राधिका आप्टे की मानें तो वे शादी में यकीन नहीं रखतीं। खास बात यह है कि वे 2012 में ब्रिटिश म्यूजिशियन बेनेडिक्ट टेलर से शादी करनी कर चुकी हैं और अभी लंदन में उन्हीं के साथ रह रही हैं। हालांकि, राधिका के मुताबिक, यह शादी उन्हें लंदन का वीजा पाने की मजबूरी में करनी पड़ी थी।
'शादीशुदा होने पर वीजा आसानी से मिल जाता है'
राधिका ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के शो विट फिक्स में विक्रांत मैसी से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को ऐसे सवालों के जवाब दिए, जो आमतौर पर इंटरव्यू में नहीं पूछे जाते।
जब राधिका से पूछा गया कि उन्होंने शादी कब की? तो उन्होंने जवाब में कहा- जब मुझे अहसास हुआ कि अगर आप शादीशुदा हैं तो आपको वीजा आसानी से मिल जाता है। मुझे लगता है कि इस तरह की बाउंड्रीज नहीं होनी चाहिए। मैं शादी में यकीन नहीं रखती। मैंने शादी की, क्योंकि वीजा की दिक्कत थी और हम (राधिका और बेनेडिक्ट) साथ रहना चाहते थे। मुझे लगता है कि यह सही नहीं है।
बेनेडिक्ट टेलर और राधिका आप्टे।
पूरा लॉकडाउन बेनेडिक्ट के साथ बिताया
राधिका ने पूरा लॉकडाउन बेनेडिक्ट के साथ लंदन में ही बिताया। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने रुटीन के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था- रुटीन होना आम बात है। लेकिन ऐसे समय में मैंने अच्छा खाया, कसरत की, लिखने और देखने की कोशिश की और कुछ भी नहीं किया।
राधिका को 'न्यू नॉर्मल' टर्म पसंद नहीं
राधिका को लगता है कि कोविड-19 की वैक्सीन आने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। वे कहती हैं, "मुझे 'न्यू नॉर्मल' टर्म पसंद नहीं है। यह उस समय तक है, जब तक हमें समस्या से निपटने के लिए टीका नहीं मिल जाता। हमें विश्वास है कि हम वापस सामान्य हो जाएंगे। एक बार जब हम वापसी कर लेंगे, तो इस बारे भूल जाएंगे।"
आखिरी बार 'रात अकेली है' में दिखी थीं
राधिका आखिरी बार नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज 'रात अकेली है' में नजर आई थीं। जुलाई में रिलीज हुई इस वेबसीरीज में उनके साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी की भी अहम भूमिका थी। सीरीज से कास्टिंग डायरेक्टर हनी त्रेहान ने बतौर निर्देशक डेब्यू किया था।
फिल्म के को-प्रोड्यूसर अमित बी वाधवानी ने खुलासा किया है कि पीएम मोदी की बायोपिक को दोबारा रिलीज किए जाने की खबर के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। कोरोना महामारी के कारण 7 महीने तक सिनेमाघरों पर ताला लगा था। लेकिन 15 अक्टूबर से एक बार फिर थियेटर खुल रहे हैं। जिसके बाद ये अनाउंसमेंट किया गया था कि विवेक ओबेरॉय स्टारर पीएम मोदी की बायोपिक फिर से रिलीज होगी।
अमित ने बताया कि मौत की धमकी मिलने के लिए उन्होंने साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। एक इंटरव्यू में इसके बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं चिंतित हूं। नफरत फैलाने वाले कंटेंट या संवेदनशील कंटेंट के विपरीत जिस पोस्ट पर धमकियां मिली थीं, वह महज एक फिल्म की घोषणा थी और वह भी पीएम की बायोपिक। मैं इस रिएक्शन से शॉक्ड हूं। यह कहने में कुछ भी अपमानजनक नहीं था कि मेरी फिल्म फिर से रिलीज हो रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे जैसे कानून का पालन करने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता है। ये साबित करता है कि साइबर बुलिंग अब आम हो गई है खासतौर पर बॉलीवुड में जो विवादों के घेरे में रहा है।"
फिल्म निर्माताओं को अपना कंटेंट रिलीज करने के लिए आने वाली समस्याओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “फिल्म मेकर्स हमेशा एजेंडों का शिकार होते हैं। यह देखते हुए कि बहुत सारा पैसा दांव पर है, बॉलीवुड एक सॉफ्ट टारगेट है। इंडस्ट्री को एक कलात्मक लेंस के बजाय राजनीतिक लेंस से देखा जा रहा है। हालिया विवादों के कारण परेशानी बढ़ गई हैं, जिससे जनता की राय बदल गई है। फिल्म थिएटर बंद हैं, बॉलीवुड लॉकडाउन के कारण गंभीर रूप से प्रभावित है।"
विवेक ने निभाया था पीएम का रोल
पीएम मोदी की बायोपिक में एक्टर विवेक ओबेरॉय ने उनका रोल किया है। ओमंग कुमार इसके डायरेक्टर हैं और यह 2019 में रिलीज हुई थी। इसमें नरेंद्र मो
देश के बहुसंख्यक इलाकों में सिनेमाघर खुलने की इजाजत मिलते ही मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन वालों ने कमर कस ली है। मल्टीप्लेक्स वालों ने आगामी तीन महीनों में रिलीज होने वाली फिल्मों की अनाउंसमेंट भी कर दी है। सिने चेन पीवीआर ने अपना कंटेंट पाइपलाइन दैनिक भास्कर के साथ शेयर किया है। ये फिल्में होंगी रिलीज-
नवंबर में- ‘बंटी और बबली2’, ‘इंदू की जवानी’, ‘छलांग’, ‘संदीप और पिंकी फरार’, ’99 सॉन्ग्स‘, मिमी, टेनेंट’ दिसंबर में- ‘83’, ‘रूही अफजाना’, ‘डेथ ऑन द नाइल’, ‘वंडर-वुमेन’, ‘ड्यून’ जनवरी में- 'सूर्यवंशी', ‘सरदार ऊधम सिंह’, ‘केजीएफ2’, ‘आधार’, ‘राम प्रसाद की तेरहवीं’, ‘पीटर रैबिट’, ‘एवरीबॉडीज टॉकिंग अबाउट जैमी’
नामी अभिनेताओं की फिल्मों के रेट्रो-स्पेक्ट भी
सिने पोलिस सिने चेन के डिप्टी सीईओ देवांग संपत ने कहा, "नामी अभिनेताओं की फिल्मों के रेट्रो स्पेक्ट भी चलेंगे। मिसाल के तौर पर ऋषि कपूर और इरफान साहब की फिल्मों का बुके होगा। इसके अलावा तमिल, बंगाली, तेलुगू, मलयाली भाषी फिल्मों पर जोर होगा। उन भाषाओं की फिल्में न सिर्फ संबंधित राज्यों, बल्कि हिंदी भाषी प्रदेशों में भी रिलीज होंगी।"
देवांग संपत की बातों पर डिस्ट्रीब्यूटर और एग्जीबिटर बिरादरी ने मुहर लगाई। उन्होंने कहा, "पंजाबी फिल्मों में नई रिलीज की भी स्लेट तैयार हैं। पंजाबी में ‘चल मेरा पुत्त 2’, ‘यार अनमुले रिटर्न्स’, ‘गलवकडी,’ पोस्टी’, ‘ बू मैंदार गई, ‘शरीक 2’, किस्मत 2’, ‘शोहरें दा पिंड’ जैसी फिल्में हैं।"
बांग्ला भाषा की नई फिल्में अक्टूबर से ही मिलेंगी
बंगाली भाषा में तो अक्टूबर महीने से ही नए कंटेंट उपलब्ध हो रहे हैं। मल्टीप्लेक्सेज में ‘ड्रैकुला सर’, ‘गुलदस्ता’, ‘रोहोस्य‘, ‘ऑगोंतुक’, ‘प्रेम टेम’, ‘धर्मो युद्ध’ जैसी फिल्में रिलीज होंगी। साथ ही री-रिलीज वाली कैटेगरी में ‘ब्रह्मा जाने गोपोन कोमोटी’ , ‘द पार्सल’ हैं।
दिल्ली सर्किट में पहले 'तान्हाजी' और 'वॉर'
दिल्ली सर्किट के एग्जीबिटर और डिस्ट्रीब्यूटर संजय घई ने कहा, "नवंबर महीने से सिनेमाघरों के सामने नई फिल्मों की क्राइसिस नहीं है। 16 अक्टूबर वाले वीकेंड में हम लोग ‘वॉर’ और ‘तान्हाजी’ जैसी फिल्मों को री-रिलीज करेंगे।
साथ में ‘छिछोरे’ व इस साल 28 फरवरी से आठ महीने पहले तक रिलीज हुईं फिल्मों को एक ही दिन में अलग-अलग शो में रिलीज करते रहेंगे। ताकि दर्शकों को वैरायटी ऑप्शन मिलते रहें। इन फिल्मों को सिनेमाघर एक बार अपने यहां रिलीज कर चुके हैं। ऐसे में, फिर से रिलीज करने में उन्हें वर्चुअल प्रिंट फीस का भी वहन नहीं करना होगा।"
