नगर निगम में एक सप्ताह के दौरान 560 कर्मचारियों की भी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। ये सभी निगम की विभिन्न शाखाओं में आउटसोर्स पॉलिसी के जरिए नियुक्त किए गए थे और इनमें कई तो काफी सालों से कार्यरत थे। निगम अधिकारियों का तर्क है कि मैनपावर ज्यादा होने के कारण अब इन कर्मचारियों की जरूरत नहीं है।
ये सभी कर्मचारी निगम में गार्ड (सुरक्षाकर्मी), कंप्यूटर क्लर्क, चपरासी, पंप ऑपरेटर, माली सहित अन्य पदों पर तैनात थे। एक साथ इतनी संख्या में पहली बार नगर निगम में छंटनी की गई है। गत शुक्रवार और अब सोमवार को दो बार में कुल 523 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिनमें पंप सहायक 38, चपरासी 31, पंप ऑपरेटर 45, कंप्यूटर क्लर्क 89, बेलदार 11, बिल डिस्ट्रीब्यूटर 6, चौकीदार 14, व 1 डीजल इंजन ऑपरेटर शामिल है।
जिले में कोरोना संक्रमित मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को 242 नए मरीजों की पहचान हुई। वहीं एक और कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 171 हो गया। बीते 24 घंटे में 340 मरीज कोरोना को मात देकर ठीक हो गए। जिले में कुल संक्रमितों की संख्या अब 20417 हो गई है। वहीं अब तक 17835 मरीज ठीक हो चुके हैं।
वहीं पिछले दस दिन की बात करें तो दस दिन में 3352 पेशेंट ठीक हुए, नए केस 2994 मिले, पांच दिन में 2850 से घटकर 2400 रह गए हैं। जिला में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या केवल 2411 रह गई है। इनमें से 2149 मरीजों का इलाज उनके घर पर ही चल रहा है।
रोजाना स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व कर्मचारियों की ओर से मरीजों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की जाती है। सक्रिय मरीजों में से केवल 262 मरीज ही विभिन्न अस्पतालों व कोविड केयर सेंटर में उपचाराधीन हैं। संक्रमित मिले मरीजों के संपर्क में आ चुके 9835 लोगों की भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक पहचान कर चुका है।
मेवात में कोरोना वायरस से एक मौत, पांच नए मामले आए
जिले में कोरोना से मौत के मामलों में इजाफा होता जा रहा है। मंगलवार को भी कोरोना से एक मौत होने का मामला सामने आया है। जिले में कोरोना से यह अब 22 वीं मौत है। फिरोजपुर झिरका खंड के गांव खेड़ली निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई। उक्त युवक को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद 24 सितंबर को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। कोरोना जांच में युवक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। व्यक्ति ने इलाज के दौरान बीते सोमवार की रात मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार को जिले में कोरोना 5 नए मामले और आए हैं तो दूसरी ओर 13 मरीज ठीक भी हुए है।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए समय रहते गुड़गांव में कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इस कार्य योजना को सभी संबंधित विभागों तथा एजेंसियों के साथ तालमेल करके लागू किया जाएगा। पिछले एक साल में गुड़गांव में दो नए प्रदूषण मापक यंत्र लगाए गए हैं। साथ ही सबसे अधिक प्रदूषण के हॉटस्पॉट की भी पहचान की गई। जिन पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड हरियाणा के अधिकारी नजर रखेंगे। डीसी अमित खत्री ने कहा कि अक्टूबर से फरवरी के बीच बढ़ने पॉल्यूशन को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।
डीसी अमित खत्री ने कहा है कि पॉल्यूशन को कम करने के लिए समय रहते सभी संबंधित विभागों तथा एजेंसियों को बेहत्तर तालमेल के साथ काम करते हुए प्रदूषण के कारणों पर प्रभावी ढंग से रोकथाम करने की हिदायत दी गई है। अब जिला में प्रदूषण मापक यंत्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां गुड़गांव जिला में विकास सदन तथा मानेसर में केवल दो स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगे हुए थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 4 कर दी गई है। गुड़गांव के सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय तथा फरीदाबाद-गुड़गांव रोड पर टैरी परिसर में दो नए यंत्र लगाए गए हैं। इसके अलावा गुड़गांव नगर निगम तथा हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय कार्यालय चैकिंग के लिए टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें कचरा जलाने तथा प्रदूषण फैलाने के अन्य कारणों पर रोक लगाएंगी।
