लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सूबे की राजधानी लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस मुददे को लेकर पिछले दो दिनों में अधिकारियों के साथ वह आठ बार बैठक कर चुके हैं। वरिष्ठ सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। फैसला इस पर होना है कि गुड़गांव की तर्ज पर लागू किया जाए या मुंबई की तर्ज पर होगी।
डीजीपी ओपी सिंह और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के साथ एक घंटे से अधिक चली बैठक में मुंबई व गुड़गांव में लागू पुलिस कमिश्नर प्रणाली के मॉडल पर चर्चा की गई।
इस बीच लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी के स्थानांतरण के बाद यहां अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई थी। लिहाजा सरकार ने एसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत को लखनऊ एसएसपीका कार्यभार सौंपा है। ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि कमिश्नरी सिस्टम पर मंगलवार को कैबिनेट में हो कोई फैसला लिया सकता है।यूपी की राजधानी लखनऊ और एनसीआर के नोयडा शहर में प्रयोग के तौर पर कमिश्नरी सिस्टम वाली पुलिसिंग लागू की जा सकती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को कैबिनेट में लाना जरूरी है, लेकिन लखनऊ और नोएडा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पद दो दिनों से खाली है। कैबिनेट की बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है। इसलिए बाई सर्कुलेशन पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने पर भी चर्चा की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि मुंबई में शस्त्र लाइसेंस और आबकारी की दुकानों के लाइसेंस जारी करने का अधिकार पुलिस कमिश्नर को ही दिया गया है, जबकि गुड़गांव में पुलिस को यह अधिकार नहीं है। हालांकि तय नहीं हो पाया है कि कौन-सा मॉडल यहां लागू किया जाएगा।
मुंबई मॉडल पर सहमति बनने के आसार
शनिवार तक इस पर फैसला होने की संभावना है। मुंबई मॉडल ही लागू करने पर सहमति बन सकती है। बैठक में एडीजी या आईजी स्तर के अधिकारियों को नियुक्त करने का सुझाव आया। नियुक्त होने वाले अधिकारियों के संभावित नामों पर भी विचार किया गया।
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