लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कांग्रेस कार्यकत्री सदफ जफर की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अग्रिम सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।गत 19 दिसम्बर को उनकी गिरफ्तारी के पश्चात उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में गत 19 दिसम्बर को उनकी गिरफ्तारी के पश्चात उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्होंने अपनी जमानत के लिए अर्जी दी थी किन्तु मजिस्टीरियल कोर्ट ने उनके अर्जी खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्होंने सत्र अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की जहां उनकी अर्जी विचाराधीन है।
सदफ जफर ने एफआईआर को चुनौती देने के साथ-साथ अपनी गिरफ्तारी को गैर कानूनी घोषित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच एसपी स्तर के अधिकारी से, हाईकोर्ट के मॉनीटरिंग में कराने की मांग भी की है।
याचिका में उनके मेडिकल परीक्षण व इलाज के लिए उनके चुने अथवा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गटित किये जाने की मांग की गई है। उन्होंने जेल में साफ और गर्म कपड़े, बिस्तर, गद्दे व घर से बने खाने की भी मांग की है।
वहीं याचिका पर जवाब देते हुए, सरकारी वकील एसपीसिंह ने न्यायालय के समक्ष आश्वासन दिया कि याची को सभी सम्भव चिकित्सीय उपचार मुहैया कराया जाएगा। कोर्ट ने सरकारी वकील के आश्वासन के बाद याची के हक में अलग से कोई आदेश जारी नहीं किया।
सदफ जफर के परिजनों से मिलीं थीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने सदफ जफर के परिवार से मुलाकात की थी। सदफ की बहन माल एवेन्यू क्षेत्र में रहती हैं। वहीं, उनका परिवार भी रहता है।नागरिकता संशोधन काननू के विरोध में 19 दिसंबर को लखनऊ में हिंसा हुई थी। पुलिस ने कांग्रेस नेता व एक्ट्रेस सदफ जफर को परिवर्तन चौक से हिरासत में लिया था। उन पर हिंसा भड़काने का आरोप है। लोवर कोर्ट से सदफ की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। प्रियंका ने पूर्व में सदफ की रिहाई की मांग उठाई थी।
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