जानते हो तो बताओ इसके साथ साझेदारी आगे बढ़ानी चाहिए या नहीं? मित्र ने कहा कि ये बहुत मेहनती है।

व्यापारी इस बात से खुश हो गया, क्योंकि नया साझेदार बहुत अच्छा काम कर रहा था। उसकी वजह से व्यापार बढ़ रहा था। कुछ दिनों के बाद उनके पास बहुत धन आने लगा। मौका पाकर ठग साझेदार सारा धन लेकर गायब हो गया। व्यापारी बर्बाद हो गया। उसने साझेदार को बहुत खोजा, लेकिन वह नहीं मिला। तब वह अपने मित्र के पास पहुंचा जो उसे जानता था।

मित्र को व्यापारी ने पूरी बात बताई। मित्र बोला कि मैं तो ये बात पहले से ही जानता हूं कि वह ठग है। व्यापारी ने कहा कि ये बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई, तुम तो उस दिन उसकी तारीफ कर रहे थे।

शास्त्रों के जानकार मित्र ने कहा कि भाई मैं कभी झूठ नहीं बोलता, मैंने सच ही कहा था कि वह अपने काम से विश्वास जीत लेता है, उसने तुम्हारा विश्वास जीत लिया था। मैंने कहीं पढ़ा है कि कभी भी किसी बुराई नहीं करनी चाहिए, इसीलिए उसके ठग होने की बात तुम्हें नहीं बताई।

ज्ञानी मित्र की ये बातें सुनकर व्यापारी ने कहा कि तुम्हारे अधूरे ज्ञान की वजह से मैं बर्बाद हो गया। ऐसा ज्ञान किसी काम का नहीं है, जिसकी वजह से दूसरों को हानि होती है। तुम पहले बता देते तो मैं बर्बादी से बच सकता था।



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ऋतुओं के संधिकाल में आती है नवरात्रि, इन दिनों में खान-पान की लापरवाही न करें

ऋतुओं के संधिकाल में आती है नवरात्रि, इन दिनों में खान-पान की लापरवाही न करें

जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 25 मार्च से देवी दुर्गा का महापर्व चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है। इन दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा की जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार बुधवार से ही विक्रम संवत् 2077 भी शुरू हो रहा है।एक वर्ष में चार नवरात्रियां आती हैं। ये ऋतु परिवर्तन का समय रहता है। दो नवरात्रि सामान्य रहती हैं और दो गुप्त रहती हैं। चैत्र मास और आश्विन मास की सामान्य नवरात्रि मानी गई है। जबकि माघ और आषाढ़ मास में आने वाली नवरात्रि गुप्त होती हैं। इन दिनों में देवी साधना गुप्त रूप से की जाती हैं।

ठंड और गर्मी का संधिकाल

चैत्र नवरात्र से गर्मी का प्रभाव पूरी तरह से शुरू हो जाता है। ये ठंड और गर्मी का संधिकाल है। इस समय में मौसमी बीमारियां होने की संभावनाएं काफी अधिक रहती हैं। इसी वजह से नवरात्रि में व्रत रखने की परंपरा है, ताकि खानपान में लापरवाही न हो। इन दिनों मेंफलाहार लेने का महत्व है। फलों के रस का सेवन किया जाता है। ये हमारे शरीर के लाभदायक होते हैं। चैत्र नवरात्र को स्वास्थ्य नवरात्रि के नाम भी जाना जाता है। कुछ लोग इन दिनों में नीम की पत्तियों का सेवन भी करते हैं।

नवरात्रि में दान करने का है विशेष महत्व

देवी मां की पूजा का महापर्व है चैत्र नवरात्र। इन दिनों में देवी पूजा के साथ ही दान-पुण्य भी करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को भोजन और धन का दान करें। नवरात्रि में व्रत करने वाले लोगों को फल जैसे केले, आम, पपीता आदि का दान करें।

नवरात्रि में करें देवी मंत्र का जाप

नवरात्रि में विशेष रूप से देवी मां के मंत्रों का जप करना चाहिए। यदि आप चाहें तो दुर्गा शप्तसती का पाठ भी कर सकते हैं। देवी मां के पूजन में साफ-सफाई और पवित्रता का बहुत ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, मंत्र जाप में उच्चारण भी एकदम सही होना चाहिए। यदि आप मंत्रों का उच्चारण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो किसी ब्राह्मण से मंत्र जप करवा सकते हैं।

