लखनऊ (विजय उपाध्याय).अयोध्या विवाद पर सुप्रीम काेर्ट की ओर से पिछले साल 9 नवंबर काे दिया गया फैसला बुधवार काे लागू हाे सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संभावित कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगाने की पूरी तैयारी है। केंद्र सरकार काे श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन करना है। मंदिर निर्माण की याेजना तय करनी है व अयोध्या एक्ट के तहत अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि भी ट्रस्ट को सौंपनी है। इसके साथ ही उप्र में भी याेगी कैबिनेट अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंपने की मंजूरी देगी। भूमि आवंटन का पत्र भी बोर्ड को सौंपा जाएगा। संभावना है कि अयोध्या के पास लखनऊ हाईवे पर रौनाही के धन्नीपुर में चिह्नित 5 एकड़ भूमि वक्फ बोर्ड को दी जाए।
कोर्ट ने दिया था तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार काे तीन महीने के अंदर ट्रस्ट का गठन करने का आदेश दिया था। सरकार ने 87 दिन की जद्दोजहद के बाद कोर्ट के फैसले पर अमल की रूपरेखा तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट का गठन ‘पूर्त और धार्मिक न्यास अधिनियम 1920’ के तहत किया जा रहा है। इसे 67 एकड़ भूमि सौंपने के लिए राष्ट्रपति की अधिसूचना जारी हाेगी।
चारों मठों के शंकराचार्य हाेंगेट्रस्ट में शामिल
मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों को लेकर शुरू से अटकलें जारी हैं। शुरू में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री और राज्यपाल काे संरक्षक बनाने की अटकलें थीं। लेकिन अब ट्रस्ट को संपूर्ण समाज के प्रतिनिधि की संस्था के रूप में तैयार करने के संकेत हैं। सूत्रों के अनुसार आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों मठों के शंकराचार्य ट्रस्ट में शामिल हाेंगे। अयोध्या से महंत नृत्य गोपाल दास, दिगंबर अनी अखाड़े के महंत सुरेश दास, निर्मोही अखाड़े के महंत दीनेंद्र दास, गोरक्षपीठ गोरखपुर के प्रतिनिधि, कर्नाटक के उडुपी पेजावर मठ के प्रतिनिधि, विहिप से ओम प्रकाश सिंघल, उपाध्यक्ष चंपतराय, राम मंदिर आंदोलन को जनजन तक पहुंचाने वाले स्वर्गीय अशोक सिंघल के भतीजे सलिल सिंघल, स्वर्गीय विष्णुहरि डालमिया के परिवार से पुनीत डालमिया, एक दलित प्रतिनिधि अाैर एक महिला प्रतिनिधि ट्रस्ट में शामिल हाेंगी। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या के डीएम काे भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है।
अयोध्या में सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन के साथ ही अयोध्या में सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी है। राज्य में पिछले दिनाें सीएए के विराेध में हुई हिंसा के तार पीएफआई सहित कुछ अन्य संगठनाें से जुड़े हैं। उसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। अयोध्या के श्रीरामलला मंदिर पर 2005 में आतंकवादी हमला भी हाे चुका है।
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