दिवाली पर तीन फिल्में रिलीज होने की उम्मीद
घई आगे बताते हैं, "दीवाली पर दो-तीन फिल्में पहले भी रिलीज होती रही हैं। इस बार भी वैसा पैटर्न दिख रहा है। ‘सूरज पर मंगल भारी’ आधिकारिक तौर पर रिलीज हो रही है ही। उसके अलावा ‘बंटी और बबली 2’ व भंसाली की फिल्म की रिलीज होने की प्रबल संभावना है।"
सिंगल स्क्रीन्स पर रिलीज होगी लक्ष्मी बॉम्ब
आइनॉक्स समेत बाकी मल्टीप्लेक्सेज के साथ ‘लक्ष्मी बॉम्ब’, ‘कुली नं. 1’ आदि को ओटीटी के साथ या आगे पीछे वाले वीकेंड पर रिलीज करने को लेकर बैठकों का दौर जारी है।
मल्टीप्लेक्स वाले ओटीटी रिलीज के चलते इन्हें अपने यहां रिलीज न करने पर अड़े हुए हैं। लेकिन मगर सिंगल स्क्रीन वालों ने कहा है कि वे अपने यहां इन्हें रिलीज करने को राजी हैं। खासकर, ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ जो 9 नवंबर को हॉटस्टार पर रिलीज हो रही है, उसे 13 या 14 नवंबर को ठीक बड़े पर्दे पर रिलीज करने की तैयारी है।
अक्षय कुमार और सोनू सूद ने 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है। सेट से अक्षय कुमार की एक्सक्लूसिव फोटो दैनिक भास्कर के हाथ लगी है। फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया कि यह शेड्यूल 30 नवंबर तक चलेगा। इन दिनों शूटिंग यशराज स्टूडियो में हो रही, लेकिन बहुत जल्द इसे मुंबई के मड आईलैंड में पूरा किया जाएगा।
कोरोना के कारण शेड्यूल लंबा है
फिल्म का लंबा शेड्यूल इसलिए है, ताकि सबका नियमित रूप से कोरोना टेस्ट भी होता रहे। क्रू मेंबर्स की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें स्टूडियो में एंट्री दी जा रही है। उन्हें एक साथ पास के ही एक होटल में रखा गया है। वहीं से बायो बबल की तर्ज पर सबकी आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।
दिवाली बाद शूट करेंगे संजय दत्त
फिल्म में संजय दत्त भी हैं। वे मोहम्मद गौरी के रोल में हैं। चूंकि इन दिनों वे इम्युनोथैरेपी करवा रहे हैं। इसलिए उनका शेड्यूल दिवाली बाद रखा गया है। फिलहाल अक्षय कुमार, सोनू सूद और मानव विज आदि के सीक्वेंस पूरे किए जा रहे हैं। 13 तारीख से मानुषी छिल्लर भी शूटिंग का हिस्सा बनेंगी।
लॉकडाउन से पहले शूट हो चुका था बड़ा हिस्सा
सेट पर मौजूद सूत्रों में से एक ने बताया, "मार्च में लॉकडाउन लगने से पहले फिल्म का बड़ा हिस्सा शूट हो चुका था। जयपुर में राजा-महाराजाओं के महलों के एक्सटीरियर का स्टॉक फुटेज काफी है। बाकी हिस्से की शूटिंग को पूरा करने के लिए वाईआरएफ स्टूडियो के भीतर बड़ा सेट तैयार किया गया है। यहां का इंटीरियर जयपुर के एक्सटीरियर शॉट के साथ मर्ज किया जाएगा।"
डायरेक्टर ने भी की शूटिंग की पुष्टि
हमने इस बारे में जानने के लिए फिल्म के डायरेक्टर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा, "जी हां, हमने वाईआरएफ स्टूडियो में 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है और इस शेड्यूल को लेकर पूरी टीम काफी एक्साइटेड है।"
हाल ही में रिलीज हुई स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज 'क्रैकडाउन' में साकिब सलीम रॉ एजेंट की भूमिका निभाते हुए दिख रहे हैं। जिसे लेकर उन्हें खूब तारीफें मिल रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान उन्होंने कोरोनाकाल में शूटिंग करने से लेकर, एक्शन से जुड़े रोचक किस्से साझा किए।
वेब सीरीज में अपने निभाए किरदार बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 'ये एक स्पाई थ्रिलर वेब सीरीज है और इसमें हम सभी दुनिया भर में कोवर्ट ऑपरेशन करते हुए नजर आ रहे हैं। मैं एक सीक्रेट एजेंट की भूमिका निभा रहा हूं। अपने इस रोल के लिए मुझे बहुत सारे कॉम्प्लीमेंट मिल रहे हैं। मेरी बहन हुमा भी मेरे इस रोल को लेकर बहुत एक्साइटेड है। हालांकि क्योंकि वो बेल बॉटम की शूटिंग कर रही थी इसीलिए अबतक वो इस सीरीज को नहीं देख पाई है।'
Q- आप काफी सारे एक्शन सीक्वेंसेस में नजर आ रहे हैं? अपने रोल के लिए आपने कैसे तैयारी की थी?
'इस रोल के लिए मुझे अपनी बॉडी पर काफी काम करना पड़ा क्योंकि मैं एक सीक्रेट एजेंट, एक रॉ एजेंट की भूमिका निभा रहा हूं। जिसे फील्ड पर रहना है, दौड़ना भी है, कूदना भी है और लड़ना भी है। बहुत सारे एक्शन सीक्वेंस थे तो मैंने करीब 5 महीने अपनी बॉडी पर काम किया।'
'वैसे तो मैं हमेशा से ही फिट रहा हूं लेकिन इस किरदार में मुझे अपनी बॉडी से बड़ा भी दिखना था। जब इस तरीके की बॉडी मैंने बना ली तब मुझे यह फील हुआ कि मेरी बॉडी बहुत स्टिफ है और एक्शन सीक्वेंस करने के लिए मुझे थोड़ा लचीला होना चाहिए जिसके लिए मैने किक बॉक्सिंग का सहारा लिया। इसके अलावा मैंने 1 महीने तक इस रोल को लेकर वर्कशॉप भी की।'
Q-आपकी सिस्टर हुमा कुरैशी हाल ही में बेल बॉटम की शूटिंग करने के लिए विदेश गई थीं। उनकी सेफ्टी को लेकर आपके पैरेंट्स कितने कंसर्न थे और क्या कुछ बातचीत होती थी?
'दरअसल मैंने और हुमा, हम दोनों ने ही इस कोरोना काल में शूटिंग की है। हम दोनों ने साथ में डिसीजन लिया था कि हम अपनी-अपनी शूटिंग करेंगे लेकिन पूरी सतर्कता के साथ और पूरी एहतियात बरतते हुए। हां शुरुआत में मुझे थोड़ी नर्वसनेस थी यह सोचकर कि क्या होगा, कैसे होगा लेकिन यह हिचकिचाहट भी एक-दो दिन में ही चली गई क्योंकि हम दोनों की फिल्मों के प्रोड्यूसर ने सारे सेफ्टी मेजर अपनाए थे।'
Q- पिछले 2 सालों में थ्रिलर पर आधारित कई वेब सीरीज रिलीज हुई हैं जैसे फैमिली मैन, स्पेशल ऑप्स। क्या कभी लगा कि इन शोज से आपकी वेब सीरीज को कंपेयर किया जा सकता है?
'देखें इन सभी वेब सीरीज की कहानी अलग है। इनको दर्शाया अलग तरीके से गया है। मेरे दिमाग में कभी नहीं आया कि मेरी वेब सीरीज को इस जॉनर की बाकी प्रसिद्ध वेब सीरीज से कंपेयर किया जाएगा। मेरा सिर्फ यह मानना है की ऐसी वेब सीरीज हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है। हेल्थी कॉन्पिटिशन हमेशा होना चाहिए।'
Q- शूटिंग के दौरान आपने क्या चैलेंजेस फेस किए?
'मुझे याद है कि हम इस वेब सीरीज का क्लाइमैक्स शूट कर रहे थे नांदेड़ में एक एयरपोर्ट पर। उस समय वहां बहुत ठंड थी और मेरा सीन शर्टलेस था। उस समय ठंड के मारे मेरी हालत खराब हो गई थी और मैं कंपकंपा रहा था लेकिन अगर आप सीरीज में देखेंगे तो आपको ये पता भी नहीं चलेगा।'
Q- अपने आने वाले प्रोजेक्ट के लिए आपने भूतपूर्व कप्तान मोहिंदर अमरनाथ से ट्रेनिंग ली है क्या कुछ सीखा उनसे?
'मैंने उनसे गाने, खेलने की टेक्निक तो सीखी है लेकिन साथ ही सबसे बड़ी बात सीखी कि लाइफ में हमेशा पॉजिटिव कैसे रहना है। कैसे हर मुश्किल घड़ी में भी खुद को शांत और संयमित बनाकर रखना है। उनके साथ समय बिताकर मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं सिर्फ उनको ऑब्जर्व करता था कि वो कैसे हैं और मैं कैसे उनकी तरह एक्ट कर पाऊंगा।'
Q- आपको कॉमेडी करना ज्यादा मुश्किल लगता है या एक्शन? किसके लिए ज्यादा प्रिपरेशन चाहिए?
'दोनों जॉनर में अपने-अपने चैलेंज होते हैं। जहां कॉमेडी के लिए टाइमिंग महत्वपूर्ण है वहीं एक्शन के लिए सही बॉडी चाहिए। मुझे एक्शन इसीलिए ज्यादा मुश्किल लगता है क्योंकि बॉलीवुड में ऋतिक रोशन , टाइगर श्रॉफ, विद्युत जामवाल जैसे एक्टर्स ने एक्शन की फील्ड में बहुत हाई बेंचमार्क सेट कर दिया है। जिसकी वजह से हम सभी को काफी मेहनत लगती है उनके जैसा एक्शन करने में।'
कुछ राज्यों को छोड़कर 15 अक्टूबर से बाकी जगहों पर थिएटर्स खुलने जा रहे हैं। ऐसे में सिनेमाघर संचालकों की नजर नए कंटेंट के लिए 'सूर्यवंशी' के अलावा '83' पर भी टिकी हुई हैं। ऐसे में अभिनेता ताहिर राज भसीन को पूरी उम्मीद है कि जब सिनेमाघर खुलेंगे तो '83' थिएटरों को क्रिकेट स्टेडियम में तब्दील कर देगी और हाउसफुल का माहौल रहेगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पहली बार वर्ल्ड कप जीतने पर बनी इस फिल्म में ताहिर क्रिकेटर सुनील गावस्कर का किरदार प्ले करते नजर आएंगे।
ताहिर ने कहा, 'बड़ी राहत की बात यह है कि मल्टीप्लेक्सों और उससे जुड़े अन्य कारोबारों के हजारों कर्मचारियों को आखिरकार कुछ चैन मिलेगा, जो थिएटरों के खुले रहने पर निर्भर रहते हैं। यह एक ऐसा सेक्टर है, जिस पर बहुत लंबे लॉकडाउन की गहरी मार पड़ी है। सिनेमाघरों को लेकर नए डेवलपमेंट से मैं बहुत खुश हूं। मैं थिएटरों में ‘83’ की रिलीज की प्रतीक्षा कर रहा हूं। यह एक ऐसी फिल्म है, जो थिएटरों को क्रिकेट स्टेडियम में तब्दील कर देगी।'
सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखना होगा
ताहिर को इस बात का पूरा भरोसा है कि थिएटर हर वो जरूरी कदम उठाएंगे, जो फिल्म देखने को एक सुरक्षित अनुभव बनाएगा। इस वायरस से मुकाबला करने के लिए वो लोगों से जिम्मेदार नागरिक बनने का अनुरोध भी करते हैं।
ताहिर कहते हैं, 'थिएटरों में फिल्मों का आनंद उठाने की बजाए उन सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देना चाहिए, जिनका सिनेमा हॉल और लोगों द्वारा एक संयुक्त प्रयास के तौर पर पालन किया जाना अति आवश्यक है। यानी मास्क पहनना, एक-दूसरे से दूरी बनाए रखना और कोविड-19 के लक्षण दिखने पर बाहर निकलने से बचना।'
'ये सुरक्षा के ऐसे सेल्फ-चेक हैं, जिन पर हमें टिके रहना होगा। देश में मनोरंजन के पसंदीदा स्वरूप की वापसी का जश्न मनाने के साथ-साथ हमें न्यू-नॉर्मल की हदों के इर्द-गिर्द बड़ी सावधानी और जागरूकतापूर्ण ढंग से गुजारा करना होगा।'
हाल ही में सोशल मीडिया में संजय दत्त की एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें वे काफी कमजोर नजर आ रहे थे। इसे लेकर कहा जा रहा था कि कीमोथेरेपी की वजह से उनका वजन गिर गया है। हालांकि सच्चाई कुछ और है। दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक ना तो उनका वजन 20 किलो कम हुआ है और ना ही उनकी कीमोथेरेपी हो रही है।
दैनिक भास्कर को जानकारी देते हुए संजू बाबा के करीबियों ने बताया कि उनके वजन में मात्र पांच किलो की गिरावट हुई है और वो कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी करवा रहे हैं। करीबियों की मानें तो अभिनेता की बीमारी उतनी गंभीर नहीं है, जितनी कि मीडिया में प्रोजेक्ट की जा रही है।
संजय रोजाना दो से तीन घंटे जिम में बिता रहे
अभिनेता के करीबियों ने महज तस्वीरों के आधार पर उनके वजन में 20 किलो तक की गिरावट के दावे पर भी एतराज जताया। उनके परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'तस्वीरों से वजन में इतनी गिरावट का अंदाजा कैसे लगा लिया गया। ये संजय जैसे फाइटर का अपमान है। असलियत यह है कि वे रोजाना दो से तीन घंटे जिम में बिता रहे हैं। अपकमिंग फिल्मों के लिए उन्हें स्लिम लुक में दिखना है।
बढ़ी दाढ़ी की वजह से चेहरा भरा हुआ लगता था
गिरी हुई सेहत दिखने की वजह बताते हुए उनके करीबी ने कहा कि संजय ने पिछले काफी लंबे समय से शेव नहीं की थी। ऐसे में बढ़ी दाढ़ी की वजह से उनके चेहरे व गले की सिलवटें नहीं दिखती थीं और चेहरा भरा हुआ नजर आता था।
दुबई जाने से पहले साफ करवाई थी दाढ़ी
हाल ही में दुबई जाने से पहले उन्होंने क्लीन शेव की और जब वो वहां से वापस आए तो पतले चेहरे के चलते उन्हें बीमारू बता दिया गया, जबकि असल में वे फिट एंड फाइन हैं और हर रोज नए राइटरों और डायरेक्टरों से मिल रहे हैं। पिछले दो दिनों में उन्होंने दो-तीन डायरेक्टरों से नई कहानियों के नरेशन लिए हैं।
रवि चड्ढा के साथ बना रहे 'डम डम डिगा डिगा'
संजय दत्त के करीबियों की बातों की पुष्टि फिल्म मेकर रवि चड्ढा के करीबियों ने भी की है। रवि चड्ढा उनके साथ 'डम डम डिगा डिगा' फिल्म बना रहे हैं। इसमें जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी भी हैं। इसे यासवी फिल्म्स प्रोड्यूस कर रहे हैं। जिन्होंने हाल ही में श्रेयस तलपड़े और पवन मल्होत्रा आदि के साथ ‘सेटर्स’ बनाई थी।
जल्द ही बचा हुआ काम पूरा करेंगे संजू
मेकर्स ने संजय दत्त की सुविधा का ख्याल रखते हुए महबूब स्टूडियो में शूटिंग का शेड्युल रखा है। उनके मुताबिक ये 'धमाल' वाले जोनर की तरह फील गुड वाली फिल्म होगी। इस प्रोजेक्ट के अलावा संजू बहुत जल्द 'शमशेरा' की डबिंग और भुज: प्राइड ऑफ इंडिया’ का बचा हुआ काम भी पूरा करेंगे।
कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी ले रहे
संजय दत्त के करीबियों ने उनकी हेल्थ को लेकर भी नई डेवलपमेंट बताई है। उनके मुताबिक संजय कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी ले रहे हैं। यह एक नई तकनीक है। जिसमें शरीर की प्रतिरक्षक कोशिकाएं, कैंसर की मेलिनेंट कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती हैं।
इस थेरेपी में स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं होता
इम्युनोथेरेपी लेने से बीमारी से लड़ने की ताकत इतनी मजबूत हो जाती है कि कैंसर तक का मुकाबला किया जा सकता है। रिपोर्ट में बहुत से लोगों को इम्युनो ओंकोलॉजी से फायदा हुआ है। इस तकनीक में हर इंसान की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इम्युन बूस्टर थेरेपी दी जाती है। लिहाजा इम्युन सेल्स खासतौर पर कैंसर की कोशिकाओं पर हमला करती हैं और शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती।
कीमोथेरेपी में हेल्दी सेल्स भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं
कीमोथेरेपी के मुकाबले यही यहां फर्क है। कीमो के दौरान हेल्दी सेल्स भी अफेक्ट हो जाती हैं। नतीजतन कैंसर रोग के दोबारा होने के आसार रहते हैं। संजय दत्त इम्युनोथेरेपी ले रहे हैं। इससे इलाज के साइड इफेक्ट से वो बचे रह सकते हैं।
कोरोनाकाल के बीच काम शुरू करने वाले सितारों की लिस्ट में आलिया भट्ट का नाम भी जुड़ गया है। जिन्होंने हाल ही में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस फिल्म की शूटिंग जनवरी तक पूरा करने का टारगेट है।
फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई की फिल्मसिटी में चल रही है। सूत्रों के मुताबिक शूटिंग के दौरान कलाकारों और क्रू मेंबर्स का ज्यादा से ज्यादा वक्त बचाने के लिए सेट पर खास तरीका अपनाया जा रहा है और ज्यादा से ज्यादा सीन्स की शूटिंग रात में की जा रही है।
रात को शुरू होती है फिल्म की शूटिंग
सूत्रों ने बताया, 'कलाकार और क्रू मेंबर्स देर शाम को सेट पर आते हैं। पूरी रात शूट करते हैं और सुबह घर वापसी करते हैं। पूरे दिन आराम करने के बाद एकबार फिर शाम को सेट पर लौट आते हैं। इस तरह सब मुंबई के ट्रैफिक में फंसने से बच जाते हैं। साथ ही सेट पर रात के साए में कमाठीपुरा की दुनिया को कैमरे में कैद करते हैं।'
आलिया भी नाइट ड्यूटी करने के लिए राजी
सोर्सेस का कहना है कि फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली अगले साल जनवरी तक यही शेड्यूल रखना चाहते हैं। आलिया भी तब तक 'नाइट ड्यूटी' करने को राजी हैं। फिल्म में आलिया को उम्रदराज भी दिखाया जाएगा। हालांकि उसके लिए भंसाली ने उनसे वजन बढ़ाने को नहीं कहा है।
सेट पर कुछ लोग कोरोना संक्रमित भी हुए
सेट के लोगों ने यह भी बताया कि बीच में सेट पर कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव निकल आए थे। जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि इसके बाद भी अन्य लोग और कलाकार घबराए नहीं और बेखौफ शूट करते रहे।
फिल्म में अजय देवगन का होगा कैमियो
फिल्म में अजय देवगन का कैमियो भी देखने को मिलेगा। हालांकि उनके हिस्से की शूटिंग नहीं हुई है। राइटिंग टीम से जुड़े लोगों ने बताया कि भंसाली ने फिलहाल आलिया के अपोजिट रणबीर कपूर को साइन नहीं किया है। अजय देवगन भी आलिया के अपोजिट नहीं हैं। वे उनके मेंटोर या प्रोटेजी के रोल में हैं। अजय देवगन दो हफ्ते बाद फिल्म को ज्वॉइन करेंगे।
फिल्म में होंगे दो अलग-अलग टाइम जोन
फिल्म दो अलग-अलग टाइमजोन में सेट है। एक हिस्सा विभाजन से पहले का है, वहीं दूसरा पोर्शन आठवें दशक में सेट है। 1946 के कमाठीपुरा को दिखाने के लिए भंसाली वहां 10 से ज्यादा बार आ चुके हैं और सेट को रियल लुक देने के लिए कई पुराने वास्तुकारों से भी मिल चुके हैं। हालांकि फिल्म में चौथे दशक का छोटा सा हिस्सा देखने को मिलेगा। बाकी 80 प्रतिशत फिल्म सातवें दशक में सेट है।
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कम नहीं किया गया फिल्म का बजट
कोरोना इफेक्ट के बाद भी मेकर्स ने फिल्म के बजट में कटौती नहीं की है। फिल्मसिटी में कमाठीपुरा रीक्रिएट किया गया है और उस पर तकरीबन छह करोड़ खर्च हुए हैं। सेट पहले का ही बना हुआ है। आर्ट डिपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि सेट कभी डिमॉलिश नहीं हुआ था। मीडिया में ना जाने कहां से ऐसी खबरें आ गई थीं।
सिंक साउंड में हो रही है फिल्म की शूटिंग
शूटिंग पूरी होने के बाद डबिंग से बचने के लिए भंसाली शूट के दौरान एक खास काम भी कर रहे हैं। इसके लिए वे सेट पर सिंक साउंड में शूट करवा रहे हैं। ताकि शूटिंग पूरी होने पर बाद डबिंग करने के लिए रिकॉर्डिंग स्टूडियो जाने की जरूरत कम से कम पड़े।
हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'परिवार' में अभिनेता गजराज राव एक बार फिर अपनी एक्टिंग का जलवा दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वेब सीरीज को उन्होंने सिर्फ इस मकसद से साइन किया क्योंकि उन्हें फिल्म 'भेजा फ्राई' के डायरेक्टर के साथ काम करना था। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने इसकी शूटिंग और अपने जीवन से जुड़े किस्से साझा किए।
Q- इस कोरोनाकाल ने हम सभी को बहुत कुछ सिखाया है आपने इस मुश्किल समय से क्या सीख ली है?
