Saturday, January 4, 2020

खरमास खत्म होते ही 16 जनवरी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, इस साल करीब 5 महीने होगा देवशयन

जीवन मंत्र डेस्क. इस महीने 15 जनवरी को सूर्य के राशि परिवर्तन होते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पं प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार साल 2020 में मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त कम ही रहेंगे। क्योंकि इस साल पुरुषोत्तम मास के कारण 2 अश्विन मास रहेंगे। इस वजह से इस साल देवशयन 4 नहीं करीब 5 महीनों तक होगा। वहींखरमास, मीनमास, होलाष्टक और शुक्र तारा अस्त होने के कारण शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त कम ही रहेंगे। इस तरह साल के 224 दिनों तक शुभ काम नहीं हो पाएंगे।

साल के 224 दिन जब कोई शुभ काम नहीं होगा

पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार अभी 15 जनवरी तक खरमास रहेगा। मकर संक्रांति के दूसरे दिन 16 जनवरी से विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे, जो 1 मार्च तक रहेंगे। इसके अगले दिन से होलाष्टक शुरू हो जाएगा। वहीं 13 मार्च से खरमास प्रारंभ होगा, जो 13 अप्रैल तक रहेगा। इस एक माह की अवधि में विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 14 अप्रैल से शुरू होकर विवाह मुहूर्त विभिन्न तिथियों में 26 जून तक रहेंगे। इस बीच मई के आखिरी दिनों में 8 दिन के लिए शुक्र तारा अस्त रहेगा। वहीं देव उठनी एकादशी पर 25 नवंबर से प्रारंभ होंगे, जो 11 दिसंबर तक होंगे। इसके बाद पुन: एक माह के लिए खरमास प्रारंभ हो जाएगा।

जनवरी से दिसंबर तक विवाह मुहूर्त

जनवरी 16 से 22

फरवरी 3 से 5, 9 से 18, 20, 25 से 27

मार्च 1 से 3, 7 से 13

अप्रैल 14, 15, 20, 25 से 27

मई 1 से 8, 10, 12, 17, 18

जून 13 से 15, 25, 26

नवंबर 26, 30

दिसंबर 1, 2, 6 से 9, 11

15 जनवरी को खरमास समाप्त

  • ज्योतिषाचार्य पं प्रवीण द्विवेदी के अनुसार 14 या 15 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है। जिससे मलमास या खरमास शुरू हो जाता है। सूर्य लगभग 1 महीना इस राशि में रहता है और मकर संक्रांति पर यानी 14 या15 जनवरी को मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करते ही मलमास खत्म हो जाता है।
  • बृहस्पति की राशि धनु में सूर्य के आ जाने से शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इसलिए जब सूर्य धनु राशि में रहता है तो इस 1 महीने के समय को खरमास कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार मलमास की अवधि के दौरान विवाह, यज्ञोपवीत संस्कार, वास्तु पूजन, नींव पूजा, नए व्यापारिक के मुहूर्त, नामकरण आदि कई तरह के शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।

दो साल पहले ज्येष्ठ में अधिमास

  • पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार वर्ष 2020 में अधिकमास (पुरुषोत्तम माह) होने से विवाह मुहूर्त के दिन घट गए हैं। दो साल पहले ज्येष्ठ में अधिमास पड़ने के बाद भी ऐसी स्थिति नहीं बनी थी। इसी तरह 2019 में 1 से 11 जुलाई तक विवाह मुहूर्त थे और देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को थी। इस बार 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी से विवाह बंद हो जाएंगे, जो 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी से ही प्रारंभ होंगे।
  • गत वर्ष देवशयनी एकादशी 12 जुलाई व देवउठनी एकादशी 8 नवंबर को थी। इस 118 दिन की अवधि में विवाह बंद थे, लेकिन इस बार देवों के विश्राम व चातुर्मास की अवधि 147 दिन की रहेगी। इस अवधि में विवाह नहीं होंगे।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Mangalik work will start from January 16 as soon as Kharmas ends, this year Devshayan will be around 5 months


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36owuuV

SHARE THIS

Facebook Comment

0 comments: