जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ‘आत्मसंयम और आत्मनिर्भरता से ही संभव है सशक्त भारत की परिकल्पना’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार मुख्य वक्ता थे। कार्यकऱ्म की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान, संयम और आत्मनिर्भरता में विश्वगुरु था, जो एक स्वप्न हो गया। अब इस स्वप्न को फिर से साकार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा विश्व में 3 प्रतिशत से कम क्षेत्रफल रखने वाला भारत वर्ष विश्व जनसंख्या में 18 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है।
सीमित संसाधनों के बावजूद कोरोना महामारी की विपदा से लड़ते हुए भारत सरकार और नागरिकों ने दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प का परिचय देते हुए किसी भी व्यक्ति को भुखमरी से मरने नहीं दिया। जिसकी आज संपूर्ण विश्व में प्रशंसा हो रही है। कोरोना वायरस को चीन द्वारा निर्मित जैविक हथियार बताते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि चीन के जैविक हथियार ने आज संपूर्ण मानवता के लिए संकट पैदा कर दिया है। इसके बावजूद चीन को इसके लिए कोई अफसोस नहीं है। लेकिन भारत ने आयुर्वेद के साथ आत्मनिर्भरता के संकल्प को लेकर इस विपदा का मुकाबला किया और बड़ी संख्या में पीपीई किट, मास्क, वेंटिलेटर सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं का न केवल अपने लिए निर्माण किया है, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Q1O552

0 comments: