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Sunday, March 1, 2020

How to get Online Janam Kundali | Indian Astrology

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Monday, February 17, 2020

Thursday, February 13, 2020

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Wednesday, February 12, 2020

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Monday, February 3, 2020

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Wednesday, January 29, 2020

Thursday, January 23, 2020

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Thursday, January 2, 2020

सिरफिरे ने 2 इंच तक रेल ट्रैक काटा, 50 करोड़ रुपए देने का पत्र छोड़ा; अजनबी की सूचना पर रेलवे ने 50 मीटर पहले रोकी पैसेंजर ट्रेन

सिरफिरे ने 2 इंच तक रेल ट्रैक काटा, 50 करोड़ रुपए देने का पत्र छोड़ा; अजनबी की सूचना पर रेलवे ने 50 मीटर पहले रोकी पैसेंजर ट्रेन



मऊ. यहां एकसिरफिरे युवक ने रेलवे ट्रैक पर 2 इंच तक पटरी को काट दिया। यहीं नहीं, सिरफिरे नेमौके पर एक धमकी भरा पत्र भी छोड़ा है। जिसमें उसने 50 करोड़ रुपए और प्रेम विवाह कर लाई गई पत्नी को वापस ले जाने की मांग की है। गनीमत रही कि ट्रेन ड्राइवर ने कटी पटरी से 50 मीटर पहले पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया।
मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर का है। यहांरेल की पटरी पर छोड़े गए पत्र में सिरफिरे ने मांगें पूरी नहोने पर बड़ी तबाही मचाने की धमकी भी दी। पत्र में सिरफिरे ने लिखा है कि यदि उसकी मांगों को 2दिन के अंदर पूरा नहीं किया गया तो वो इससे बड़ी तबाही मचा देगा।
पैसेंजर ट्रेन को घटनास्थल से 50 मीटर पहले रोका गया
पुलिस के अनुसार, गुरुवार की सुबह किसी व्यक्ति ने कटे ट्रैक और वहां पड़े पत्र को देखा तोइसकी सूचना स्टेशन मास्टर रतनपुरा को दी। जब प्रशासन को रेलवे ट्रैक कटने का पता चला तो हड़कंप मच गया। उस समय बलिया-शाहगंज पैसेंजर ट्रेन ट्रैक से गुजरने वाली थी। आनन-फानन में पैसेंजर ट्रेन को घटनास्थल से 50 मीटर पहले रोका गया।वहीं, वाराणसी से रेलवे सुरक्षा आयुक्त समेत अन्य रेल अफसर मऊ रवाना हो गए। अधिकारियों ने धमकी भरे पत्र को कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।







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केरोसिन की बोतल लेकर एसपी ऑफिस पहुंची गैंगरेप पीड़िता, कहा- न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह कर लूंगी

केरोसिन की बोतल लेकर एसपी ऑफिस पहुंची गैंगरेप पीड़िता, कहा- न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह कर लूंगी



रायबरेली. जिले के जगतपुर थानाक्षेत्र में गुरुवार को एसपी आफिस में कथिततौर पर एक नाबालिग गैंगरेप पीड़िता हाथ में केरोसिन का बोतल लेकर पहुंच गई। उसने पुलिसकर्मियों के सामने ही धमकी देते हुए कहा कि यदि उसे न्याय मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी। पीड़िता के साथ उसका दिव्यांग पिता भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उसकी बेटी के साथ गैंगरेप करके वीडियो वायरल किया था। अब केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।
यह मामला रायबरेली जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि 19 नंवम्बर 2019 को गांव के 4 युवकों ने उसके साथ न केवल गैंगरेप किया बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाया। आरोपियों ने उसे बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा तो दर्ज किया पर एक ही आरोपी को जेल भेजा और बाकी तीन आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि बीते दो दिन पूर्व आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और परिजनों से मुकदमा वापस लेने का दबाव भी बनाया।
पीड़िता व उसके दिव्यांग पिता का आरोप है कि अगर अब आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो हम लोग आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे।
इस मामले में एडीशनल एसपी ने बताया कि मामले में एक आरोपी को पहले ही जेल भेज दिया गया था। हाल ही में एक और आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। बाकी विवेचना चल रही है तथ्य के अनुसार और कार्रवाई की जाएगी।


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बिजनौर में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में पुलिस ने 11 लोगों को चिन्हित किया, घर पर चस्पा किया नोटिस

बिजनौर में जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में पुलिस ने 11 लोगों को चिन्हित किया, घर पर चस्पा किया नोटिस


बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 20 दिसंबर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव में सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 39 आरोपियों में से 11 आरोपियों के घर पर पुलिस ने नोटिस चस्पा किए है। आरोपियों से न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष 10 जनवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है। नहटौर में करीब 13 लाख रुपएके नुकसान की भरपाई होगी।
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दरअसल, 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून को के विरोध में जमकर उपद्रव हुआ। पथराव और आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें कई कारों और बाइकों को फूंक दिया गया था। उपद्रव के दौरान सुलेमान और अनस की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। बवाल में हुई सरकारी, सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने के लिए पुलिस ने 39 लोगों को चिह्नित किया था।
इसमें से पुलिस ने न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर फिलहाल 11 लोगों के घरों पर कारण बताओ नोटिस चस्पा कर दिए हैं। 10 जनवरी तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। वह अपनी प्रतिरक्षा के साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
कोतवाल सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि 11आरोपियों केघरों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। शीघ्र ही अन्य आरोपियों के यहां भी नोटिस चस्पा किए जाएंगे।
नागरिकता कानून को लेकर राज्यके अलग-अलग जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनके दौरानबिजनौर जिले में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बिजनौर पहुंची थीं। यहां पर उन्होंने दोनों मृतकों के परिवारवालों से मुलाकात की थी।


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बिजनौर में 20 दिसम्बर को हुआ था प्रदर्शन (फाइल फोटो)


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एकता ने कहा- जेल में दो बार भूख हड़ताल की, पति से मुलाकात के लिए कहा तो 'ऊपर से प्रेशर' कहकर टालने की कोशिश की गई

एकता ने कहा- जेल में दो बार भूख हड़ताल की, पति से मुलाकात के लिए कहा तो 'ऊपर से प्रेशर' कहकर टालने की कोशिश की गई


वाराणसी (अमित मुखर्जी). उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार की गई पर्यावरण एक्टिविस्ट एकता शेखर को 14 दिन बाद जमानत मिल गई। रिहा होते ही एकता महमूरगंज स्थित घर पहुंचकर अपनी 14 माह की बेटी से मिलीं। दैनिक भास्कर से बातचीत में एकता ने 19 दिसंबर से आज तक की पूरी कहानी को बयां किया। पढ़िए उनके ही शब्दों में पूरा घटनाक्रम।
19 दिसंबर का घटनाक्रम
एकता ने कहा- "19 दिसंबर को सुबह 10 बजे हम दोनों (एकता और पति रवि शेखर) घर से निकले थे। उस दिन असफाक उल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल का शहादत दिवस था। कार्यक्रम बेनियाबाग में होना था। सभा में संविधान और कानून से अगर कोई छेड़छाड़ की गई है, तो उस पर बात होनी थी। रैली और जनसभा से पहले पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी। हम लोग गलियों से होकर रैली में शामिल हुए। करीब 12 बजे बस से हम सभी को लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। पुलिस लाइन में बैनर के साथ सभा की गई। रोजगार, दवाओं के दामों पर बात रखी गई। शाम करीब 5.30 से 6 बजे हम लोगों को पता चला कि चालान काटकर जिला कारागार शिफ्ट किया जा रहा है। घर से कई काम लेकर भी हम दोनों निकले थे। बच्ची का दूध और डाइपर लेना था। घर बता दिया कि जेल भेजा जाएगा। हमारे बड़े जेठ जेल के बाहर आ चुके थे। उनको सारी बातें बताकर हम दोनों अंदर चले गए।"
जेल में 14 दिन : पत्नी को मिलने से रोका, पति पर हड़ताल पर बैठे
एकता कहती हैं- "5 दिनों तक घर के भी किसी सदस्य को नहीं मिलने दिया गया। कहा गया कि ऊपर से बहुत प्रेशर है। गेट से परिजन वापस कर दिए गए। 5 दिन बाद परिजन जेल में मुझसे मिल पाए। पति से मिलने के लिए मुझे पता चला कि ब्लड रिलेशन या पति-पत्नी शनिवार को 15 मिनट मिल सकते हैं। शुक्रवार को जेलर को मैंने चिठ्ठी लिखी कि पति से मिलने दिया जाए, जिसे खारिज कर दिया गया। मेरे पति भी उधर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। प्रेशर की वजह से शनिवार को जेलर ने अपने सामने 5 मिनट की मुलाकात कराई। अगले शनिवार को एप्लिकेशन स्वीकर की गई और हम दोनों करीब 25 मिनट आराम से मिले। चंपक के बारे में भी बातें हुईं। 14 दिन में करीब 2 बार जेल में पति से मुलाकात हुई।"

