(अनिरुद्ध शर्मा) बिहार चुनाव सिर पर हैं और अगले साल उत्तर प्रदेश में भी चुनाव होने हैं। कोरोना पर दिल्ली मॉडल के प्रचार से आशान्वित आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार की संभावनाएं देखते हैं। हालांकि, बिहार चुनाव के लिए वह समय की कमी बताते हैं, मगर यूपी के चुनावी दंगल में उतरने की तैयारी पूरी है। पार्टी, राजनीति, चुनावों पर अरविंद केजरीवाल से बातचीत के प्रमुख अंश।
इसी साल बिहार, अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं। क्या आम आदमी पार्टी बिहार, यूपी में चुनाव लड़ेगी?
दिल्ली में काम की पूरे देश में खूब चर्चा है। हमें जहां मौका मिलेगा, कर्तव्य पूरा करेंगे। बिहार में हमारे लिए कम समय बचा है। वहां कितना कर पाएंगे और कैसे कर पाएंगे, कहना मुश्किल है, लेकिन तैयारी के साथ आगे बढ़ते जाएंगे। यूपी समेत जहां संभव होगा, चुनावी भागीदारी की कोशिश करेंगे। हम संगठन का विस्तार भी कर रहे हैं।
क्या राष्ट्रीय स्तर पर असरदार विपक्ष की कमी है?
हां आपकी बात से सहमत हूं, लेकिन इस समय सत्ता पक्ष में भी कई कमियां हैं। जब देश कोरोना महामारी से पीड़ित है, चीन सीमा पर दस्तक दे रहा है, तब देश की दो राष्ट्रीय पार्टियां राजस्थान में सरकार गिराने व बचाने में लगी रही।
गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश में चोट के बाद राजस्थान में कांग्रेस अंतत: सफल रही?
कांग्रेस खत्म हो गई। जनता ने जिन्हें वोट दिया, वे मंडी में खड़े हैं। इसे हार-जीत क्या कहें।
दिल्ली में जिताने वाले वोटर आपको सांसद नहीं चुनते?
पिछले लोकसभा चुनाव से समझ आया कि लोग हमें दिल्ली की पार्टी मानते हैं। हम भी उन्हें समझा नहीं पाए कि राष्ट्रीय स्तर पर वे हमें क्यों वोट करें।
फिर दिल्ली लौटे कामगारों के लिए क्या कर रहे हैं?
दिल्ली में रोजगार के अवसर खुलने लगे हैं। हमने जॉब पोर्टल बनाया, डीजल के दाम कम किए। सारी गतिविधियां धीरे-धीरे खोल रहे हैं। उद्योग-व्यापार संगठनों से बात की, उनके अच्छे सुझाव मिले हैं।
अब कब तक नए विकास कार्य शुरू हो सकेंगे?
राजस्व थोड़ा बढ़ा है। धीरे-धीरे विकास कार्य शुरू करेंगे। पूरी तरह शुरू करने में वक्त लगेगा। दिल्ली भी तो देश का हिस्सा है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक स्थितियों को सुधरने में समय लगेगा। लोग काम पर धीरे-धीरे लौटेंगे।
केंद्रीय करों में दिल्ली की हिस्सेदारी कैसे बढ़ेगी?
केंद्र से लगातार बात चल रही है। हर प्लेटफॉर्म पर यह बात उठाई, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। इसके लिए पूर्ण राज्य होना जरूरी नहीं है, केंद्र चाह लेगा तो हिस्सेदारी बढ़ जाएगी।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से लोग योगदान दे रहे हैं। क्या आप भी योगदान देंगे?
अपनी-अपनी श्रद्धा के हिसाब से सबको अपना योगदान देना चाहिए और जो भी दिया जाता है, उसकी सार्वजनिक चर्चा नहीं की जाती। अगर मैं ये बता दूंगा कि क्या योगदान दूंगा तो फिर भक्ति कहां रह जाएगी, वो राजनीति होगी।
‘आत्मनिर्भर भारत’ चर्चा में है, आपकी क्या राय है?
आत्मनिर्भर भारत होना चाहिए लेकिन इसके क्रियान्वयन की क्या रणनीति रहेगी यह उस पर निर्भर करेगा। इस समय चीन के साथ हमारा तनावपूर्ण संबंध है, लेकिन यही हमारे लिए अवसर भी है।
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