प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी में रखे गए उद्योगों को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जिला में वायु प्रदूषण के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है और चैकिंग में उन क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक वायु प्रदूषण के लिए गुड़गांव में उद्योग विहार फेस-1 से 5 तक, सैक्टर 18 का जिला उद्योग केंद्र, सैक्टर-37 का औद्योगिक क्षेत्र, आईएमटी मानेसर, बहरामपुर, बेगमपुर खटौला तथा औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर लगी ईकाइयों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें नजर रखेंगी।
कहीं भी प्रदूषण के लिहाज से एमीशन स्टैंडर्ड अर्थात् उत्सर्जन मानक का उल्लंघन पाया जाएगा तो उस ईकाई के खिलाफ कानून के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी में रखे गए उद्योगों को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा, इसके लिए उन्हें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा।
इन विभागों को भी सौंपी गई है जिम्मेवारी
कार्य योजना के तहत सड़कों की सफाई मशीनों से करवाने का अंतराल घटाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क किनारे मिट्टी ना उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई, जीएमडीए, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, डीटीपी तथा हरियाणा राज्य सड़क विकास निगम को दी गई है।
वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्रों की होगी जांच
प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में वाहनों के प्रदूषण स्तर पर नजर रखने का दायित्व ट्रैफिक पुलिस को दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र चौक करेगी, इसके लिए मुख्य रूप से 18 स्थान चिन्ह्ति किए गए हैं। इनमें दिल्ली-गुड़गांव बोर्डर, इफको चौक, राजीव चौक, सोहना रोड, सुभाष चौक, वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, कैप्टन उमंग भारद्वाज चौक सैक्टर 10, सोहना चौक, टोल प्लाजा खेड़की दौला, टोल प्लाजा गुड़गांव-फरीदाबाद रोड, द्वारका एक्सप्रेस वे, हुडा सिटी सैंटर, हैमिल्टन कोर्ट डीएलएफ फेज-4, गुड़गांव का मुख्य बस अड्डा, पटौदी रोड़ चैराहा, रामपुरा फ्लाईओवर तथा बिलासपुर चौक शामिल हैं। इन स्थानों पर चैकिंग के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यही नहीं, कमांड एण्ड कंट्रोल सैंटर से भी 24 घंटे वाहनों की मॉनिटरिंग होगी। यदि कोई चालक टैªफिक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका चालान किया जाएगा।
हर साल औसतन भारतीय सेना के 111 जवान सीमा पर दुश्मन की गोलियों से शहीद हो जाते हैं...मगर पिछले 6 साल में 24 जवान अपनी ही सेना के खराब गोला-बारूद के कारण जान गंवा बैठे। जबकि 131 जवान घायल हुए, इनमें कई हाथ-पैर तक खो चुके हैं। यह खुलासा ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) से खरीदे गए गोला-बारूद व अन्य सामान पर सेना के एक आंतरिक आकलन में हुआ है।
ओएफबी, दुनिया के सबसे पुराने सरकारी रक्षा उत्पादन बोर्डों में से एक है। रक्षा मंत्रालय को सौंपी गई इस आंतरिक रिपोर्ट में बताया गया है कि ओएफबी से खरीदे गए गोला-बारूद की गुणवत्ता खराब थी, इसकी वजह से न सिर्फ हादसे हुए बल्कि 5 साल में 960 करोड़ रुपए का आयुध अपनी तय शेल्फ लाइफ से पहले ही खराब हो गया।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि हर प्रोडक्ट की तरह गोला-बारूद की शेल्फ लाइफ यानी आयु तय होती है। शेल्फ लाइफ पूरी होने के बाद इसे डिस्पोज ऑफ कर दिया जाता हैै। आयुध की आयु इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें इस्तेमाल रसायन की क्वालिटी कैसी है और इसकी मिक्सिंग कैसे हुई है। ओएफबी में रसायनों की मिक्सिंग ऑटोमेटेड नहीं है। इसीलिए यह शेल्फ लाइफ भी पूरी नहीं कर पाते हैं।
इसी वजह से हादसे भी होते हैं। रिपोर्ट में जिन आयुध पर सवाल उठाया गया है उनमें 25 मिमी. एयर डिफेंस शेल्स, आर्टिलरी शेल्स और 125 मिमी. टैंक शेल्स के साथ ही इंफेंट्री की असॉल्ट राइफल्स में इस्तेमाल होने वाली बुलेट्स भी हैं।
सेना बाजार दर पर वर्दी खरीदती तो 6 साल में 480 करोड़ बच जाते
ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड से मिलने वाली जवानों की वर्दी में सेना बड़ा घाटा उठा रही है। आंतरिक मूल्यांकन के अनुसार जो कॉम्बैट ड्रेस मार्केट में 1800 रुपये से कम में मिल सकती है वह 3300 रु में खरीदी जाती है। कैप 500 रुपये में खरीदी जाती है जो 150 रुपये से कम मिल रही है। ओएफबी से खरीदी एक जवान की पूरी वर्दी की कुल लागत 17950 रुपये है।
इसकी बाजार में कीमत 9400 रुपये है। यानी ओएफबी हर जवान की वर्दी पर 8550 रुपए ज्यादा ले रहा है। 12 लाख जवानों के लिए साल में महज चार वर्दियों का हिसाब से भी जोड़ा जाए तो 480 करोड़ रुपये का अंतर आता है।
देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 51 लाख के पार हो गई है जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी बोले हैं कि अब कुछ लोग किसान बिलों का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनकी काली कमाई का एक और जरिया खत्म हो गया है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...
आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर
1. IPL में आज राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने होंगे। शाम सात बजे टॉस होगा। मैच साढ़े सात बजे शुरू होगा।
2. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फैसला आएगा। इस केस में आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती आरोपी हैं।
3. राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की आज आखिरी तारीख है।
4. 2018-19 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की भी आज आखिरी तारीख है।
अब कल की 6 महत्वपूर्ण खबरें
1.6 महीनों से हर घंटे 90 करोड़ रुपए कमा रहे हैं मुकेशअंबानी
मुकेश अंबानी पिछले 6 महीने से हर घंटे 90 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह जानकारी हुरुन इंडिया और आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में दी है। 31 अगस्त 2020 तक 1,000 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा संपत्ति वाले 828 भारतीयों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। मुकेश अंबानी की कुल इनकम 6,58,400 करोड़ रुपए है।
2. दलित लड़की से गैंगरेप, रीढ़ की हड्डी तोड़ी, जीभ काटदी
उतर प्रदेश के हाथरस जिले में जिस दलित लड़की का गैंगरेप हुआ था, उसने मंगलवार तड़के 3 बजे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में अंतिम सांस ली। 14 सितंबर को दरिंदों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ काट दी थी और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। पिता ने बताया कि ये लोग गांव के ठाकुर हैं। मेरे पिता से भी मारपीट कर चुके हैं। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट...
चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल होंगे।
एम्स की टीम ने सुशांत सिंह राजपूत की विसरा रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को विसरा में किसी तरह का जहर नहीं मिला है। सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच के लिए 21 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में एम्स के पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी।
5. बाबरी मस्जिद विध्वंस केस पर केंद्रित भास्करएक्सप्लेनर
अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराए जाने के करीब 28 साल पूरे हो गए हैं। ढांचे को गिराने के क्रिमिनल केस की सुनवाई लखनऊ में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चल रही थी। विवादित ढांचे को गिराए जाने के मामले में 32 आरोपी हैं। इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और साक्षी महाराज आरोपी हैं।
6. ड्रग्स मामले में दीपिका, सारा, श्रद्धा और रकुलप्रीत के बैंक खातों की जांचहोगी
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुलप्रीत सिंह के बैंक खातों से हुए लेन-देन की जांच करेगा। इन एक्ट्रेस से NCB के अधिकारी ड्रग्स से जुड़ी वॉट्सऐप चैट के बारे में कई घंटे की पूछताछ कर चुके हैं।
1993ः भारत के महाराष्ट्र में भूकंप के कारण 10,000 हजार से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि लाखों बेघर हो गए।
2010: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन को रामलला, निर्मोही अखाड़े और वक्फ बोर्ड में बराबर हिस्से में बांटने का फैसला सुनाया।
अब जाते-जाते जिक्र पांच बार के वर्ल्ड चेस चैम्पियन विश्वनाथन आनंद का। 2003 में आज ही के दिन भारतीय शतरंज के बादशाह विश्वनाथन ने विश्व रैपिड शतरंज चैम्पियनशिप जीती थी। पढ़िए उन्हीं के शब्दों में जीत का मूल मंत्र...
हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में गए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया का प्राइवेट प्लेन 30 सितंबर 2001 को क्रैश हो गया था। वे कुछ पत्रकारों के साथ यूपी के मैनपुरी में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे, तब उनके सेसना सी-90 एयरक्राफ्ट ने आग पकड़ ली थी।
खास बात यह थी कि उस समय देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनका पार्थिव शरीर लाने के लिए विशेष विमान दिल्ली भेजा था। यह महत्वपूर्ण है कि सिंधिया ने ही 1984 में वाजपेयी को ग्वालियर में लोकसभा चुनाव में शिकस्त दी थी।
ग्वालियर के सिंधिया राजवंश में माधवराव का जन्म 10 मार्च 1945 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई सिंधिया स्कूल से और फिर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने हायर स्टडीज की। सिंधिया उस समय कांग्रेस में शामिल हुए थे, जब इंदिरा गांधी ने सत्ता गंवा दी थी। उन्हें सबसे सफल रेल मंत्रियों में से एक माना जाता है। उनके कार्यकाल में ही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई थी।
नरसिम्हा राव की कैबिनेट में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी हवाला कांड की वजह से 1996 में उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो उन्होंने मध्यप्रदेश विकास कांग्रेस बना ली थी। हालांकि, सीताराम केसरी के कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही वे पार्टी में लौट आए थे।
1999 में जब सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठा तो सिंधिया को कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद का तगड़ा दावेदार समझा जाता था। सिंधिया लोकसभा में डिप्टी फ्लोर लीडर थे और उन्हें कांग्रेस प्रेसिडेंट और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी का विश्वासपात्र समझा जाता था। 1971 से 1999 तक वे सांसद रहे।
फर्राटेदार हिंदी और अंग्रेजी बोलने वाले ग्वालियर के पूर्व श्रीमंत सिंधिया की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत थी। एक और खास बात यह है कि वे हमेशा खेलों से जुड़े रहे। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहे।
2010: राम जन्मभूमि केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 30 सितंबर 2010 को विवादित बाबरी मस्जिद मामले में जमीन के मालिकाना हक को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने 2:1 के बहुमत से विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटकर रामलला, निर्मोही अखाड़े और वक्फ बोर्ड को एक-एक हिस्सा देने का फैसला सुनाया।
हालांकि, बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। पिछले साल नवंबर में फैसला आया कि विवादित जमीन पर राम जन्मभूमि बनना चाहिए और अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके लिए भूमिपूजन किया है।
आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है...