देवी मंत्र- या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।



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Hindu Nav Varsh New Year 2020; Vikram Samvat 2077 Start Date, importance of chaitra navratri, devi mantra, navratri do's and don'ts


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रविवार को वरिष्ठ लोगों के साथ काम करने पर लाभ मिल सकता है, अनावश्यक चिंताओं से बचें

रविवार को वरिष्ठ लोगों के साथ काम करने पर लाभ मिल सकता है, अनावश्यक चिंताओं से बचें

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार, 22 मार्च का मूलांक 4, भाग्यांक 2, दिन अंक 1, 4, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार अंक 2 की अंक 1, 3, 4 के साथ प्रबल मित्र युति बनी है। अंक 9 की अंक 2 के साथ विरोधी युति बन रही है और अंक 3 के साथ मित्र युति है और अंक 1 की अंक 4 के साथ विरोधी युति बन रही है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा रविवार, 22 मार्च का दिन...

अंक 1- पिछले प्रयासों को भुनाने का अवसर आ गया है, कोई कमी न छोड़ें। पद और उम्र में अपने से वरिष्ठ व्यक्ति के साथ काम करना लाभकारी रह सकता है। सिरदर्द दुखी कर सकता है।

क्या करें- परिवार से बाहर के व्यक्ति को रसदार मिठाई भेंट करें।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

अंक 2- अधिकारी पद पर तैनात महिलाओं को कार्यालय में तुलनात्मक रूप से अधिक सुगमता अनुभव हो सकती है। समाज कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के लिए समय उपलब्धिकारक रह सकता है। अनावश्यक चिंता से बचें।

क्या करें- भैरव बाबा को मोटी बूंदी के 4 लड्डू चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला

अंक 3- भविष्य के लिए महत्वपूर्ण नई योजना पर कार्य शुरू कर सकते हैं। निकट के लोगों का अच्छा सहयोग मिल सकता है। स्थानीय यात्रा कर सकते हैं।

क्या करें- चंदन मिले जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें।

महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा

अंक 4- अनाज मंडी के अधिकारियों के लिए स्थिति अनुकूल रह सकती है। किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिल सकता है। प्रिंटिंग प्रेस वालों को लाभ हो सकता है।

क्या करें- शिवलिंग पर आंकड़े के फूल चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद

अंक 5- नया परिचय बन सकता है, जो कि आगे जाकर लाभकारी रह सकता है। रेडीमेड गारमेंट्स वालों को उल्लेखनीय लाभ हो सकता है। तुलनात्मक रूप से दूर की यात्रा हो सकती है।

क्या करें- नारायण कवच का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

अंक 6- पिछले कुछ समय की तुलना में मानसिक रूप से अधिक मजबूती अनुभव हो सकती है। सौंदर्य प्रसाधन के व्यापारियों को लाभ हो सकता है। प्रातकालीन योग-व्यायाम पर विशेष ध्यान दें।

क्या करें- चींटियों को दाना डालें।

महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी

अंक 7- विद्यार्थी वर्ग के लिए परीक्षा संबंधी मामलों में लाभ की स्थिति रह सकती है। गृहिणियां विशेष खरीददारी कर सकती हैं। आडंबर से बचें।

क्या करें- शनि देव को काले तिल चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

अंक 8- पिता से संबंध संभालें। अपनी मौलिकता व स्वाभाविकता न खोएं। करियर संबंधी महत्त्वपूर्ण चिंता रह सकती है।

क्या करें- गुड़ के पानी से गणेश भगवान का अभिषेक करते हुए गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

अंक 9- लंबे समय से कोई पैतृक विवाद चल रहा है तो उसका समाधान आपके पक्ष में हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के लिए समय पक्षकारी सिद्ध हो सकता है। दिमागी उठापटक पर काबू रखें।

क्या करें- रसदार मिठाई खाएं और दान करें।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम



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Friday, March 20, 2020

शनिवार को नौकरी में पदोन्नति मिल सकती है, अंक 4 वाले लोग लाभ में रहेंगे

शनिवार को नौकरी में पदोन्नति मिल सकती है, अंक 4 वाले लोग लाभ में रहेंगे

जीवन मंत्र डेस्क. शनिवार, 21 मार्च का मूलांक 3, भाग्यांक 1, दिन अंक 8, मासांक 3 और चलित अंक 9 है। न्यूमेरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार गणेश के अनुसार अंक 8 की अंक 1 के साथ विरोधी युति है, अंक 3 और अंक 9 के साथ मित्र युति बनी है। अंक 9 की अंक 3 के साथ प्रबल मित्र युति बन रही है। जानिए अंकों के इन योगों की वजह से आपके लिए कैसा रहेगा शनिवार, 21 मार्च का दिन...

अंक 1- पदोन्नति या इसके कोई अन्य लाभ मिल सकता है। गृहिणियों के लिए परिवार में कुछ नया करने का अवसर आ सकता है। प्रसन्नता रह सकती है।

क्या करें- विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।

महत्वपूर्ण अंक- 3, महत्वपूर्ण रंग- पीला

अंक 2- विरासत का मामला पक्ष में आ सकता है। पैतृक विवाद में विजय संभव है। मानसिक तनाव परेशान कर सकती है।

क्या करें- अपनी कुलदेवी को पारंपरिक भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 4, महत्वपूर्ण रंग- नीला

अंक 3- शिक्षक वर्ग के लिए उपलब्धिकारक अवसर आ सकता है। लोगों के साथ तालमेल में सुविधा रहेगी। तबीयत खुश रह सकती है।

क्या करें- शनि देव को उड़द चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 8, महत्वपूर्ण रंग- काला

अंक 4- कार्य के विस्तार के संबंध में मिल रहे प्रस्ताव को स्वीकार कर सकते हैं। लाभ में रहेंगे। कोशिश करें कि अपनी बात लोगों को समझाते समय आवाज धीमे रखें। थकान के बाद भी राहत मिल सकती है।

क्या करें- भिखारी को भोजन करवाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 6, महत्वपूर्ण रंग- क्रीम

अंक 5- महत्वपूर्ण निर्णय लेना है तो उसके सभी पहलुओं पर अच्छी तरह विचार करें। कपड़ा व्यापारियों के लिए अधिक अनुकूलता रह सकती है। हड्डी संबंधी समस्या से राहत मिल सकती है।

क्या करें- शिवलिंग पर आंकड़े के फूल चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 2, महत्वपूर्ण रंग- सफेद

अंक 6- अनाज और खान-पान की सामग्री के कारोबारियों के लिए समय लाभकारी सिद्ध हो सकता है। फर्नीचर के थोक व्यापारियों को अधिक सुविधा रह सकती है। खर्च पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें।

क्या करें- गणेश भगवान को गुड़ का भोग लगाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 5, महत्वपूर्ण रंग- हरा

अंक 7- किसी वरिष्ठ परिजन से संबंधित चिंता रह सकती है। गायनो चिकित्सकों के लिए अच्छा समय है। भागादौड़ी उतनी ही करें, जितनी आपकी क्षमता में हो।

क्या करें- हनुमानजी को सरसों के तेल में घुला सिंदूर चढ़ाएं।

महत्वपूर्ण अंक- 9, महत्वपूर्ण रंग- लाल

अंक 8- करियर संबंधी खास फैसला करते समय किसी निकट परिजन या इष्ट मित्र को साथ ले लें। टायर-ट्यूब निर्यातकों को उपयुक्त अवसर मिल सकता है। मानसिक विचलन रह सकता है।

क्या करें- कुत्तों को रोटी डालें।

महत्वपूर्ण अंक- 7, महत्वपूर्ण रंग- बैंगनी

अंक 9- जो राजनेता अपनी संतान को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए समय बहुत अनुकूल है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए उपयुक्त समय है। पुरानी चोट से मुक्ति संभव है।

क्या करें- रक्तचंदन मिले जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

महत्वपूर्ण अंक- 1, महत्वपूर्ण रंग- सुनहरा



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