फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में नागरिकता संशोधन काननू के विरोध में बीते साल 20 दिसंबर को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 200 लोगों को नोटिस जारी किया है। पुलिस को आशंका है कि, ये लोग जिले की शांति भंग कर सकते हैं। लेकिन शांति भंग की कार्रवाई की जद में एक ऐसा भी है, जिनकी मौत छह साल पहले हो चुकी है। वहीं, दो शख्स ऐसे हैं, जिनकी उम्र 90 साल है। वे सही से चल फिर भी नहीं सकते हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सिंह ने कहा कि, शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए हम पर दबाव था। उन्होंने कहा कि, किसी भी बुजुर्ग या निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बीते 20 दिसंबर को फिरोजाबाद जिले में नागरिकता संशोधन काननू के विरोध में हिंसा हुई थी। इस दौरान चार लोगों की मौत हुई थी। जिले में हिंसा के मामले में 35 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 29 लोगों को नामजद किया गया है। 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा थमने के बाद पुलिस कार्रवाई कर रही है।
छह साल पहले हुई थी मौत
फिरोजाबाद के रहने वाले बन्ने खां की 94 साल की आयु में छह साल पहले मौत हो चुकी है। पुलिस ने जिन 200 लोगों को शांति भंग का नोटिस भेजा है। उनमें बन्ने खां का नाम भी शामिल है। मृतक के पुत्र सरफराज के अनुसार, नोटिस में लिखा है कि, बन्ने खां को सिटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश होना है और 10 लाख रूपए का मुचलका भरकर जमान लेनी होगी। सरफराज ने अपने पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र प्रशासन को दिखाया है।
इन दो बुजुर्गों से शांतिभंग का खतरा
इसी तरह 90 साल आयु के दो अन्य व्यक्तियों को भी भेजा गया है। इनमें 93 वर्षीय फसाहत मीर खा और 90 वर्षीय सूफी अंसार हुसैन शामिल हैं। अंसार हुसैन निमोनिया से पीड़ित हैं, हाल ही में वे दिल्ली के एक अस्पताल से इलाज कराकर वापस लौटे हैं। फसाहत मीर खान एक कॉलेज के संस्थापक हैं।
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