जेल में सबका बिहैव अच्छा रहा, ऊपर से प्रेशर की बात करते थे
एकता ने कहा- "जेल के अधिकारी, बंदीरक्षक हर सवालों का जवाब सहज तरीके से देते थे। उनकी तरफ से बहुत अच्छा बिहैव रहा। बस वो ऊपर से प्रेशर की बात करते थे। जेल में खाने को लेकर दो बार भूख हड़ताल की। उनकी ओर से बहुत कॉपरेट किया गया। मूली के पत्ते की सब्जी खाने में मिली, जिसका विरोध करने पर गोभी की सब्जी और अन्य चीजें खाने को मिली।"
जेठ की मदद से हम बाहर आ पाए
एकता बताती हैं कि "डे वन से हमारे जेठ शशिकांत तिवारी ने वकील से बातचीत की और प्रॉसेस फॉलो किया। वे कोर्ट के बाहर सुबह से शाम तक रहे। जेल में मिलना, सबसे ज्यादा मदद उन्होंने ने ही की, तभी आज हम रिहा हो पाए।"
14 दिन बाद आप बच्ची के पास पहुंची तो क्या अनुभव की?
एकता ने कहा- "एक्टिविस्ट होकर जेल में रहना मेरे लिए गर्व की बात थी। बच्ची से दूर रहना बेहद मुश्किल भरा रहा। एक मां होकर एक एक-एक पल पहाड़ की तरह कट रहा था। मेरी बच्ची मेरे दूध पर निर्भर है। अगर इसे वनवास का नाम दिया गया तो ये एक बेहतर काम के लिए ही था। आज चंपक बेहद खुश है। खेल रही है। मानो सभी खुशियां मिल गईं।माँ से उसकी बच्ची मिली, सभी का आशीर्वाद है।"
पुलिस के साथ धक्का मुक्की और निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई
19 दिसंबर को वाराणसी के बेनियाबाग में नागरिकता संसोधन बिल के विरोध के लिए जनसभा आयोजित हुई थी। बेनिया मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने जब प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और नारेबाजी कर धारा 144 का उल्लंघन किया। इसी मामले में 56 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। जिसमें बाद में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लोगों को जेल भेज दिया गया। जिसमें एकता और रवि को भी जेल भेजा गया था। पुलिस इस कार्रवाई को उचित बता रही है।

25 -25 हजार बंध पत्र जमा करने पर रिहाई
एकता को कोर्ट के आदेश पर गुरुवार सुबह जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। जमानत में 25 -25 हजार रुपए के बंध पत्र जमा कराए गए हैं। एकता की 14 माह की दुधमुंही बच्ची चंपक की हालत बिगड़ रही थी। कोर्ट ने मर्सी के आधार पर एकता को सुबह जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। रवि के कागजात पूर्ण होते ही रिहा कर दिया जाएगा।


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चंपक की मां एकता शेखर जेल से छूटने के बाद घर पहुंचीं।
Ekta happy to meet Champak; Said: Hunger strike twice in jail over food, met husband after writing letter to jailor
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मृत्यु किसी भी पल हो सकती है, इसीलिए सभी के साथ प्रेम से रहना चाहिए, किसी का अनादर न करें

मृत्यु किसी भी पल हो सकती है, इसीलिए सभी के साथ प्रेम से रहना चाहिए, किसी का अनादर न करें

