बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अंधविश्वास में बहू की बलि देने का प्रयास का मामला सामने आया है। अपने बीमार पिता को सेहतमंद करने के लिए तांत्रिक बेटी अपने पति व भाई के साथ मिलकर परिवार की बहू पर चाकू से 101 वार कर लहूलुहान कर दिया। इन घावों पर डॉक्टरों को 450 टांके लगाने पड़े हैं। पुलिस ने आरोपित ननद को गिरफ्तार किया है। जबकि जेठ व ननदोई फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
यह मामला बरेली शहर के बारादरी थाना इलाके के मोहल्ला सिकलापुर का है। अपनों के द्वारा दिए जख्मों से जूझती रेनू को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। भोजीपुरा के मॉर्डन विलेज घंघोरा गांव निवासी ननद रेनू की शादी आठ साल पहले सिकलापुर में धर्मशाला वाली गली निवासी संजीव से हुई थी। दोनों के एक बेटी भी है। भाई का आरोप है कि, रेनू के ससुर जगदीश महीनों से बीमार हैं और बिस्तर पर हैं। रेनू के जेठ मेली व ननद मोनी तांत्रिक हैं।
अंधविश्वास के चलते जेठ, ननद व ननदोई राजू ने उसकी बहन की बलि देने की कोशिश की गई। रेनू के चेहरे समेत शरीर पर 101 चाकूओं से वार किए गए। भाई का कहना है कि, उसकी ननन कह रही थी कि जितने वार रेनू पर चाकुओं से किए जाएंगे, उसके पिता (रेनू के ससुर) उतने ज्यादा साल जीवित रहेंगे और सही भी हो जाएंगे।
किसी तरह रेनू जान बचाकर लहूलुहान हालात में घर से भागी और बरेली कॉलेज तक पहुंचकर बेहोश हो गई। उसी दौरान पुलिस पहुंची तो महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसको सही इलाज नहीं मिल सका तो परिवार वाले उसे शहर के निजी अस्पताल में ले आए। भाई के अनुसार उसकी बहन के 450 टांके आए हैं।
इस मामले में पुलिस ने बारादरी थाने में रेनू की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर एक ननद को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा का कहना है कि उसको तंत्र विद्या की वजह से चाकुओं से घायल किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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