गजराज- 'हम सभी ने कोरोना काल में यह सीखा है कि कैसे खुद को बचा कर के काम करना है, सुरक्षित रहना है। मुझे नहीं लगता कि यह मास्क हमारी जिंदगी से अगले 1 या 2 सालों में कहीं जाने वाला है लेकिन आज भी जब लोग मास्क को नाक के नीचे पहनते हैं तो गुस्सा आता है। कुछ दिन पहले ही मैं बैंक गया था जहां लोग मास्क को नाक के नीचे पहने दिखे। मेरा मन किया कि मैं जाकर कुछ बोलूं लेकिन आजकल लोग बहुत जल्दी भड़क जाते हैं। हम सभी को यह समझना होगा कि मास्क हम अपनी सुरक्षा के लिए पहन रहे हैं, मात्र एक ड्यूटी के लिए नहीं।'
Q- इस वेब सीरीज में आपका लुक बहुत इंटरेस्टिंग है, पहली बार आपको बड़े बालों में देखा जा रहा है?
गजराज- ''परिवार' में मेरा लुक डायरेक्टर सागर बल्लारी ने डिसाइड किया है। मैं उनकी फिल्म 'भेजा फ्राई' का बहुत बड़ा फैन हूं और उसे करीब 25 से 50 बार देख चुका हूं। तो मैं बहुत खुश था कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला और चीजें अपने आप आसान होती गईं। इस लुक को भी उन्होंने ही डिसाइड किया था और सबको ये बहुत पसंद आ रहा है।'
Q- रणवीर शौरी, विजय राज और अभिषेक बनर्जी सभी अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, क्या सेट पर भी हल्का-फुल्का मजाक हुआ करता था?
गजराज- 'ये सभी एक्टर्स इंडस्ट्री के धुरंधर हैं और मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे इन सबके साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि हमारा जो शेड्यूल था वो बहुत हेक्टिक था और हमने भरी गर्मी में लखनऊ में आउटडोर लोकेशन पर शूट किया है। जिसकी वजह से सभी की हालत बहुत खराब थी। हम लोग अक्सर हंसी ठिठोली किया करते थे पर हेक्टिक शेड्यूल की वजह से सभी का फोकस काम पर ज्यादा रहता था।'
Q- 'बधाई हो' की सक्सेस के बाद से आपके पास फिल्मों के बहुत ऑफर आ रहे हैं लेकिन किसी भी प्रोजेक्ट को चुनने के पीछे आप का क्या उद्देश्य होता है?
गजराज- 'मुझे ऐसा लगता है कि रोल मुझे खुद चुन लेते हैं, स्क्रिप्ट्स मुझे चुनती हैं। इस सीरीज को करने के पीछे उद्देश्य सिर्फ यही था कि मुझे 'भेजा फ्राई' के डायरेक्टर के साथ काम करना था और प्रोड्यूसर के पिछले कुछ शोज मैंने देखे थे जो मुझे काफी पसंद आए थे तो मैं इस सीरीज का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक था। हर प्रोजेक्ट को चुनने के पीछे अलग-अलग कारण होते हैं और सबसे महत्वपूर्ण कारण होता है स्क्रिप्ट।'
Q- 'इंडिया वाली मां' सीरियल का प्रोमो आपने हाल ही में डायरेक्ट किया वो भी अपने घर पर बैठे-बैठे कैसे संभव हुआ?
गजराज- 'मैं दरअसल एक प्रोडक्शन कंपनी में 15 से 17 सालों से प्रोमो डायरेक्ट कर रहा हूं। यह एक नया अनुभव इसलिए था क्योंकि मैं घर पर था और मेरी पूरी टीम स्टूडियो में थी। इस प्रोमो को मैंने रिमोट की मदद से शूट किया और सभी को बहुत पसंद आ रहा है।'
फिल्म 'बधाई हो' के सेट पर नीना गुप्ता और सुरेखा सीकरी के साथ गजराज राव।
Q- आपकी फिल्म 'बधाई हो' की को-स्टार सुरेखा जी की तबीयत नासाज है क्या हाल ही में कभी उनसे आपकी बात हुई है?
गजराज- 'मैं सुरेखा जी से नियमित टच में हूं। उनसे बात करता रहता हूं उनकी, उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेता रहता हूं। कुछ दिन पहले उनसे मेरी बात हुई थी और वो बात कर पा रही थीं। जहां तक आर्थिक मदद का सवाल है तो सुरेखा जी खुद ही इतनी सक्षम हैं कि उन्हें किसी की भी मदद की जरूरत नहीं है। वे एक बहुत ही जिजीविषा वाली महिला है और मुझे पूरा विश्वास है कि 2 महीने में वे अपने पैरों पर खड़ी हो जाएंगी और फिर से काम करने लगेंगी, क्योंकि एक्टिंग उनका पैशन है और उनमें जीवन जीने की ललक बहुत है। मुझे वे बहुत प्रिय है और हम सभी को बहुत इंस्पायर करती हैं।'
सिनेमाघर वालों को सलमान खान, वरुण धवन और रणवीर सिंह की फिल्मों के प्रोड्यूसर्स से आश्वासन मिला है। अगर मुंबई, तमिलनाडु, दिल्ली और आंधप्रदेश की टेरेटरी में भी सिनेमाहॉल खुलने की परमिशन मिले तो उनकी फिल्में थिएटर में ही रिलीज होंगी। फिलहाल इन टेरेटरी में राज्य सरकार की तरफ से इजाजत नहीं मिली है। इस बाबत इन जगहों के सिनेमाघर संचालकों ने अपने-अपने राज्यों के आर्ट और कल्चर मिनिस्टर्स से आपात बैठक की है। दलीलें दी हैं कि जब रेस्टोरेंट, मॉल और बार तक खुलने की परमिशन मिल गई है तो सिनेमाघरों के खुलने पर रोका टोकी क्यों है?
मुंबई की टेरेटरी अकेले बॉक्स ऑफिस का 25 फीसदी कलेक्शन लाता है। यहां ओपन किए बिना सूर्यवंशी आदि बड़े बजट वाली फिल्में अपनी लागत और प्रॉफिट रिकवर नहीं कर पाएंगी। जब लॉकडाउन नहीं था तो महाराष्ट्र सरकार ने 24 घंटे सिनेमाघर खोलने की अनुमति दी थी।
शुरुआत में दिखाई जाएंगी पुरानी 3डी फिल्में
सिनेमाघर संचालक साथ ही शुरूआत में चार पांच साल पुरानी फिल्में खासकर 3डी वर्जन वाली फिल्में लाएंगे। मिसाल के तौर पर ‘बाहुबली’, ‘शिवाय’, ‘तान्हाजी’ जैसी फिल्में। इसके अलावा बड़े शहरों में सर्वे करवाए जा रहे हैं। सिनेमाघर खुलने की अनुमति मिलते ही लोगों के मूड के हिसाब से उन शहरों में रोमांटिक, हॉरर, एक्शन, कॉमेडी जॉनर की फिल्में रिलीज होंगी। जहां कल्ट फिल्मों की डिमांड होगी, वहां वे रिलीज होंगी।
कार्निवल सिने चेन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुणाल स्वाहने ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सिनेमाघरों की तैयारियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा, ‘हम सरकारी गाइडलाइंस का इंतजार कर रहे हैं। अब तक हमें यूपी में सिनेमाघर ओपन करने की परमिशन आ गई है। गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड में भी सिनेमाघर ओपन करने की इजाजत मिल गई हैं। बाकी राज्यों के मुख्य मंत्रियों से भी हमारी बातें चल रही हैं।'
सिनेमाघरों में मिलेंगी खास सुविधाएं
टिकट रेट कम करने पर सोच रहे हैं। कस्टमर को हम ढेर सारे आफर देंगे। सभी सिनेमाघर वाले अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दे रहे हैं कोविड सुरक्षा को लेकर। फिर उनके टेस्ट होते रहेंगे, सीट क्लीनिंग भी युद्ध स्तर पर होती रहेंगी, जितने भी खाने हैं, वो हम न्यू ऑर्डर कर रहे हैं, कैश पॉइंट को कैश लेस बना रहे हैं, दरवाजा भी खोलने के लिए लेग हैंडल का यूज होगा।
टिकट के दाम होंगे कम
टिकट और फूड पर तीन चार ऑफर सोचे जा रहे हैं। मंगलवार तक वह ऑफिशियल किया जाएगा। टिकटें भी बहुत कम रेट की होंगी। वह इसलिए कि नई बड़ी मूवी तो हाल फिलहाल रिलीज हो नहीं रहीं। 125 रुपए औसतन टिकट प्राइस होंगी। वह बस सिनेमा दर सिनेमा और शो दर शो वैरी करता रहेगा। हालांकि सरकार की तरफ से एंटरटेनमेंट टैक्स में कटौती की अनुमति तो नहीं मिली है। 250 रुपए का सिंगल पॉपकॉर्न था तो अब कॉम्बो निकालेंगे। वह इसलिए कि अब पॉपकॉन शेयर नहीं किया जाएगा । छोटे साइज के पॉपकॉर्न व कोल्ड ड्रिंक लाएंगे।
एंट्री गेट पर लगेगी स्कैनिंग मशीन और सैनिटाइजर
सिनेमाघरों की एंट्री पर नए तरीके आजमा रहे हैं। हम दो किस्म की मशीनों पर काम कर रहे हैं। एक तो यह कि मशीन में ही टिकट स्कैन हो जाएगा, जो आप की मोबाइल पर भेजा जा चुका होगा। प्रिंट टिकट का झंझट खत्म रहेगा। वही मशीन स्कैनिंग के अलावा आप को वहीं पर सैनिटाइजर प्रोवाइड करेगी। गार्ड भी वहां अपॉइंट रहेगा। प्रॉपर मास्क और ग्लव्स के साथ। बिना मास्क के तो हम दर्शकों को भी अलाउ नहीं करेंगे।
थिएटर में तापमान रहेगा नियंत्रित
सैनिटाइजर तो हर जगह होगा। एंट्री से लेकर कैफेटेरिया, वॉशरूम, बॉक्स ऑफिस आदि हर जगह। दीवार भी टच कर रहे होंगे, वहां भी सैनिटाइजर ऑफर करेंगे। सिनेमाघर साथ ही फ्रेश एयर पर भी काफी काम कर रहे हैं। रूम टेंपरेचर को भी हम काफी कंट्रोल में रखेंगे। बैक ऑफिस पर ज्यादा काम किया जा रहा है।
सिनेमाघरों के खुलने को लेकर राज्य सरकारों की परमिशन की इजाजत का इंतजार सब कर रहे हैं। इसी बीच सिनेमाघरों की ताकत का अंदाजा एक रिसर्च से पता चला है। वह यह कि सिनेमाघर देश की 10 फीसदी आबादी तक फिल्मों को लेकर जाते हैं। तकरीबन 14 करोड़ और 6 लाख लोग कम से कम एक फिल्म देखते हैं। सिनेमाघरों में जाने की आदत सबसे ज्यादा साउथ के लोगों में है। मीडिया कंसल्टिंग फर्म ऑरमैक्स मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह बात की है। हर इंसान साल भर में विभिन्न भाषाओं की सात फिल्में औसतन देखता है।