जीवन मंत्र डेस्क। क्रोध की वजह से बने बनाए काम बिगड़ जाते हैं, अच्छे-अच्छे रिश्तों में दरार पड़ जाती है। इस बुराई से बचने पर ही जीवन में सुख-शांति बनी रह सकती है। क्रोध कैसे काबू किया जा सकता है, इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। इस लोक कथा के अनुसार पुराने समय में एक आश्रम में गुरु अपने कुछ शिष्यों के साथ रहते थे। गुरु बहुत ही शांत स्वभाव वाले थे। अगर कोई उनका अपमान भी कर दे तो वे शांत ही रहते। उनके शिष्यों में एक ऐसा था, जो बहुत गुस्से वाला था। छोटी-छोटी बातों में उसे गुस्सा आ जाता और वह छोटे-बड़े का आदर, मान-सम्मान भूल जाता था और ऐसे बातें बोल देता था, जिससे दूसरों को बहुत दुख होता था।
  • एक दिन क्रोधी शिष्य ने गुरु से कहा कि गुरुदेव मुझे भी आपकी तरह ही शांत स्वभाव वाला व्यक्ति बनना है। कृपया कोई ऐसा उपाय बताएं जिससे मेरा स्वभाव भी शांत हो सके। गुरु ने शिष्य से कहा कि अब कोई लाभ नहीं है, क्योंकि सात दिनों के बाद तुम्हारी मृत्यु होने वाली है। ये बात सुनते ही शिष्य उदास हो गया। उसने सोचा कि अब मेरे पास कुछ ही दिन का जीवन है। ऐसे में मुझे सभी से प्रेम से रहना चाहिए। ये सोचकर उसका स्वभाव एकदम बदल गया। अब वह सभी के साथ प्रेम से रहता।
  • क्रोधी शिष्य का स्वभाव एकदम शांत हो गया था। अगर उससे कभी कोई गलती हो भी जाती तो वह तुरंत ही क्षमा भी मांग लेता था। आश्रम के सभी लोग उसके इस व्यवहार से प्रसन्न थे। जैसे ही सात दिन पूरे हुए वह तुरंत ही गुरु से मिलने पहुंचा।
  • उसने गुरु से अपने किए बुरे कामोंं के लिए क्षमा मांगी और कहा कि गुरुजी आपके कहे अनुसार आज मेरी मृत्यु होनी है। कृपया मुझे मेरी गलतियों के लिए क्षमा करें। गुरु ने उससे कहा कि क्या तुमने इन सात दिनों में किसी पर क्रोध किया, किसी के साथ बुरा व्यवहार किया है? शिष्य ने कहा कि नहीं गुरुदेव मैं तो सभी के साथ प्रेम से रहा और सभी अपनी गलतियों के लिए क्षमा भी मांगी है।
  • शिष्य की ये बातें सुनकर गुरु ने कहा कि यही एक तरीका है अपना स्वभाव बदलने का। जब हम जानते हैं कि किसी भी पल हमारी मृत्यु हो सकती है तो हमें सभी के साथ प्रेम से ही रहना चाहिए। किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए। मेरा स्वभाव इसीलिए शांत है, क्योंकि मैं इस बात का पालन करता हूं। शिष्य समझ गया कि उसका स्वभाव बदलने के लिए गुरु ने उसे मृत्यु का भय दिखाया था। उस दिन के बाद शिष्य पूरी तरह बदल चुका था, वह सभी के साथ प्रेम से रहने लगा।


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Wednesday, January 1, 2020

बाहरी दखलअंदाजी का आरोप लगा कुलपति समेत 5 लोगों ने दिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इस्तीफा

बाहरी दखलअंदाजी का आरोप लगा कुलपति समेत 5 लोगों ने दिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इस्तीफा


प्रयागराज. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति रतन लाल हांगलू ने बुधवार (1 जनवरी) देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि गुरुवार को उन्होंने अपने इस्तीफे की पुष्टी की। दरअसल हांगलू के खिलाफ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर जांच भी चल रही थी। हांगलू समेत पांच लोगों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इस्तीफे के बाद हालांकि हांगलू ने कहा कि उनके साथ षडयंत्र किया गया है। ईमानदार लोगों के साथ ऐसा ही होता है।
कुलपति ने अपना इस्तीफा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा है था जिसे मंजूर कर लिया गया है और उनकी फाइल को राष्ट्रपति के पास भेज भेज दिया गया है। कुलपति के अलावा इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रामसेवक दुबे, जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर चितरंजन कुमार और वित्त अधिकारी डॉ सुनील कांत मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है। इन चारों अधिकारियों ने अपना इस्तीफा कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू को भेजा है।
जनसंपर्क अधिकारीडॉ. चितरंजन कुमारने अपने इस्तीफे के बाद कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में लगातार माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी। यहां के रूटीन कार्यों में भी बाहरी दखलअंदाजी इतनी ज्यादा हो गई थी। काम करना मुश्किल हो रहा था। ऐसी विपरीत परिस्थितियों की वजह से सारे प्रशासनिक अधिकारी मानसिक रूप से बहुत परेशान थे। उसी परेशानी की वजह से इस्तीफा देना पड़ा। मैंने भी आज अपना इस्तीफा कुलसचिव को सौंप दिया है।
विवादित कुलपति के तौर पर याद किए जाएंगे हांगलू
30 दिसंबर 2019 को अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू सबसे ज्यादा विवादित वीसी के रूप में याद किए जाएंगे। साल के पहले दिन देर शाम भेजे गए उनके इस्तीफे को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है।
उन पर लगे आरोपों की जांच केंद्रीय स्तर पर कराई जा रही थी। इसके अलावा उन पर महिला उत्पीड़न को लेकर भी आरोप लगा था। एक महिला मित्र के साथ उनके कथित अंतरंग बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद उनकी खूब शिक्षा लेकर हुई थी।प्रोफेसर रतन लाल हांगलू ने 30 दिसंबर 2015 को इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का कार्यभार ग्रहण किया था।

