लॉकडाउन के दौरान घर बैठे छात्रों को पुरानी पुस्तकें बांटने के कुछ शिक्षकों के प्रयास को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सराहा है। इससे प्रोत्साहित होकर शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षकों से कहा है कि वे 4 मई तक एक डाटा भेजें, इसमें यह बताएं कि अभी तक कितने छात्रों को पुस्तकें दी गईं और कितने इससे वंचित हैं। इस डाटा के मिलने के बाद एक रणनीति तैयार की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लॉकडाउन में सभी छात्रों को किस तरह से नई-पुरानी पुस्तकें दी जाएं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार निदेशालय के निर्देश पर डाटा को कलेक्ट करना शुरू कर दिया गया है। इसे सोमवार तक गूगल फार्म में भरकर निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के बीच नए शिक्षा सत्र को शुरू हुए एक महीना से ज्यादा हो गया है। इसके बावजूद अधिकांश छात्रों को नई सिलेबस की किताबें नहीं मिली हैं। इससे लॉकडाउन के दौरान घर बैठे छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। उनकी इसी परेशानी को देखते हुए प्रदेश स्तर पर कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने खुद ही पासआउट छात्रों से पुरानी किताबें कलेक्ट करना शुरू किया और उन्हें कक्षानुसार छात्रों को वितरित किया। इसकी जानकारी मिलने के बाद सीएम ने शिक्षकों के इस कार्य को सराहा। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षकों से डिटेल मांगी है कि उन्होंने कितने छात्रों को पुस्तकें दी हैं। इस जानकारी के बाद पुस्तक वितरण की रणनीति बनाई जाएगी।
इसलिए नहीं वितरित हो पाईं नई किताबें: चतर सिंह
हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह के अनुसार नई किताबें छप गई हैं। लेकिन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में उन्हें स्कूलों तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा स्कूल भी बंद हैं। इन्हीं सब परेशानी के चलते छात्रों को नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के बावजूद पुस्तकें नहीं दी गई हैं। इसलिए कुछ शिक्षकों ने पुरानी पुस्तकों को छात्रों में वितरित करने का फैसला लिया।
डाटा मिलने के बाद बनाई जाएगी रणनीति
जिला शिक्षा अधिकारी सतेंदर कौर के अनुसार निदेशालय ने सभी से पुरानी पुस्तकों के वितरण का विवरण मांगा है। उसे गूगल फार्म पर भरकर सभी को 4 मई तक भरकर भेजना है। इससे निदेशालय को यह पता करने में आसानी होगी कि कितने छात्र अभी पुस्तकों से वंचित हैं। इसके बाद उन तक पुस्तकें पहुंचाने के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। जिससे छात्राें को घर बैठे पढ़ाई करने में परेशानी न हो।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VZkXiV

0 comments: