Monday, August 17, 2020

चुनाव की रणनीति के तहत, भाजपा ने कराया था शाहीनबाग धरना, दोनों पार्टियों ने मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया

सीएए और एनआरसी कानून के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर सुर्खियों में आए दिल्ली के शाहीन बाग धरने से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने कई गंभीर आरोप लगाए है। सोमवार को प्रेसवार्ता में आप नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली चुनाव की रणनीति के तहत भाजपा ने शाहीन बाग का 101 दिन धरना कराया था। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा ने पूरा चुनाव शाहीन-बाग पर ही लड़ा और पहले सर्वे में जो 18 प्रतिशत वोट मिलना था, वो बढ़ कर 38 प्रतिशत हो गया।

जिस शाहीन बाग के बारे में कहा गया कि लोगों ने देश विरोधी, देश के टुकड़े-टुकड़े करने व पाकिस्तान समर्थित आदि के नारे लगाए, उन्हें रविवार को खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने पार्टी में शामिल कराया। भारद्वाज ने कहा कि इस असलियत के सामने के बाद झटका उन लोगों को लगेगा जो प्रदर्शन में लोकतंत्र को बचाने के लिए जा रहे थे। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली पुलिस एक दिन से ज्यादा किसी धरने को नहीं टिकने देती है, लेकिन शाहीन-बाग का धरना 101 दिनों तक चलने दिया गया। जिससे लाखों लोग परेशान होते रहे।

भाजपा ने शाहीन-बाग पर चुनाव लड़ने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की थी कि कब, किसे और क्या बोलना है? गृहमंत्री अमित शाह बताते थे, लेकिन हमें समझ नहीं आता था कि कमल निशान का तार शाहीन-बाग से जुड़ा हुआ था। चुनाव के बाद भी नफरत इतनी बढ़ाई गई कि दिल्ली में दंगे हुए, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति बर्बाद हुई।

दिल्ली पुलिस क्या कर रही थी ?
भारद्वाज ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से यह कहा जाता था कि वहां पर लोग देश विरोधी नारे लगा रहे हैं। भारत के टुकड़े करने के नारे लगा रहे हैं। पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। यदि ऐसे नारे लगाए जा रहे थे, तो दिल्ली पुलिस क्या कर रही थी? उन देश विरोधी नारे लगाने वालों को पकड़ा क्यों नहीं गया? कहा जाता था कि वहां पैसे बांटे जाते हैं। यदि यह बात सत्य है, तो दिल्ली की पुलिस क्या कर रही थी केंद्र की भाजपा सरकार क्या कर रही थी?

आप और कांग्रेस का पर्दाफाश हुआ तो बौखला गए: निगहत अब्बास
शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी की ओर से प्रेस वार्ता के जरिए भाजपा पर आरोपों पर प्रदेश भाजपा की मीडिया पैनलिस्ट निगहत अब्बास ने पलटवार करने हुए कहा कि जब शाहीन बाग के लोगों को नागरिकता संशोधन कानून समझ आ गया है कि यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए है। इसके बाद वहां के मुस्लिम समाज के भाई- बहन भाजपा परिवार में शामिल हो रहे है।

इससे आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी बौखला गई है। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग का प्रदर्शन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी द्वारा रचाया हुआ था और पैसों से प्रायोजित किया गया षड्यंत्र था, जिसने मुस्लिम समाज के लोगों को गुमराह किया। अब उन लोगों को समझ आ गया है कि सीएए के विरोध का कोई आधार नहीं था। निगहत अब्बास ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी मुस्लिम समाज के लोगों का लगातार शोषण करती आ रही है, लेकिन अब उनका यह मुखौटा उतर चुका है।

दोनों पार्टियों ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए ही इस्तेमाल किया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मुस्लिम समाज के लोगों को वोट बैंक से ज्यादा कुछ नहीं समझा। अब जब इनका पर्दाफाश हो गया है तो दोनों पार्टियां तिलमिला रही हैं। अब्बास ने कहा कि हर कोई जानता है कि पूर्वी दिल्ली में जो हिंदु-मुस्लिम दंगे हुए उसमें आम आदमी पार्टी से पार्षद ताहिर हुसैन मुख्य आरोपी हैं। दंगों के दौरान ताहिर हुसैन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया,ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान और पार्टी के नेताओं के सीधे संपर्क में था।



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सौरभ भारद्वाज (फाइल फोटो)


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