उन पर लगे आरोपों की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग से भी की गई थी जिसमें महिला आयोग ने उन्हें तलब किया था आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करती हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर जवाब नहीं दिया तो पुलिस के जरिए सम्मन भेजकर उन्हें बुलाया जाएगा। उस दौरान वह विदेश में थे, बावजूद इसके वहां से लौटने पर सीधे दिल्ली स्थित महिला आयोग कार्यालय गए और वहां 3 घंटे तक आयोग की महिला सदस्यों के सवालों का जवाब देते रहे। इधर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्राएं उन्हें बर्खास्त करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरतथीं।

प्रोफेसर रतनलाल हांगलू का विवादों से पुराना नाता
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार ग्रहण करने से पहले प्रो. रतनलाल हंगलू पश्चिम बंगाल के कल्याणी विश्वविद्यालय में कुलपति थे। वहां भी उनके खिलाफ महिला उत्पीड़न समेत कई संगीन आरोप लगे थे। वहां की एक महिला ने तो उनका यहां तक पीछा किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच उनकी करतूत की पोल खोल डाली थी। महिला ने सार्वजनिक मंच पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कल्याणी विश्वविद्यालय में उन्हें कुलपति रहते उनकी बेटी का उत्पीड़न किया था।


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Four people, including the chancellor, accused of external interference interfered with resignation from Allahabad University


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Tuesday, December 31, 2019

Kundali

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Thursday, December 26, 2019

2020 में लाल किताब के इन उपायों से दूर होगी हर समस्या, मिलेगी मनचाही सफलता

2020 में लाल किताब के इन उपायों से दूर होगी हर समस्या, मिलेगी मनचाही सफलता


2019 खत्म होने को है और नया साल यानि 2020 आने को है। आपके तमाम कष्ट दूर हों और नया साल अच्छा बीते इसके लिए लाल किताब में बताए गए कुछ विशेष उपाय करें। 19वीं शताब्दी की इस किताब में आपकी हर समस्या का सामाधान है। यदि आप नियमपूर्वक इनका पालन करते हैं तो किसी भी संकट से पार पा सकते हैं।

ज्योतिष के अनुसार किसी के भी जीवन में ये संकट कालसर्प दोष, पितृदोष और ग्रह-नक्षत्र के बुरे प्रभाव के कारण आते हैं। इनके कारण आपको गृह क्लेश, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर संबंधी अनेक संकटों का सामना करना पड़ता है। लाल किताब में इन सबका हल मौजूद है। 19वीं शताब्दी की यह किताब आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकती है।

अपने पापों का प्रायश्चित करें

लाल किताब के अनुसार आप पर समस्या तभी आती है जब आपकी या तो किस्मत खराब हो या आपने किसी के लिए समस्या खड़ी की होती है। अगर बीते वर्ष में आपने किसी के साथ कुछ बुरा किया है तो उसका प्रायश्चित करें। इससे आपको संतुष्टि मिलेगी और नया साल अच्छा बीतेगा।

इसके लिए हर शुक्रवार मां कालिका की आराधना करें। प्रत्येक शुक्रवार मां कालिका के मंदिर में जाकर उन्हें अपनी क्षमतानुसार नारियल, हार-फूल चढ़ाकर प्रसाद अर्पित करें। जाने अनजाने किए गए अपने सभी पापों की क्षमा मांगे। लेकिन ध्यान रहे यह वादा तभी करें जब आप इसे निभा सकते हों। अन्यथा आप पर और बड़ा संकट आ सकता है।

कोई शुभ कार्य शुरु करने से पहले

नए साल का आगाज़ शुभ हो इसके लिए कोई भी नया काम शुरु करने से पहले या किसी शुभ कार्य के लिए जाने से पहले लाल किताब में बताए गए उपाय ज़रूर आज़माएं। ये उपाय हर दिन के हिसाब से दिए गए हैं:
  • रविवार को पान का पत्ता साथ रखकर जाएं।
  • सोमवार को दर्पण में अपना चेहरा देखकर जाएं।
  • मंगलवार को मिठाई खाकर जाएं।
  • बुधवार को हरे धनिया का पत्ते खाकर जाएं।
  • गुरुवार को सरसों के दानें खाकर जाएं।
  • शुक्रवार को दही खाकर जाएं।
  • शनिवार को अदरक और घी खाकर जाएं।

वास्तुदोष मिटाने हेतु कर्पूर

घर के वास्तुदोष को मिटाने में कर्पूर का विशेष महत्व है। यदि सीढ़ियां, टॉयलेट या द्वार गलत जगह निर्मित हो गए हैं तो इन सभी जगहों पर 1-1 कर्पूर की बट्टी लगा दें। इसके चमत्कारिक प्रभाव से वास्तुदोष दूर हो जाएगा। सुबह-शाम पूजा करते समय और रात को सोते समय भी कर्पूर जलाना चाहिए। इससे घर में शांति बनी रहती है और नींद अच्छी आती है।

स्वास्थ्य हेतु लाल किताब के उपाय

परिवार का अगर कोई भी व्यक्ति बीमार है और दवा अपना असर नहीं दिखा रही है तो रात को सोते समय मरीज़ के तकिए के नीचे 2 तांबे के सिक्के रख दें। अगली सुबह इन सिक्कों को शमशान या कब्रिस्तान में फेंक दें। इसके बाद दवाएं अपना असर भी दिखाएंगी और मरीज़ जल्द ही ठीक भी हो जाएगा।

लाल किताब में ग्रहों और राशियों से संबंधित बीमारियों और उनके उपचार का विस्तृत वर्णन मिलता है। कोई भी उपाय आज़माने से पूर्व राशि और ग्रहों का अध्ययन करना ज़रूरी है। अगर आप राशि के अनुसार अपनी स्वास्थ्य स्थिति पता करना चाहते हैं तो हमारी हेल्थ रिपोर्ट (Health Report) प्राप्त करें।

वित्तीय समस्या के समाधान के लिए

यदि आपकी आर्थिक स्थिति हमेशा खराब रहती हैं तो 21 शुक्रवार 9 वर्ष से कम उम्र की 5 कन्याओं को खीर और मिश्री का प्रसाद बांटे। कारोबार में बढ़ोतरी और धन की वर्षा हेतु अपने घर, दुकान, शोरूम या काम की जगह पर 8 सुनहरी और 1 काली मछली रखें। यदि इनमें से दुर्भाग्यवश कोई मछली मर जाए तो उसे निकाल कर उसकी जगह नई मछली डाल दें।

प्रेम विवाह के समाधान हेतु

यदि आपके प्रेम विवाह में अड़चनें आ रही हों तो इसके लिए गुरुवार को विष्णु या लक्ष्मी मां की मूर्ति के आगे "ऊँ लक्ष्मी नारायणाय नम:" मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें। बाज़ार में आपको स्फटिक माला जैसी दिखने वाली कई मालाएं मिल जाएंगी लेकिन ये आपको पता होना चाहिए कि असली स्फटिक माला कौन सी है। आप हमारी एस्ट्रो शॉप से असली स्फटिक माला खरीद सकते हैं।

लाल किताब और मांगलिक दोष

लाल किताब के अनुसार मांगलिक दोष का असर आंखों और खून में होता है। इसके लिए आप आंखों में सफेद सूरमा लगाएं और पेट हमेशा साफ रखें। अगर सफेद सूरमा न मिले तो आप काला सूरमा भी लगा सकते हैं। ऐसा मंगलवार और शनिवार को ज़रूर करें। सूरमा लगाने से न केवल मंगल दोष दूर होगा बल्कि आंखें भी दुरुस्त रहेंगी।

अगर परिवार का कोई व्यक्ति मांगलिक दोष से परेशान है तो आप हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों बात कर अपनी मांगलिक दोष रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

भूखे बेसहारा पशुओं को भोजन खिलाएं

गाय, कुत्ते, चींटी, कौवे आदि बेसहारा पशु-पक्षियों व मनुष्यों के अन्न-पान की व्यवस्था करें। इससे आपको उनकी दुआएं मिलेंगी।
  1. गाय को रोटी खिलाने से आर्थिक संकट दूर होते हैं।
  2. कौवे व पक्षियों को दाना खिलाने से पितृ दोष को दूर करने में मदद मिलती है।
  3. कुत्ते को रोटी खिलाने से आप आकस्मिक संकट से बच सकते हैं।
  4. चींटियों को दाना डालने से कर्ज और संकट से मुक्ति मिलती है।

