राजधानी में लॉकडाउन 3.0 के पहले दिन सोमवार को केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार खोले सरकारी कार्यालय में 30 प्रतिशत से ज्यादा स्टाफ कार्यालय नहीं पहुंच सका। यह बात दिल्ली सरकारी कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव उमेश बत्रा ने बताई। बत्रा ने कहा कि दिल्ली में सोनीपत, पानीपत, गाजियाबाद, मेरठ, गुड़गांव, बहादुरगढ़ से कर्मचारी काम करने आते हैं। दिल्ली के अंदर भी कई लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हैं। इन दिनों यह बंद है। बॉर्डर सील होने और पास नहीं बन पाने के कारण 30 प्रतिशत से ज्यादा स्टॉफ कार्यालय नहीं पहुंच पाया।
बत्रा ने बताया कि कुछ कर्मचारी ऑफिस आने के लिए 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल कर आए। छोटे कार्यालयों में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र के दिशा निर्देशों अनुसार इंतजाम भी नहीं है। यहां न तो थर्मल स्कैनिंग की सुविधा है, ना ही सेनिटाइजर उपलब्ध है। सेनिटाइजर, मास्क, थर्मल स्कैनिंग सिर्फ मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने वाली जगहों पर ही उपलब्ध हैं। इसमें दिल्ली सचिवालय, एलजी ऑफिस, सीएम ऑफिस और दिल्ली विधानसभा शामिल है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसोसिएशन ने सरकार को पत्र लिखकर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
जिनके पास निजी वाहन, वही आएं ऑफिस
जैन दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र के दिशा निर्देशों के अनुसार छूट दी है। निजी ऑफिस भी 33 प्रतिशत स्टाफ के साथ खोल सकते हैं। अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू नहीं किया गया है। इसलिए जिनके पास निजी वाहन हैं, वही लोग ऑफिस आएं।
- नॉर्थ और साउथ एमसीडी का मुख्यालय सिविक सेंटर भी खुल गया। ईस्ट एमसीडी का पटपड़गंज स्थित मुख्यालय भी खुला। विभाग प्रमुख और कुछ कर्मचारी ही ऑफिस पहुंचे। एमसीडी विभागों के प्रमुख रोस्टर बनवाने में व्यस्त रहे।
- परिवहन विभाग ने ऑनलाइन अपाइंटमेंट से काम शुरू हुआ जिसमें लर्निंग लाइसेंस, पक्के लाइसेंस सहित अन्य काम के लिए भी 25-25 को हर दफ्तर में अपाइंटमेंट मिले। राजस्व विभाग में सर्टिफिकेट संबंधित काम अभी शुरू नहीं किए गए हैं लेकिन सब-रजिस्ट्रार ऑफिस खुले।
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