लखनऊ. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी सरकार को झटका दिया है। कोर्ट ने कहा- 68500 शिक्षक भर्ती मामले में आदेश दिया कि मूल विज्ञापन के आधार पर ही भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित करें। खेल शुरू होने के बाद नियम नहीं बदले जा सकते हैं। दरअसल, सरकार ने परीक्षा से कुछ दिन ही भर्ती के नियम बदल दिए थे और 30/33 कट ऑफ के आधार पर परिणाम जारी कर दिया था।
कोर्ट ने लगा दिया था स्टे
प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की 68500 भर्ती के शासनादेश में कटऑफ सामान्य व ओबीसी के लिए 45 व अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत तय था, जिसे सरकार ने लिखित परीक्षा के ठीक पहले बदलकर क्रमश: 33 व 30 कर दिया था। हाईकोर्ट में बदले कटऑफ अंक को चुनौती दी गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया था। लंबी सुनवाई के बाद 29 नवंबर 2019 को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया।
हाईकोर्ट ने यह दिया आदेश
परीक्षा के बाद दिवाकर सिंह व अन्य ने बदले कटऑफ अंक को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसमें कहा गया कि शीर्ष कोर्ट का आदेश है कि नियम खेल शुरू होने के बाद नहीं बदले जा सकते। ऐसे में लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति इरशाद अली ने अंतरिम आदेश दिया था कि सरकार मूल शासनादेश के अनुरूप रिजल्ट जारी कर सकती है और इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी। ऐसे में परिणाम घोषित हुआ और चार चरणों में नियुक्तियां दी गई हैं, कुछ प्रक्रिया लंबित भी है।
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