नौकरी जाने का खतरा हो तो…

अगर दफ्तर में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा हो, प्रोमोशन न हो रहा हो या ऐसा आभास हो कि नौकरी खतरे में है तो गुरुवार को पीली वस्तुएं जैसे कि पीले वस्त्र, पीले फल, पीले खाद्य पदार्थ आदि दान करें।

बच्चे का पढ़ाई में मन न लगे तो…

अगर आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता तो आप लाल किताब के ये उपाय आज़मा सकते हैं:
  1. किसी नेत्रहीन बच्चे के हाथों से पढ़ाई की चीज़ों का दान कराएं। नेत्रहीन और असहाय बच्चों की फीस अदा करें।
  2. बच्चे को ध्यान लगाने में मुश्किल हो तो उसके पढ़ने के कमरे में हरे परदे लगाएं।
  3. रोज़ाना मां सरस्वती की पूजा करें और प्रतिदिन 21 दफा बीज मंत्र का जाप करें।

संकटमोचन को याद करें

जब भी कोई विपदा आए तो संकटमोचन को याद करें। अगर हर रोज़ सच्चे मन से उनकी आराधना करेंगे तो वे आपके सारे दुख दूर करेंगे। इसके लिए प्रतिदिन संध्यावंदन के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ें। हर रोज़ शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा पढ़ने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और आपको हर संकट से बचाते हैं। हनुमान चालीसा की जगह आप हर मंगलवार और शनिवार को बजरंगबाण का पाठ भी कर सकते हैं। इसके अलावा शनिवार को हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और बनारसी पान का बीड़ा अर्पित करें।

लाल किताब में मनुष्य की हर समस्या का समाधान मौजूद है लेकिन उसे कैसे करना है यह बात भी महत्पूर्ण है। लाल किताब के कुछ अपने नियम हैं और इन्ही नियमों के तहत इनका पालन करना होता है। इसलिए किसी भी उपाय को आज़माने से पहले हमारे लाल किताब के विशेषज्ञ राजेंद्र सरीन (Rajendra Sarin) से सलाह ज़रूर लें।

Friday, December 20, 2019

Thursday, December 12, 2019

दिसंबर की 1 तारीख़ को है विवाह पंचमी, क्या है इस दिन की विशेषता

दिसंबर की 1 तारीख़ को है विवाह पंचमी, क्या है इस दिन की विशेषता


इस वर्ष विवाह पंचमी (Vivah Panchami)1 दिसम्बर को है और इस दिन को हिन्दू धर्म में त्यौहार के रूप में बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है। दरअसल, आज के दिन भगवान राम (Ram) और सीता (Sita) माता का विवाह सम्पन्न हुआ था। हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष के महीने में शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन विवाह पंचमी मनाई जाती है। भारत के पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में भी विवाह पंचमी को बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। नेपाल में इस त्यौहार को मनाने का एक कारण यह भी है की माता सीता नेपाल के जनकपुर के राजा जनक की पुत्री थीं। इसलिए वहां की जनता भी Vivah Panchami को जश्न के साथ मनाते हैं।

भगवान राम और सीता का विवाहोत्सव

त्रेता युग में पृथ्वी पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ता जा रहा था और उस समय मुनि विश्वामित्र अपने यज्ञ को बचाने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ से उनके दोनों पुत्रों राम और लक्ष्मण को मांग कर ले गए थे। यज्ञ की समाप्ति के बाद विश्वामित्र राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुर होते हुए जा रहे थे। इस दौरान उन्हें राजा जनक की पुत्री सीता के स्वंयवर की जानकारी मिली। मुनि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को लेकर सीता के स्वंयवर में पधारे। सीता स्वंयवर में राजा जनक ने घोषणा की थी कि जो भी शिव के धनुष को भंग कर देगा उसका विवाह सीता के साथ कराया जाएगा।


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स्वंयवर में बहुत से राजा-महाराजाओं ने अपने बल की परीक्षा दी। राजा जनक ने घोषणा की कि यह पृथ्वी वीरों से हीन हो गई है। इसके बाद मुनि विश्वामित्र ने श्रीराम को शिव जी के धनुष को तोड़ने का आदेश दिया। राम जी ने मुनि विश्वामित्र की आज्ञा का पालन करते हुए मन ही मन शिव जी की स्तुति कर शिव धनुष को एक ही बार में भंग कर दिया। इसके बाद राजा जनक ने सीता का विवाह राम से बहुत ही धूम-धाम के साथ कर दिया।


विवाह पंचमी के दिन शादी से क्यों कतराते हैं लोग?

