इटावा. जिस उम्र में बच्चे कलम पकड़ना सीखते हैं, उस उम्र में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की रहने वाली पांच वर्षीय राम्या दुबे का अपने से दोगुना बड़े बच्चों से ज्यादा दिमाग चलता है। राम्या केजी प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसे देश के पूर्व व वर्तमान प्रधानमंत्री, मोदी कैबिनेट, एशिया में कितने देश, यूरोपीय देश, गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र कंठस्थ है। राम्या एक बार किसी चीज को एक बार देख ले तो वह कभी नहीं भूलती। परिजनों के अनुसार, राम्या का दिमागी एक रिकॉर्डर की तरह है। हाल ही में इटावा में आयोजित एक टैलेंट शो में आउट स्टैंडिंग प्राइज से नवाजा गया है। वह पीएम मोदी से मिलना चाहती है। भविष्य में उसका सपना पायलट बनना है।
कुछ इस तरह अभिभावक बढ़ाते हैं बेटी का ज्ञान
शहर के कटरा सेवाकली की रहने वालीराम्या इटावा के सेंट मैरी इंटर कॉलेज में 6 माह पहले ही केजी में एडमिशन लिया है। स्कूल के लोग भी राम्या से काफी प्रभावित हैं।राम्या दुबे के पिता प्रवीण दुबे आयुर्वेद के डॉक्टर हैं। उनकी निजी क्लीनिक है और आयुर्वेदिक दवाएं बनाते हैं। प्रवीण की पत्नी मोनिका दुबे गृहणी हैं। राम्या को सामान्य ज्ञान, धार्मिक ज्ञान की जानकारी उनके माता-पिता घर के काम करते करते और उसके पिता जब उसको स्कूल छोड़ने जाते हैं, तब उसको ज्ञान की चीजें बताते है।स्कूल से राम्या जब घर लौटती है तो पिता सुबह दी गईजानकारियां उससे पूछते है तो रम्या सारी बताईहुईं चीजें बता देती है।
राम्या की खबरें पढ़ने व देखने में दिलचस्पी
पांच साल के बच्चों कोखेलकूद व कार्टून देखना पसंद होता है। लेकिन,राम्या की दिलचस्पी न खेलने में है न ही कार्टून कार्यक्रमों में। राम्या टीवी देखने के समय समाचार चैनलों को देखती है। पिता डॉ. प्रवीण कहते हैं कि, राम्या का आईक्यू लेवल बचपन से अच्छा है। लेकिन, फिर भी उन्होंने राम्या को अपनी जड़ी बूटियों से तैयार दवाई 1 वर्ष पहले से 6 माह तक दी। जिसका असर उसकी मानसिक वृद्धि में दिखाई दिया।
ढाई साल की उम्र में पीएम मोदी को देखा, टीवी पर देखते ही पहचाना
राम्या की मां ने बताया जब वह ढाई वर्ष की थी, तब उसने मेरी फेसबुक पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को देखते हुए उनके बारे में पूछा था। तब मैंने राम्या को पहली बार बताया कि यह नरेंद्र मोदी है और देश के प्रधानमंत्री हैं। उसके बाद राम्या ने एक दिन टीवी पर मोदी जी को देखा और उसने मुझसे कहा मम्मी देखो यह नरेंद्र मोदी हैं। उसकी इस हरकत पर हैरानी हुई थी। तब से उसे धर्मिक मंत्र सिखाना शुरू किया, जिसे राम्या ने बहुत जल्दी जल्दी याद करके सुनाना शुरू किया। जब राम्या का स्कूल में एडमिशन हुआ तो उससे पहले वह देश-विदेश के पीएम, रास्ट्रपति, यूरोप से लेकर एशिया में शामिल देशों के नाम व उनकी राजधानियां, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान कंठस्थ कर चुकी थी।
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