सिनेमाघरों तक पहुंच रखने वालों का 58% हिस्सा शहरी भारत से आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भारत की 69% आबादी रहती है, लेकिन थिएटर जाकर फिल्म देखने वालों में उसका हिस्सा सिर्फ 42% है, क्योंकि उन क्षेत्रों में थिएटर्स की संख्या कम है।
भारत की 52% पुरुष आबादी थिएटर जगत में 61% का योगदान करती है। देश में सिनेमाघर जाने वालों की औसत आयु 27.5 वर्ष है।
हिंदी (51%), तेलुगु (21%), तमिल (19%) और हॉलीवुड (डब वर्जन्स सहित 15%) शीर्ष 4 भाषाएं हैं, जिनमें भारत के सिनेमाघरों में फिल्में देखी गई हैं।
लॉकडाउन के बाद गुजरात, कर्नाटका, उत्तराखंड में भी सिनेमाघर ओपन करने की इजाजत मिल गई हैं।
ऑरमैक्स मीडिया के संस्थापक और सीईओ शैलेश कपूर ने कहा- “सिनेमाघर जाकर फिल्म देखने वाले भारतीय दर्शकों के बारे में अब तक के उपलब्ध डेटा की गुणवत्ता बहुत खराब रही है। 14.6 करोड़ दर्शकों वाले भारत के थिएटर जगत का आकार इतना बड़ा तो है कि वह डेटा की बेहतर गुणवत्ता का हक रखता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण और बहुभाषी देश में, ऐसे डेटा का अभाव कंटेंट और मार्केटिंग रणनीतियों की योजना बनाते वक्त स्टूडियो और स्वतंत्र निर्माताओं के लिए राहें सीमित करने वाला अहम कारक हो सकता है। हालांकि हमें विश्वास है कि यह सिनेमाघरों से जुड़े व्यवसाय के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को ज्यादा जानकारियों के आधार पर बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।"
एनसीबी ने क्षितिज रवि प्रसाद के वकील सतीश मानशिंदे द्वारा लगाए गए आरोपों पर दी सफाई है। एनसीबी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस रिलीज जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ये दुर्भावनापूर्ण तरीके से बेहद गलत बात की गई है।
नारकोटिक्स की मुम्बई यूनिट ने क्षितिज रवि प्रसाद के घर से बरामद ड्रग की मात्रा के बाद ही उन्हें कानूनी तरीके से अरेस्ट किया है। इसके साथ ही उनके वकील और परिवार (उनकी माँ) को भी कानूनी तौर से बताया गया था। एनसीबी ने साफ किया कि हमने उनकी पत्नी और ससुर को भी मिलने की इजाजत दी थी।
नारकोटिक्स ने अपनी सफाई में ये भी बताया है कि क्षितिज जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसकी जानकारी संबंधित कोर्ट के संज्ञान में भी लाई गई थी। इसी आधार पर हमने मेडिकल चेकअप के बाद उनकी पुलिस रिमांड ली थी।
सतीश ने एनसीबी पर लगाए थे ये आरोप
बॉलीवुड ड्रग केस में गिरफ्तार किए गए क्षितिज के वकील ने एनसीबी पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसमें सतीश ने कहा था कि नारकोटिक्स के अधिकारियों ने क्षितिज को झूठा बयान देने के लिए दबाव बनाया था, ताकि वह बयान में करण जौहर, सोमेन मिश्रा, राखी, अपूर्वा, नीरज, राहिल, जैसी सेलेब्रिटीज का नाम शामिल कर लें।
जब क्षितिज ने इन सबसे इनकार कर दिया तब समीर वानखेड़े ने कहा कि वो उसको सबक सिखाएंगे और उसको अपनी कुर्सी के बगल फर्श पर बैठ दिया और उसके चेहरे पर अपना जूता रख दिया। सतीश ने ये भी आरोप लगाए थे कि क्षितिज के घर से कुछ भी बरामद नही हुआ था लेकिन पुलिस ने सिगरेट की बट का पंचनामा गांजे के जॉइंट के रूप में दिखाया है। जिसकी चर्चा तमाम मीडिया हाउस से लेकर सोशल मीडिया तक छाई रही।
कोर्ट में क्षितिज ने नहीं किया था टाॅर्चर का जिक्र
पुलिस हिरासत के बाद जब उन्हें दोबारा कोर्ट के सामने हाजिर किया गया था तो कोर्ट ने भी इस तरह के किसी भी बुरे बर्ताव को नोटिस में नहीं लिया था। जिससे साफ होता है कि एनसीबी की हिरासत में क्षितिज को किसी भी तरह की शारीरिक प्रताड़ना नहीं दी गई थी।
इतना ही नही, क्षितिज ने खुद भी इस तरह के किसी दुर्व्यवहार का जिक्र नहीं किया था। एनसीबी ने मीडिया की खबरों को पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद बताया है। नारकोटिक्स विभाग ने कहा कि ये सच से परे है।
एनसीबी ने अपनी सफाई तो दे दी है लेकिन बॉलीवुड के इस हाई प्रोफाइल केस में आगे भी इस तरह के आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर चलता रहेगा। ऐसे में नारकोटिक्स विभाग को भी उन गलतियों से बचना होगा जो मुम्बई पुलिस ने की थी।
कोरोना महामारी के कारण टेलीविजन शोज की शूटिंग के तरीके में भी काफी बदलाव आ गया है। कोविड से पहले जो एक्टर्स शूटिंग से ब्रेक के दौरान एक साथ बैठकर खाना खाते थे, वे अब कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर सेट पर सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कर रहे हैं। हालांकि सीरियल 'अनुपमा' के एक्टर्स ने इसका तोड़ निकाल लिया है।
दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान शो में वनराज शाह का मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता सुधांशु पांडे ने बताया कि COVID 19 ने कैसे उन्हें अपनी टीम के काफी करीब ला दिया।
मैं उन अभिनेताओं में से एक हूं जिसे अपनी प्राइवेसी पसंद हैं: सुधांशु पांडे
वे बताते हैं, 'मैं उन अभिनेताओं में से एक हूं जिसे अपनी प्राइवेसी पसंद हैं। सेट पर भी मैं उन लोगों में से एक रहा हूं, जो आवश्यकता नहीं होने पर अपनी वैनिटी वैन से बाहर नहीं निकलते। मैंने हमेशा अपना खाना अकेले खाया है और हमेशा से ऐसा ही रहा है। लेकिन COVID और साढ़े 3 महीनों तक घर में बंद रहने से चीजें बदल गईं हैं।'
आगे उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा रूपाली और सभी को एक साथ बैठकर खाना खाते देखा। इसीलिए मैं भी एक-दो बार उनके साथ बैठा और मुझे काफी अच्छा लगा। बाकी कलाकारों के साथ चैट करने और साथ में हंसने और इनपुट शेयर करने से एक अद्भुत बदलाव महसूस हुआ। यह एक शानदार अनुभव है। यह एक ऐसी आदत बन गई है कि मैं अब अकेले बैठकर खाना नहीं खा सकता।'
सुधांशु आगे बताते हैं, 'सोशल डिस्टेंसिंग ने हमारे लिए बहुत कुछ बदल दिया है। हम पहले की तरह शूटिंग नहीं कर रहे हैं। हम अपने शरीर, अपने कपड़ों की सफाई कर रहे हैं। लेकिन ना हम हाथ मिलाते हैं और ना किसी के गले लगते हैं। तकनीशियन पूरे दिन मास्क पहने हुए रहते हैं और अभिनेता केवल तभी इसे उतारते हैं जब वे शॉट दे रहे होते हैं। यह अब सामान्य हो गया है और ऐसा नहीं है कि इससे मेरे जीवन पर फर्क पड़ रहा है।'
सीरियल 'अनुपमा' के एक्टर्स।
हम अपनी बॉन्डिंग पर समझौता नहीं करते हैं: आशीष मल्होत्रा
अभिनेता आशीष मेहरोत्रा ने बताया, 'मुझे याद है कि लॉकडाउन से पहले हम सभी एक साथ बैठकर खाना खाते थे। अब हम यह भी मानते हैं कि जब हम एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो हम अपने विचारों को बेहतर ढंग से शेयर कर सकते हैं। चूंकि यह एक पारिवारिक शो है, यह वास्तव में सभी की मदद करता है।'
'लॉकडाउन के बाद हमने सावधानी बरती है। हम वो खाना खाते हैं जो हमें अपने घरों से मिलता है। हम अपने हाथों को सैनिटाइज करते हैं। खाने से पहले हम अपना खाना शेयर करते हैं। जो कोई भी खाना चाहता है, हम उसे इस तरह से शेयर करते हैं कि वे इसे ले सकें।'
'एक बार जब हम खाना शुरू करते हैं, तो हम शेयर नहीं करते। हम अपनी बॉन्डिंग पर समझौता नहीं करते हैं। हम सभी के बीच काफी दूरी भी है। यह सबसे अच्छा समय है क्योंकि ये 40 मिनट, हम बात करते हैं, हम शांत होते हैं और बहुत सारे विचार एक-दूसरे से शेयर करते हैं।'
अनुराग कश्यप पर यौन शोषण के आरोप लगाकर एक्ट्रेस पायल घोष सुर्खियों में हैं। पायल ने अनुराग पर आरोप लगाया है कि 2014 में उन्होंने साथ जबरदस्ती संबंध बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने काफी बुरी तरह खुद को मुझ पर फोर्स किया। पीएमओ इंडिया, नरेंद्र मोदी जी प्लीज एक्शन लीजिए और देश को इस क्रिएटिव इंसान के पीछे छिपा हुआ राक्षस दिखाइए।'
बीते मंगलवार को पायल ने मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में अनुराग के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज करवाई है।
6 साल पुराने इस मामले के पीछे क्या कहानी है, क्यों पायल इतने साल चुप रही और क्यों अब अचानक सामने आई हैं, इन सब सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर ने पायल घोष से लंबी बात की। उसी बातचीत में पूरी कहानी, खुद पायल की जुबानी...
