Wednesday, February 5, 2020

इजराइल की 5जी मिसाइल स्पाइक का उपयोग करती हैं 33 देशों की सेनाएं, भारत के पास इसका सबसे हल्का वर्जन

लखनऊ. बुधवार से यहां शुरू हुए डिफेंस एक्सपो में दुनियाभर से हथियार निर्माता कंपनियां पहुंची हैं। इनमें से एक है इजराइल की रफाइल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम। रफाइल यहां एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल स्पाइक की पूरी फैमली को लेकर आई है। इसमें 4 मिसाइल हैं, जिनकी रेंज 2 से 30 किलोमीटर है। भारतीय सेना इस समय स्पाइक एलआर मिसाइल का इस्तेमाल कर रही है इसका रेंज 4 किलोमीटर है।

स्पाइक फैमिली के ये मिसाइल पांचवी जेनरेशन के हैं। 33 देशों की सेनाएं इसका इस्तेमाल कर रही है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, साउथ कोरिया, स्पेन, ब्रिटेन और अमेरिका भी इस्तेमाल कर रहे हैं। स्पाइक की गिनती दुनिया के सबसे अच्छे एंटी टैंक मिसाइल में होती है। इस कैटेगरी में एजीएम-114आर हेल्फायर टू रोमियो, जैवलिन, एचजे-12, बीजीएम-71 टीओडब्ल्यू और यूएमटीएएस जैसे मिसाइल हैं।

ऐसे काम करती है स्पाइक मिसाइल
रफाइल कंपनी के ऑफिसर गालपापियर ने बताया- स्पाइक मिसाइल अपने टारगेट पर अचूक वार करती है। यह इतनी घातक है कि टारगेट को बचने का मौका तक नहीं देती है। स्पाइक एसआर और एलआर पोर्टोबल है। दो जवानों की टीम के साथ इसे तैनात किया जा सकता है। एक जवान लॉन्चर लेकर चलता है तो दूसरा मिसाइल। स्पाइक ईआर टू और स्पाइक एलएनओएस भारी मिसाइल हैं इसके लॉन्चर को टैंक या दूसरे वाहन पर लगाना होता है।

मिसाइल में हैं इलेक्ट्रोऑप्टिकल सेंसर
स्पाइक मिसाइल में इलेक्ट्रोऑप्टिकल सेंसर लगे हैं। इसे फायर करने के दो मोड हैं। पहला है फायर एंड फॉर्गेट। मतलब मिसाइल फायर करने के बाद टारगेट को भूल जाइए। यह टारगेट पर अकूच वार करेगा। दूसरा मोड फायर एंड विजर्व है। इसमें मिसाइल के इलेक्ट्रोऑप्टिकल सेंसर से विजुअल लॉन्चर तक पहुंचता है। सैनिक देख पाता है कि मिसाइल किस टारगेट की ओर बढ़ रहा है। वह टारगेट पर कहां लगेगा। जरूरत पड़ने पर मिसाइल के हवा में रहते समय ही सैनिक उसकी दिशा बदल सकता है। इस खूबी के चलते इससे उस टारगेट को भी खत्म किया जा सकता है जो सीधे दिख नहीं रहे हों।

जानिए स्पाइक फैमली की चारों मिसाइल की खासियत

  • स्पाइक एसआर: इसकी रेंज 2 किलोमीटर है। इसे थल सेना के जवानों के लिए बनाई गई है, जिससे पैदल सैनिक भी टैंक को नष्ट कर सके।
  • स्पाइक एलआर 2: यह जमीन से लॉन्च होने वाली यह मिसाइल 5.5 किलोमीटर तक वार कर सकती है। हेलिकॉप्टर से लॉन्च होने वाले एलआर2 की रेंज 6.5 किलोमीटर है।
  • स्पाइक ईआर 2: यह मल्टी प्लेटफॉर्म मिसाइल है। जमीन पर चलने वाले वाहन से लॉन्च होने वाली यह मिसाइल 10 किलोमीटर दूर तक वार कर सकती है। हेलीकॉप्टर से इसे लॉन्च किया जाए तो 16 किलोमीटर दूर तक इसका वार होगा।
  • स्पाइक एनएलओएस: इसकी रेंज 30 किलोमीटर है। इसे बख्तरबंद गाड़ियों और हेलिकॉप्टर पर लगाया जा सकता है। 71 किलोग्राम भारी यह मिसाइल पिन प्वाइंट एक्यूरेसी से अटैक करता है।

पाकिस्तान के पास सेकेंड जेनरेशन की ही मिसाइलें
पाकिस्तान की सेना एल-यूएमटीएएस, बख्तर शिकन और बीजीएम टीओडब्ल्यू का इस्तेमाल करती है। एल-यूएमटीएएस को तुर्की की कंपनी ने बनाया है। हेलीकॉप्टर से दागे जाने वाले इस मिसाइल का रेंज 8 किलोमीटर है। बख्तर शिकन चीन द्वारा बनाए गए मिसाइल एचजे-8 का पाकिस्तानी रूप है। दूसरी पीढ़ी के इस मिसाइल का रेंज तीन किलोमीटर है। बीजीएम टीओडब्ल्यू अमेरिकी मिसाइल है। इसका रेंज तीन किलोमीटर है। रेंज और अचूक वार करने की क्षमता के मामले में ये मिसाइल स्पाइक से कमतर हैं।



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स्पाइक मिसाइल में इलेक्ट्रोऑप्टिकल सेंसर लगे हैं।
हेलिकॉप्टर से लॉन्च होने वाले एलआर2 की रेंज 6.5 किलोमीटर है।
स्पाइक मिसाइल के बारे में जानकारी देते इजराइल की रफाइल कंपनी के ऑफिसर गालपापियर।


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