1687ः औरंगजेब ने हैदराबाद के गोलकुंडा के किले पर कब्जा किया।
1841ः अमेरिका के मशहूर वैज्ञानिक सैमुएल स्लॉकम ने 'स्टेप्लर' का पेटेंट कराया।
1846: डॉ. विलियम मॉर्टन ने एनेस्थेशिया का इस्तेमाल कर पहली बार दांत निकाला।
1947ः पाकिस्तान और यमन संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुए।
1967ः अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मौद्रिक प्रणाली में सुधार किया।
1975: AH-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर ने पहली बार उड़ान भरी।
1984ः उत्तरी एवं दक्षिणी कोरिया के बीच 1945 के बाद पहली बार सीमाएं खोली गईं।
1993ः महाराष्ट्र के लातुर में भूकंप के कारण 10,000 से अधिक लोग मारे गए। लाखों बेघर हुए।
1996: तमिलनाडु की राजधानी का नाम मद्रास से बदलकर चेन्नई रखा गया।
2001ः इजरायल की आतंरिक मंत्रिपरिषद ने फिलीस्तीन के साथ हुए समझौते को मंजूरी दी।
2008: जोधपुर में मेहरानगढ़ फोर्ट के देवी मंदिर में भगदड़ से 200 से ज्यादा मौतें हुई थी।
2013: कोर्ट ने चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) ने 28 सितंबर को देश की खानपान आदतों पर एक रिपोर्ट जारी की है। What India Eats यानी भारत क्या खाता है टाइटल से प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के शहरों और गांवों में खानपान से जुड़ी आदतों में एक बहुत बड़ा गैप है।
यह रिपोर्ट कहती है कि शहरों में एब्डोमिनल ओबेसिटी यानी तोंद की समस्या 53.6% लोगों को यानी हर दूसरे व्यक्ति को है। वहीं, गांवों में यह 18.8% लोगों की समस्या है। बात जब ओवरवेट और ओबेसिटी (मोटापे) की आती है तो उसमें भी शहर (31.4% और 12.5%) गांवों (16.6% और 4.9%) से आगे है।
क्या बॉडी मास इंडेक्स का कैल्कुलेशन बदल गया है?
आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों का आदर्श वजन अब 60 किलो नहीं बल्कि 65 किलो है। इसी तरह महिलाओं का आदर्श वजन 50 नहीं बल्कि 55 किलो हो गया है। 2010 में जो सिफारिशें की गई थी, उसमें पांच किलो वजन बढ़ाया गया है।
भारतीय पुरुषों का आदर्श कद 5.6 फीट (171 सेमी) से बढ़ाकर 5.8 फीट (177 सेमी) हो गया है। महिलाओं का आदर्श कद भी 5 फीट (152 सेमी) से बढ़ाकर 5.3 फीट (162 सेमी) किया है। इससे बॉडी मास इंडेक्स (BMI) इंडेक्स निकालने का फार्मूला भी बदल सकता है।
क्यों खास है यह What India Eats रिपोर्ट?
दस साल पहले भी इस तरह की रिपोर्ट बनी थी, लेकिन तब गांवों का डेटा नहीं था। पहली बार अलग-अलग फूड ग्रुप्स से कुल एनर्जी, प्रोटीन, फैट्स और कार्बोहाइड्स का योगदान बताया गया है। इसमें दो राष्ट्रीय स्तर के सर्वे डेटा का इस्तेमाल किया गया है।
रिपोर्ट में माय प्लेट की सिफारिश की गई है। आपकी थाली में फूड्स का सही अनुपात क्या होना चाहिए, यह बताया है। इससे इम्युन फंक्शन मजबूत होगा। डाइबिटीज, हायपरटेंशन, कोरोनरी हार्ट डिसीज, स्ट्रोक, कैंसर, आर्थराइटिस आदि बीमारियों से बचा भी जा सकता है।
What India Eats रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 2015-16 के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे -4, नेशनल न्यूट्रिशन मॉनिटरिंग ब्यूरो, डब्ल्यूएचओ और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स 2015 की रिपोर्ट्स को स्टडी किया गया है।
क्या आपका खाना आपके शरीर की एनर्जी की जरूरतों को पूरा करता है?