विवाह पंचमी या विहार पंचमी का सभी पुराणों में विशेष महत्व है, लेकिन इस दिन की इतनी विशेषता होने के बाद भी लोग इस दिन अपनी पुत्री की शादी नहीं करते हैं और इस दिन को शादी के लिए सही नहीं मानते हैं। आज के दिन विवाह न करने का मुख्य कारण सीता माता का दुखद वैवाहिक जीवन है। इसलिए आज भी कुछ लोग खासतौर से मिथिलवासी और नेपाल के लोग इस दिन अपनी बेटियों की शादी नहीं करते हैं। शादी होने के बाद ही माता सीता को वनवास जाना पड़ा था। 14 वर्ष का वनवास काटने के बाद भी राम ने गर्भवती सीता का परित्याग कर दिया था।
राजकुमारी सीता को सुखद वैवाहिक जीवन का आनंद नहीं मिला। इसीलिए लोग आज के दिन अपनी पुत्री का विवाह करना पसंद नहीं करते। लोगों के मन में यह भय है कि कहीं उनकी बेटी को भी माता सीता की तरह दुख न झेलना पड़े।
इतना ही नहीं, विवाह पंचमी के दिन रामकथा का अंत राम-सीता के विवाह पर ही कर दिया जाता है क्योंकि शुभ दिन के अवसर पर दुख और कष्ट से भरी कथा को दोहराया नहीं जाता है।


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Monday, December 2, 2019

How to save a marriage that's on the brink of divorce with Vedic Astrology!

How to save a marriage that's on the brink of divorce with Vedic Astrology!


Marriage is not a social arrangement where a man & a woman choose to live together and raise a family. It is the union of two souls which is bound with commitment, loyalty, love and trust for one another.
Marriage is a sacred institution wherein a couple stand by each other's side during times of all kinds, unwavering with unconditional love for each other.
However, there are some unfortunate couples who go through bitter times and their marriage ultimately ends up in a divorce.
So can such heartbreaking separation be avoided?
Of course!
But make no mistake, time is of prime essence in such delicate and crucial matters and the couples concerned must act immediately in the right direction.

Cosmic bodies such as planets are incredibly powerful in terms of their subtle yet highly influential effect upon all of us.  These planetary effects literally shape up our destiny to a significant extent, hence their role in our lives must not be ignored.

The age old divine science of Vedic Astrology empowers an astrologer to decode the destiny of a person and reveals how that person can steer his/her life towards positive outcomes. Since centuries, the rate of separation among married couples is very low in the Indian society.
This is simply because traditional & wise Indian couples always took the help of Vedic Astrology before getting married to get a grasp of what their destiny holds for the married aspect of their lives and knew beforehand that whether their marital union will bring bliss in their lives or would be an ugly journey of friction that might eventually lead to separation.
Nowadays couples who are facing problems in their marital domain, clearly did not tie the knot by incorporating the wisdom of Vedic Astrology offered by a genuine & experienced astrologer who has a deep understanding of the intricate concepts of Vedic Astrology.
Nevertheless, coming to the ultimate question of "What should the couple do now to save their marriage?", let us look at the solution!

The Only Solution for saving a Marriage


As a couple, the only step that you must take for getting a proper solution to all your marital issues is, consult with the Best Astrologers for Marriage to get the planetary situations in your horoscopes perfectly analyzed so that the root cause of planetary problems wreaking havoc in your marriage are known.
For this, you must consult with the highly experienced and absolutely brilliant astrologers of Future Point for Kundali Matching.
Yes this Kundli Matching which is also available as Online Horoscope Matching involves a comprehensive & thorough analysis of the horoscopes of both the husband as well as the wife by the learned astrologers of Future Point who are experts in the sacred field of Vedic Astrology.
These experts decipher the results of different planets upon the life of the couple, in particular- their marriage and find out the remedial measures that if adopted by the couple can pacify the negative planetary influences that are fundamentally responsible for disturbing the marital bliss & harmony of the couple.
Remember, only by a proper Kundali Matching and quick adoption of the remedial measures suggested by the astrologer, can a couple steer the course of their marriage away from bickering & bitterness and towards love & mutual understanding.
Address the root planetary cause of a problem and solution will be a natural consequence!
It is as simple as that.
So without any delay, contact Future Point to consult with expert marriage specialists for real solutions to your marital problems and also if you are looking for marriage astrologers in Delhi, then Future Point is your one stop destination!