बकौल पायल घोष - ये 2013 की बात है, मैं अनुराग कश्यप को पर्सनली नहीं जानती थी वह मेरे फेसबुक फ्रेंड थे। उस समय मेरा फेसबुक अकाउंट मेरे मैनेजर चलाते थे क्योंकि मैं सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं थी। मेरे मैनेजर ने उनसे फेसबुक चैट के जरिए बात की और मिलने की अपॉइंटमेंट फिक्स की।
एक दिन मैं उनके आराम नगर वाले ऑफिस में मिलने गई थी। तब उन्होंने मुझे अपने ऑफिस में अंदर बुलाया और मेरे मैनेजर को बाहर रिसेप्शन पर बैठने को कहा। जब मैं अंदर गई तो वह फोन पर बात कर रहे थे। इंग्लिश एक्सेंट में फिल्म की शूटिंग के बारे में बात करते हुए वह लगातार मेरी तरफ गलत निगाह से देख रहे थे। तब मुझे लगा था कि यह इंडस्ट्री ऐसी ही है।
मुझे कुछ देर बाद जब थोड़ा अजीब लगने लगा तो मैंने फिल्म जर्सी की बात शुरू की। अनुराग अब भी किसी और से फोन पर बात कर रहे थे, मेरी बात सुन ही नहीं रहे थे, तो मुझे समझ नहीं आया कि उन्होंने मुझे अंदर बुलाकर क्यों बिठा रखा था।
इस घटना के कुछ दिन बाद अनुराग ने मुझे फोन करके अपने वर्सोवा वाले घर पर बुलाया। जब मैं वहां गई तो उन्होंने मुझे खाना भी खिलाया और अपने अचीवमेंट्स की बातें कीं, मेरे स्ट्रगल के बारे में भी बातें की।
इस तरह की नॉर्मल बातचीत चल रही थीं। रात के 8:30 बज चुके थे और 9:00 बजे मुझे मेरे ड्राइवर को छुट्टी देनी थी इसलिए मैंने अनुराग से कहा कि, सर, काफी देरी हो चुकी है मुझे मेरे ड्राइवर को भी छुट्टी देनी है तो मुझे अब निकलना चाहिए। मुझे उस वक्त कुछ भी खराब नहीं लगा था। सारी चीजें नॉर्मल थी।
उसके अगले दिन उन्होंने मुझे फिर फोन किया और पूछा कि मैं क्या कर रही हूं, तो मैंने कहा कि कुछ नहीं सर। तो उन्होंने कहा कि फिर ठीक है आप आ जाइए हम मिलते हैं। मुझे याद है जब मैं पहली बार उनके ऑफिस में मिलने गई थी उस दौरान भी वह शराब और सिगरेट पी रहे थे, सिगरेट के साथ कुछ और भी था जिसकी गंध बहुत ही अजीब थी।
उस दिन जब मैं फिर से उनसे मिलने पहुंची तब वह मुझे एक दूसरे रूम में ले कर गए जो बहुत ही छोटा सा था। उस लाइब्रेरी जैसे रूम में, वीडियो कैसेट और कुछ किताबें थीं, एक सोफा, टेबल और टीवी भी थी।
वहां उन्होंने मेरे साथ गलत हरकत की और जब उन्होंने देखा कि मैं बहुत ही ज्यादा अनकम्फर्टेबल हो गई हूं तो उन्होंने दूसरी एक्ट्रेसेस का नाम लेना शुरू कर दिया ताकि मैं तैयार हो जाऊं।
मैंने बीते दिनों जिन भी लोगों के नाम लिए हैं, अपने मन से नहीं लिए हैं। उस दिन उन सभी एक्ट्रेसेस के नाम उन्होंने ही लिए थे और जो मैंने पोस्ट किया है और उसमें लिखा है वो सारी बातें अनुराग कश्यप ने उस दिन मुझसे कहीं थी।
उस घटना के बाद अपने आपको संभालते हुए मैं तुरंत वहां से निकल गई क्योंकि मैंने सोचा भी नही था कि ऐसा कुछ हो सकता है। इसके बाद मैं उनसे कभी मिली तो नहीं लेकिन कई बार हमारी वॉट्सऐप पर मैसेज के जरिए बात हुई।
उन्होंने मुझे बार-बार फिर से आने को भी कहा लेकिन मैं कभी भी उनसे मिलने नहीं गई। उस वक्त मुझे यह भी डर लगता था कि बॉलीवुड का बड़ा नाम है और अगर मैं कुछ करना भी चाहूं तो उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाऊंगी, लेकिन मैं जरूर फंस जाऊंगी।
इसके बाद मैंने कोशिश की कि मैं इस घटना को भूल जाऊं और आगे बढ़ जाऊं। लेकिन कई साल हो जाने के बावजूद वैसे अपने जेहन से नहीं निकाल पा रही थी और इस वजह से मैं मानसिक तौर पर बीमार रहने लगी थी।
इसके बाद मैंने फैसला लिया कि मुझे उनके खिलाफ कोई कदम उठाने की जरूरत है। और, इसलिए भी कि जब यह चीज मेरे साथ हुई थी तब मैं बहुत ही छोटी थी लेकिन अब बॉलीवुड में काम करने के बाद और मुंबई शहर में रहने के बाद मुझे ऐसा लगा कि मैं अब उनके खिलाफ बोल सकती हूं।
इसके बारे में मैंने अपनी बहन और कुछ करीबी दोस्तों को बताया तो सबने मुझे कहा था कि ये बहुत ही बड़े लोग हैं। अगर तुम सचमुच कोई कदम उठाना भी चाहोगी तो बुरी तरह से फंस जाओगी। तुम्हारा करियर खत्म हो जाएगा ।
इस घटना के बारे में सबसे पहले अगर किसी को पता भी था तो वह मेरा मैनेजर था। मैंने उसे अगले दिन ही इस पूरी घटना के बारे में बताया था।
उसने कहा था कि हम इस बारे में पुलिस कंपलेन करेंगे। जब मैंने अपने मैनेजर को यह बात बताई थी तब वह भी काफी गुस्से में आ गए थे, लेकिन तब मैंने ही कहा कि हमें शांत दिमाग से सोचने की जरूरत है और उसके बाद हमने चुप रहना ही सही समझा
लेकिन जब हमने देखा वह मी टू मूवमेंट के सपोर्ट में खड़े हैं और तनुश्री दत्ता को सपोर्ट करते हुए सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं तो उनका असली चेहरा सामने लाने का फैसला किया। उनका लोगों के सामने एक अलग चेहरा है जो औरतों की बहुत ही ज्यादा इज्जत करता है और उनके लिए खड़े रहता है लेकिन वही दरवाजे के पीछे किस तरह की गलत हरकत करता है। यह उन्हीं को पता होगा जो इस बारे में जानते होंगे या जिनके साथ काम के लालच में गलत हुआ होगा।
जब मैंने इस बारे में पुलिस में शिकायत की है और आपको (मीडिया) को बता रही हूं तो मुझे बहुत ही ज्यादा शांति महसूस हो रही है क्योंकि मैं बीते 6 साल से इस घटना को अपने अंदर दबा कर रखे हुए थी और कोशिश कर रही थी कि इसे भूल जाऊं, लेकिन मैं नहीं कर पाई और अब अपनी आवाज बुलंद की।
मैं अपने परिवार वालो की बात करूं तो वे रूढ़िवादी सोच के हैं। शुरुआत में जब मैं यहां कोलकाता से भागकर मुंबई आई थी तो मेरे परिवार वालों को मेरा काम और यह जगह बिल्कुल पसंद नहीं थी, लेकिन जब उन्होंने देखा कि मैं मेहनत और कोशिश से कुछ अच्छा कर रही हूं तो पापा ने मेरा साथ देना शुरू किया।
लेकिन जब यह घटना सामने आई है उसके बाद रिश्तेदार हो या गांव के लोग वे मुझे गलत लड़की समझते हैं। बुरी तरह से बर्ताव करके गंदे सवाल पूछते हैं। लेकिन जब मेरे पापा को पता चला कि मेरे साथ बुरी घटना घटी है तो वह मेरे साथ खड़े रहे जिसके वजह से मुझे ताकत मिली है।
मैं अब हर व्यक्ति को बता रही हूं कि जब इस तरह की चीजें आपके साथ होती हैं और आप उसे याद करते हैं तो आप डिप्रेशन में चले जाते हैं। मुझे एन्जायटी अटैक होने लगे तो मैंने डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने मुझसे पूछा ऐसा क्या हुआ। सही वजह बताओ तुम्हारे अंदर कुछ तो है जिसकी वजह से तकलीफ है। बहुत ज्यादा दर्द है जिसकी वजह से तुम्हें यह होता है।
मैं आत्महत्या नहीं कर सकती क्योंकि लोग कहेंगे कि इस वजह से किया, उस वजह से किया। मुझे मौत का डर है और जिस किसी को भी मरने का डर होता है वह आत्महत्या नहीं कर सकता। मैं लड़ सकती हूं लेकिन मर नहीं सकती और अगर मेरे साथ ऐसा कुछ हुआ तो यह किसी और के कारण ही होगा, इसीलिए मैं बार-बार बोल रही हूं।
मेरा उस समय का फेसबुक का वॉल पोस्ट भी मेरे पास है जिसमें मैंने इसी फेमस डायरेक्टर को बहुत गुस्से में गाली भी दी थी लेकिन उसके बाद मेरे पेरेंट्स और भाई ने उसको डिलीट भी करवा दिया था और कहा था कि इंडस्ट्री के फेवर में ट्वीट करो और मुझे ऐसा करने के लिए फोर्स किया गया।
हम कोलकाता के एक अच्छे परिवार से आते हैं। एक ऐसी फैमिली से हूं जहां लड़कियां आवाज नहीं उठा सकती, यहां तक की कोई कितना भी पढ़ा लिखा हो उसे काम भी नहीं करने देते। मेरी परवरिश ऐसे ही माहौल में हुई है मेरे पापा भाई को तो छोड़ ही दीजिए, मेरी बहन भी बोल रही थी कि अपनी फैमिली का एक रेपुटेशन है तो ऐसा मत बोल सब खराब हो जाएगा।
उस घटना के बाद से लेकर अब तक मैं अनुराग से नहीं मिली। अनुराग ने मेरे साथ चांस लिया और मैंने उसको मना कर दिया उसके बाद उससे काम मांगने भी कभी नहीं गई क्योंकि अगर दोबारा जाती तो वह यह समझता कि मैं उसके लिए तैयार हूं।
देखें कंगना ने जब जब आवाज उठाई है लोग बोलते हैं पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रही है। उस समय भी मैंने और मेरी बहन सब ने कंगना को सपोर्ट किया था। आज मेरे साथ एक हादसा हुआ तो मुझे निकलने में इतनी तकलीफ हुई तो उसके साथ तो कितना कुछ हुआ है।
अनुराग कश्यप तो कोई छोटा-मोटा आदमी है नहीं, उसकी लॉबी इतनी बड़ी है तो उसके गिरेबान पर हाथ डालना इतनी छोटी बात तो नहीं है। अगर मैंने हिम्मत जुटाकर इतना बोल पाई हूं तो यह समझने की जरूरत है कि मैंने अपना सब कुछ रिस्क में डालकर किया है। कोई भी औरत तभी अपनी जुबान खुलती है जब उसको लगता है कि अब वह कष्ट नहीं झेल पाएगी।
देखिए, किसी हद तक सबूत जरूर है किसी भी तरीके से मेरा केस बहुत मजबूत है और मैं इसे प्रूफ भी कर सकती हूं। उसने मुझे वॉट्सऐप पर ब्लॉक भी कर दिया था लेकिन मेरे पास उस समय दूसरा हैंडसेट था जिसका डेटा हमें रिट्रीव करना है और जब यह सारी चीजें सामने आएंगी तो जो लोग आज उसे अपना दोस्त समझकर सपोर्ट कर रहे हैं वो सब भी चुप हो जाएंगे। मुझे पूरा विश्वास है यह सब कुछ अंतिम नतीजे तक पहुंचेगा। भगवान सिद्धिविनायक का मुझे आशीर्वाद है तो वह मुझे जरूर हेल्प करेंगे।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के सिलसिले में सामने आए बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन में आज सबसे बड़ी पेशी होगी। दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से आज नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) पूछताछ करेगा। इस दौरान रणवीर को दीपिका के साथ रहने की परमिशन नहीं दी गई है। रणवीर ने NCB से कहा था कि दीपिका को कई बार घबराहट होती है, इसलिए पूछताछ के वक्त वे साथ रहना चाहते हैं।
तीनों एक्ट्रेस से 5-5 सवाल किए जा सकते हैं
अभी तक के अपडेट के मुताबिक दीपिका 10 बजे गेटवे ऑफ इंडिया के पास स्थित NCB के गेस्ट हाउस पहुंचेंगी। उनके पहले अकेले में और फिर उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश को सामने बैठकर पूछताछ की जा सकती है। दूसरी तरफ सारा अली खान और श्रद्धा कपूर को NCB के बैलार्ड एस्टेट स्थित हेड ऑफिस में 10.30 बजे बुलाया गया है। तीनों से अलग-अलग 5-5 यानी कुल 15 सवाल किए जा सकते हैं।
दीपिका से ये सवाल किए जा सकते हैं-
क्या आपने कभी ड्रग्स ली या खरीदी है? अगर हां, तो कहां से और कैसे?
अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म कीजिए। करिश्मा प्रकाश और जया साहा के साथ 2017 की चैट आपकी है या नहीं?
क्या आप करिश्मा को कब से जानती हैं? आपकी उनसे मुलाकात कैसे हुई, डिटेल बताएं।
क्या आपने उन्हें कभी ड्रग्स का इंतजाम करने को कहा था या आपने उन्हें कितनी बार ड्रग्स खरीदने के लिए कहा? आपने ड्रग्स अपने लिए खरीदी या किसी और के लिए?
क्या करिश्मा को आपने पेमेंट किया था? अगर हां तो उसका मोड़ क्या था? कोको रेस्टोरेंट में जो पार्टी हुई थी, क्या उसमें किसी तरह की ड्रग्स यूज हुई थी?
सारा अली खान से पूछे जाने वाले संभावित सवाल-
अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म कीजिए। सुशांत सिंह राजपूत से आपकी मुलाकात कैसे हुई और उनसे आपका क्या रिलेशन था?
क्या सुशांत फिल्म केदारनाथ के समय से ड्रग्स ले रहे थे? क्या उनके साथ आपने भी कभी ड्रग्स ली?
क्या आप सुशांत के साथ थाईलैंड गईं थीं? वहां आप लोगों ने ड्रग्स ली या आपकी टीम में से किसी और ने ऐसा किया?
पावना स्थित फार्म हाउस पर आप सुशांत के साथ कितनी बार गईं थीं? क्या आप किसी ऐसी पार्टी में शामिल हुईं, जिसमें ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ?
क्या कभी आपने किसी से ड्रग्स खरीदी? करमजीत उर्फ केजे नाम के शख्स को क्या आप जानती हैं? क्या वह कभी आपके पास ड्रग्स लेकर आया?
श्रद्धा कपूर से ये सवाल पूछे जा सकते हैं-
सुशांत और रिया से पहली मुलाकात कब और कैसे हुई? क्या आपने रिया या सुशांत को कभी ड्रग्स लेते हुए देखा था?
क्या 28 मार्च 2019 को पावना में फिल्म छिछोरे की पार्टी में आप शामिल हुईं थीं? अगर हां, तो क्या उस दिन पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था और क्या आपने भी ड्रग्स ली थी?
जया साहा से आपकी मुलाकात कैसे हुई? एसएलबी कौन है, जिससे आप मिलना चाहती थीं और क्यों? क्या उससे मुलाकात हुई, अगर हुई तो कितनी बार?
क्या आप सीबीडी ऑयल ड्रग्स लेती हैं या किसी और के लिए मंगवा रही थीं? जया किस जिंदल के जरिए आपको सीबीडी ऑयल भेजने की बात कर रही हैं?
क्या आप करमजीत उर्फ केजे को जानती हैं? क्या वह कभी आपके पास ड्रग्स लेकर आया या आपके लिए काम करने वाले किसी शख्स ने उससे कभी ड्रग्स खरीदी?
करन जौहर की हाउस पार्टी, करन जौहर का वीडियो, करन जौहर की फिल्में, करन जौहर का बढ़ाया हुआ नेपोटिज्म और अब करन जौहर की ड्रग पार्टीज... खबरों के अनुसार करन जौहर का नाम रकुल प्रीत सिंह ने पूछताछ के दौरान भी लिया। अब एक और एक्ट्रेस सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने यह खुलासा किया है कि बॉलीवुड में वापसी के लिए उनसे करन जौहर की ड्रग्स पार्टीज में जाने के लिए कहा गया था। बकौल सुचित्रा ऐसा करने के लिए उन्हें क्वॉन टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी ने ही कहा था।
एजेंट ने बताया था वापसी का गलत रास्ता
सुचित्रा से एक बार क्वॉन के एक रिप्रेजेंटेटिव ने पूछा था कि वे एक्टिंग में वापसी क्यों नहीं करतीं। तब सुचित्रा ने कहा था कि उनके बच्चे बहुत छोटे हैं। उस बुकिंग एजेंट ने सुचित्रा से कहा था कि फिल्मों में वापसी करना आसान नहीं है। उस एजेंट का कहना था कि सुचित्रा को वापसी करने के लिए करन जौहर की पार्टीज में जाना होगा।
एजेंडा से चलती है लोगों की अंतरआत्मा
एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने यह बताया कि बॉलीवुड ड्रग नेक्सस के एक्सपोज होने पर चुप है। बॉलीवुड में कई बड़े मुद्दों पर चुप्पी साध ली जाती है क्योंकि जो माहौल है वह ऐसा कि तुम मेरी पीठ खरोंचो तो मैं तुम्हारी पीठ खरोंचता हूं। इतना ही नहीं इनकी सामाजिक अंतरआत्मा भी एजेंडा से चलती है।
शाहरुख के साथ दी थी बड़ी हिट
सुचित्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। अक्सर वे ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखने के कारण चर्चा में रहती हैं। सुचित्रा की शादी शेखर कपूर से हुई थी, लेकिन उनका तलाक हो चुका है। सुचित्रा ने शाहरुख के साथ कभी हां कभी ना जैसी हिट फिल्म दी थी। सुचित्रा की लेटेस्ट फिल्म जॉन अब्राहम के साथ रोमियो अकबर वॉल्टर थी।
जाने-माने प्लेबैक सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का 74 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। वे पिछले करीब डेढ़ महीने से चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका कोरोना का इलाज चल रहा था। 50 साल के सिंगिंग करियर में बाला ने बॉलीवुड के कई म्यूजिक डायरेक्टर्स और सिंगर्स के साथ काम किया। जिनमें से कुछ ने दैनिक भास्कर के साथ उनसे जुड़े कुछ किस्से साझा किए।
ललित पंडित : किशोर कुमार को टक्कर देने वाले एक ही इंसान थे एसपी बालू जी
संगीतकार ललित पंडित ने बालू से जुड़ी यादें शेयर करते हुए बताया, 'एसपी जी बहुत मंजे हुए सिंगर थे। उनका रिकॉर्ड तो अविश्वसनीय है। बड़े ही गुणी इंसान थे। ‘सागर’ में किशोर कुमार के साथ कोई उनकी मस्ती के साथ मैच कर सकता था तो वो एकमात्र बालू सुब्रमण्यम ही थे। ‘यूं ही गाते रहो’ गाने में ऋषि कपूर और कमल हासन थे। उसमें किशोर कुमार को बालू जी ने जोरदार टक्कर दी थी। बालू की याददाश्त और ग्रास्पिंग पावर अपने समकालीनों से मीलों आगे थी। कोई भी गाना वो दो बार सुनकर ही याद कर लेते थे और पूरा गा देते थे।'
ललित के मुताबिक, 'वो एक्सप्रेशन में गाने लिखा भी करते थे। हमारे यानी जतिन-ललित के करियर में बालू जी के सिवाय किसी और गायक के साथ एक चीज नहीं हुई। वो है एक ही दिन में किसी फिल्म के पूरे गाने रिकॉर्ड होना। फिल्म थी ‘वादे-इरादे’। उसमें पांच गाने थे और उन्होंने रिक्वेस्ट की थी कि वो मद्रास से सुबह की फ्लाइट से आकर रात वाली से वापसी कर लेंगे। हमें हैरानी हुई कि एक दिन में पांच गाने कैसे रिकॉर्ड होंगे। तो उस पर उन्होंने कहा कि अगर काम संतोषप्रद नहीं हुआ तो वे वापसी की फ्लाइट कैंसिल कर लेंगे।'
संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित के ललित पंडित।
आगे उन्होंने बताया, 'यकीन मानिए, उन्होंने उस पूरे दिन बिना कुछ खाए पूरा गाना रिकॉर्ड किया और फिर गए। जैसे लता दीदी सुर की पक्की हैं, ठीक वही हाल बालू जी का था। हम खुद अमूमन सिंगर्स से काफी रियाज के बाद गवाते हैं। तभी हमारे साथ काम कर चुके नौ गायकों को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। मगर बालू जी के साथ ऐसा नहीं करना पड़ा। वो इतने माहिर जो थे। एयरपोर्ट से स्टूडियो सेंटर आने जाने में ढाई घंटे लगते थे। वो वक्त जोड़ने के बाद भी बालू जी ने एक दिन में पूरी फिल्म के गाने रिकॉर्ड कर दिए थे।'
'उनके सुर कभी ऊपर नीचे नहीं लगते थे। सुर पक्के थे तभी वो गायकी के दौरान एक्सप्रेशन ले आया करते थे कि इस अंतरे या मुखड़े पर जरा रोमांस ले आइये। वो बाकयदा पेपर पर लिखे हुए गानों पर मार्क कर देते थे। फिर गाते थे। जरूरत पड़े तो कॉमेडी कर लें। लता जी की तरह उनकी इंटोनेशन बिल्कुल परफेक्ट थी। लता जी जिस तरह परफेक्ट नोट लगाती हैं, जो कि बिल्कुल निखर कर आता है, ठीक वही हालत एसपी बालू जी की थी।'
'यह जरूर था कि उनके उच्चारण को संभालना पड़ता था, क्योंकि साउथ इंडियन एक्सेंट आता ही था। हजारों में उन्होंने साउथ में गाने गाए हैं तो वह लहजा निश्चित तौर पर रह ही जाता है। असर आना लाजिमी था।'