नहीं। रिपोर्ट कहती है कि शहरों में क्रॉनिक एनर्जी डिफिशियंसी 9.3% थी, जबकि गांवों में यह 35.4% थी। इसका मतलब है कि गांवों में रहने वाला हर तीसरा व्यक्ति खानपान से जुड़े किसी न किसी विकार से जूझ रहा है। शरीर को एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने लायक खाना उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
रिपोर्ट कहती है कि शहरों में लोग हर दिन 1943 किलो कैलोरी ले रहे हैं, जो 289 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 51.6 ग्राम फैट्स, 55.4 ग्राम प्रोटीन से आ रही है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में लोग 2081 किलो कैलोरी ले रहे हैं। यह 368 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 36 ग्राम फैट्स और 69 ग्राम प्रोटीन से आ रही है।
फूड ग्रुप्स देखें तो शहरों में 998 किलो कैलोरी अनाज से, 265 किलो कैलोरी फैट्स से और 119 किलो कैलोरी दालों-फलियों से आती है। वहीं, गांवों में एनर्जी सोर्स के तौर पर अनाजों की भागीदारी (1358 किलो कैलोरी) सबसे ज्यादा है। इसके बाद फैट्स (145), दाल व फलियां (144) आती है।
रिपोर्ट कहती है कि 66% प्रोटीन का सोर्स दालें, फलियां, नट्स, दूध, मांस होना चाहिए। लेकिन, ऐसा हो नहीं रहा। फल और सब्जियां कम खाने से डाइबिटीज और दूध व दूध के प्रोडक्ट्स कम खाने से हायपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) का खतरा बढ़ाता है।
एनर्जी सोर्स के तौर पर क्या अनाज पर निर्भरता सही है?
आईसीएमआर के हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के मुताबिक अनाज आपकी 45% एनर्जी का सोर्स होना चाहिए। हकीकत यह है कि शहरों में 51% और गांवों में 65.2% एनर्जी सोर्स के तौर पर अनाज का सेवन हो रहा है।
एनर्जी सोर्स के तौर पर दालों, फलियों, मांस, अंडे और मछली का योगदान 11% है, जबकि यह 17% होना चाहिए। इसी तरह, गांवों में 8.7% और शहरों में 14.3% आबादी ही दूध और दूध के प्रोडक्ट्स का सही मात्रा में सेवन करती है।
सब्जियों की सही मात्रा लेने वाले भी गांवों में सिर्फ 8.8% और शहरों में 17% ही है। यदि आप नट्स और ऑइल सीड्स की बात करें तो सिर्फ 22% आबादी गांवों में और 27% आबादी शहरों में इसका सही मात्रा में सेवन कर रही है।
यह रिपोर्ट कहती है कि शहरों में लोग एनर्जी की जरूरत का 11% हिस्सा चिप्स, बिस्कुट्स, चॉकलेट्स, मिठाइयों और ज्यूस से लेते हैं। वहीं, गांवों में स्थिति अच्छी है। वहां ऐसा करने वाले सिर्फ 4% है। अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन 5% ग्रामीण और 18% शहरी आबादी ही कर रही है।
माय प्लेट की सिफारिशें क्या कहती हैं?
रिपोर्ट में माय प्लेट के नाम से बताया है कि आपके लिए आदर्श थाली क्या होगी, जहां से आपको पर्याप्त एनर्जी मिलें और वह बेलेंस्ड डाइट कहलाएं। इसके लिए आपकी 45% कैलोरी/एनर्जी का सोर्स अनाज होना चाहिए। 17% कैलोरी/एनर्जी दालों और फ्लेश फूड्स और 10% कैलोरी/एनर्जी दूध और दूध के प्रोडक्ट्स से मिलना चाहिए। फैट इनटेक 30% या उससे कम होना चाहिए।
पहली बार सिफारिशों में फाइबर-बेस्ड एनर्जी इनटेक शामिल किया है। इसके अनुसार रोज 40 ग्राम फाइबर-युक्त भोजन सेफ है। 5 ग्राम आयोडिन या नमक और 2 ग्राम सोडियम की इनटेक लिमिट तय की गई है। 3,510 मिलीग्राम पोटेशियम भी शरीर में न्यूट्रिशनल वैल्यू जोड़ेगी।
सीडेंटरी, मॉडरेट और हेवी एक्टिविटी वाले पुरुषों के लिए 25, 30 और 40 ग्राम फैट्स की सिफारिश की गई है। इसी तरह की एक्टिविटी वाली महिलाओं के लिए फैट्स के इनटेक 20, 25 और 30 ग्राम प्रतिदिन सेट किए गए हैं। 2010 में पुरुषों और महिलाओं के लिए फैट इनटेक की सिफारिशें समान रखी गई थी।