Tuesday, July 28, 2020

प्रदूषण के चलते भारत में 5 साल कम हुई लोगों की औसत उम्र दो दशक में हवा में महीन कणों की मात्रा 42 फीसदी तक बढ़ी

हवा में बढ़ता प्रदूषण लोगों की सांसें छीन रहा है। डब्ल्यूएचओ ने जिंदगी के लिए साफ हवा के जो मानक तय किए हैं, उनकी भारत में हालत दयनीय है। इसके चलते भारतीयों की औसत उम्र 5.2 साल तक कम हो गई है। यानी एक व्यक्ति अपनी जिंदगी औसतन 5 साल कम जी पा रहा है। यही नहीं, भारत ने जो मानक खुद बनाए हैं, हवा की गुणवत्ता उससे भी काफी नीचे पहुंच गई है। इस हिसाब से भी औसत आयु 2.3 वर्ष घटी है।

देश की 84% आबादी ऐसे ही इलाकों में रह रही है, जहां प्रदूषण का स्तर भारतीय मानकों से कहीं ज्यादा है। एक चौथाई आबादी रोजाना जितना प्रदूषण झेलती है, उतना दुनिया के किसी और देश में नहीं है। शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. मिल्टन फ्रीडबैन व उनकी टीम के ‘वायु प्रदूषण के जीवन पर असर’ संबंधी रिसर्च में ये बातें सामने आई हैं। इस आधार पर यूनिवर्सिटी के एनर्जी पॉलिसी संस्थान ने भारत का एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स तैयार किया। भारत में 1998 की तुलना में हवा में धूल-मिट्‌टी और खतरनाक गैसों के महीन कण (पार्टिकुलेट मैटर) का स्तर 42 फीसदी तक बढ़ गया है।

पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) शरीर में पहुंचकर लोगों को बीमार कर रहे हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो औसत आयु और बदतर हो जाएगी। मौजूदा स्थिति ही बनी रही तो सर्वाधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में लोगों की औसत आयु 8 साल कम हो जाएगी। लखनऊ में प्रदूषण डब्ल्यूएचओ के मानकों की तुलना में 11 गुना ज्यादा है। ऐसे में यहां के लोग अपने जीवन के 10.3 वर्ष गंवाते दिख रहे हैं। दिल्ली में एयर क्वालिटी डब्ल्यूएचओ के मानकों के स्तर तक हो जाए तो यहां के लोगों की उम्र 9.4 और यदि स्वदेशी मानकों तक भी सुधर जाए तो 6.5 वर्ष लंबी हो सकती है।

भारत दुनिया का दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित देश है। 2019 में केंद्र ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के तहत 2024 तक 20 से 30% तक वायु प्रदूषण कम करने का लक्ष्य रखा था। यदि ऐसा हो पाया तो राष्ट्रीय स्तर पर जीवन प्रत्याशा (उम्र) 1.6 वर्ष और दिल्ली के लोगों की औसत आयु 3.1 वर्ष बढ़ सकती है।

एयर क्वालिटी और हेल्थ सिस्टम में सुधार से 3.1 वर्ष बढ़ सकती है औसत उम्र

  • देश की 84% आबादी उन इलाकों में रहने को मजबूर, जहां भारत के अपने वायु गुणवत्ता मानकों से ज्यादा प्रदूषण, भारतीय मानकों के हिसाब से भी आयु दो साल तक घटी।
  • एक चौथाई भारतीय जितने प्रदूषण में रह रहे, उतने दुनिया के किसी देश में नहीं। एयर क्वालिटी, स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार से भारतीय की औसत आयु 3.1 वर्ष बढ़ सकती है।


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देश की 84% आबादी उन इलाकों में रहने को मजबूर, जहां भारत के अपने वायु गुणवत्ता मानकों से ज्यादा प्रदूषण। (फाइल फोटो)


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