राम-लक्ष्मण: 'मैंने प्यार किया' के वक्त पूरी टीम नई थी, इसलिए सलमान पर एसपी बालू जी की आवाज ट्राई की
संगीतकार राम-लक्ष्मण ने बालू को याद करते हुए कहा, ‘मैंने प्यार किया’ के दौरान सलमान, भाग्यश्री, सूरज बड़जात्या जी और मैं खुद सब नए थे। नई टीम थी। लिहाजा गीत-संगीत में भी हम नयापन चाह रहे थे। गायकी में जरूर लता जी की अनुभवी आवाज थी।'
'उस वक्त तक रफी साहब का देहांत हो चुका था, किशोर दा भी नहीं थे और मुझे बालू जी के सिवाय तत्कालीन सिंगर्स में से कोई पसंद नहीं थे। वो इसलिए क्योंकि उसके थोड़े दिन पहले ही ‘एक दूजे के लिए’ में बालू जी की आवाज पसंद आई थी। वो भी रोमांटिक फिल्म थी। बालू जी से जो गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी ने गवाए थे, वे हिट थे। तभी अपने कंपोजिशन के लिए बालू जी को बुलाया। हम ऐसी आवाज चाहते थे, जो दीदी के सामने टिक सके।'
'लता जी को कोई आपत्ति नहीं थी। वो इसलिए क्योंकि बालू जी साउथ में पॉपुलर तो थे ही हिंदी में भी वो कमल हासन आदि की आवाज थे ही। बालू जी की हिंदी में साउथ इंडिया का लहजा आता तो था। पर रिकॉर्डिंग के दौरान रियाज कर वो दूर हो जाया करता था। हमने जब-जब उनके और सलमान के साथ मिलकर गाना किया, हमारे हीरो तो बालू जी ही हुआ करते थे।'
संगीतकार जोड़ी राम-लक्ष्मण के लक्ष्मण यानी विजय पाटिल।
'पांच-छह महीने पहले बात हुई थी उनसे। उन्होंने मेरी सेहत का हाल पूछा था। मेरे गानों का हीरो मैंने खो दिया। हमने 25 फिल्में साथ में कीं। मेरी फिल्मों के गानों में सलमान के लिए सदा उनकी ही आवाज रही। ‘हम साथ-साथ हैं’ से जरूर हमारा साथ छूटा। वो इसलिए क्योंकि वो सोलो हीरो फिल्म नहीं थी। तीन हीरो थे। फिल्म का जॉनर अलग था। वहां फिर हमने हरिहरन आदि को अपनाया। उसके बाद ‘हंड्रेड डेज’ में जैकी श्रॉफ पर भी उनकी आवाज फिट बैठती थी। तो सलमान के साथ कोई ऐसी मनमुटाव वाली बात नहीं थी।'
‘बॉम्बे फिल्म लेबोरेट्री’ में वो जब भी मद्रास से आते थे तो उनकी आवाज से ही पूरे माहौल में ताजगी घुल जाती थी। ‘एक दूजे के लिए’ के टाइम पर भी एसपी बालू जी पॉपुलर हुए थे, मगर एक बार फिर ‘मैंने प्यार किया’ से वो छा गए।
बप्पी लहरी: बालासुब्रमण्यम को एक बार गाना बता दो तो सीख लेते थे
बप्पी लहरी ने शेयर करते हुए बताया, 'एसपी बालासुब्रमण्यम के साथ मैंने हिंदी, तमिल और तेलुगू में बहुत काम किया। एक पिक्चर थी- 'इंसाफ की आवाज' इसमें गाना था- इरादा करो तो पूरा करो...। इसे उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गाया था। इसके बाद फिल्म- 'फर्स्ट लव लेटर' में उन्होंने लता मंगेशकर के साथ दीवानी-दीवानी... दीवाना तेरा हो गया... गाया। इस तरह हमने साथ में बहुत काम किया। वे दुनिया के लीजेंड में से एक थे। एक बार गाना बता दो तो सीख जाते थे, उन्हें दोबारा बताना नहीं पड़ता था। ऐसे गुणी सिंगर कम ही होते हैं। हम लोगों के लिए बहुत बड़ा लॉस हो गया। बालासुब्रमण्यम साहब हंसमुख स्वभाव और बहुत अच्छे नेचर के थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।'
बप्पी लहरी
राजेश्वरी लक्ष्मीकांत: डैडी उन्हें गाने के लिए बुलाते रहते थे
'बालू अंकल के साथ मैंने ये राजू ये डैडी... (फिल्म- एक ही भूल) में गाया। उन्होंने बहुत सपोर्ट किया। मेरे डैडी लक्ष्मीकांत ने बालू अंकल से कहा कि कुछ अपने मन से गाइए और राजेश्वरी को भी वैसे ही गवाइए। उन्होंने मुझे इतने सरल तरीके से समझाया कि मैं सहज ही समझ गई। उन्होंने इतनी सरलता से पूरा गाना गाया कि ऑन द स्पॉट उन्हें फॉलो कर सकी। खैर, जब वे चेन्नई से मुंबई रिकॉर्डिंग के लिए आते थे, तब डैडी घर पर उन्हें डिनर के लिए जरूर बुलाते थे।'
'जब कभी डैडी भी चेन्नई जाते थे तो उनके घर जाते थे। डैडी कहते थे कि मैं रिकॉर्डिंग स्टूडियो में उन्हें सिर्फ 15 मिनट पहले बुलाता हूं। इससे पहले उन्हें आने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि वे 15 मिनट में ही गाना पिक कर लेते थे। इतनी जल्दी गाने को पकड़ लेते थे कि तारीफ में कहते थे कि आप अपने घर का पता दो, इस पर वह मुस्कुरा देते थे। मुझे ही नहीं, मेरी मम्मी का भी फेवरेट जो गाना है, वो है- 'हम-तुम दोनों जब मिल जायेंगे एक नया इतिहास बनाएंगे...'
'मुझे लगता है कि 'एक दूजे के लिए' का यह गाना उनका पहला हिंदी गाना था। उसके बाद एक ही भूल, रास्ते प्यार के, जरा सी जिंदगी, अग्निपथ आदि फिल्मों में गाने के लिए बुलाते रहते थे। उनका जब से एसोसिएशन हुआ तब से उनसे गाने लेते ही रहते थे। पता नहीं पिताजी को क्या सूझा कि एक ही भूल फिल्म में पहली बार गाने वाली थी, तब डैडी ने बालू अंकल को ही बुलाया। और किसी से भी गवा सकते थे। खैर, बालू अंकल जाना इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वेरी सैड न्यूज। उन्हें मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।'
बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन में दीपिका पादुकोण का नाम सामने आने के बाद से वे लगातार चर्चा में हैं। इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ता नजर आता है। उन पर इंडस्ट्री के करीब 600 करोड़ रुपए का दांव लगा हुआ है। इनमें उनकी दो फिल्में और 33 ब्रांड एंडोर्समेंट शामिल हैं।
दीपिका पर लगे दांव का हिसाब-किताब
प्रोजेक्ट
कितने करोड़ का दांव
प्रोड्यूसर मधु मंतेना की अनाम फिल्म
करीब 200 करोड़ रु.
डायरेक्टर शकुन बत्रा की अनाम फिल्म
करीब 80-90 करोड़ रु.
33 ब्रांड एंडोर्समेंट की डील
करीब 300 करोड़ रु.
(ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के मुताबिक, दीपिका पादुकोण हर एंडोर्समेंट के लिए 8-12 करोड़ रुपए चार्ज करती हैं।)
फिल्म के प्रोड्यूसर भी ड्रग्स केस में फंसे
मधु मंतेना की फिल्म की कहानी पौराणिक कथा महाभारत की पात्र द्रौपदी से प्रेरित बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी ज्यादा डिटेल सामने नहीं आई है। दीपिका के साथ मधु मंतेना खुद भी ड्रग्स विवाद में फंसे हुए हैं।
दीपिका के करियर पर पड़ेगा असर
ट्रेड एनालिस्ट और 40 साल से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय राज बंसल कहते हैं, "दीपिका के करियर पर असर पड़ेगा। वह इसलिए कि लोग इन दिनों किसान बिल की बात नहीं कर रहे हैं, इस बात की चर्चा भी नहीं हो रही है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या किसने की? हर वक्त ड्रग्स से जुड़े संभावितों के नाम की माला जप रहे हैं। चूंकि, वे सेलेब्रिटी हैं, इसलिए सब हाथ धोकर पीछे पड़ गए हैं। अलबत्ता फिल्मों के कलेक्शन पर असर पड़ेगा।"
एंडोर्समेंट के स्तर पर नुकसान मुमकिन
ट्रेड पंडित अतुल मोहन ने कहा, "संजय दत्त भी ड्रग्स, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त थे। बावजूद इसके दर्शकों ने उन्हें स्वीकार किया। लिहाजा फिल्मों के फ्रंट पर दीपिका को कोई घाटा नहीं है। लेकिन हां, एंडोर्समेंट के स्तर पर जरूर नुकसान मुमकिन है।
अतुल मोहन इस बात पर भी जोर देते हैं कि दीपिका को जेल नहीं होगी। वो कहते हैं, "एक तो वॉट्सऐप चैट के मायने साबित करने बाकी हैं। दूसरा यह कि ड्रग्स कंज्यूम करने पर जेल नहीं होती। जो लोग ट्रेडिंग में लिप्त हैं, उन्हें जेल होगी। हां, यह जरूर देखने वाली बात होगी कि ड्रग्स मामले में नाम आने के बाद दीपिका कैसे अपने फैंस को कन्विन्स कर पाती हैं।"