जीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 19 फरवरी को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे विजया एकादशी कहा जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ये व्रत करने से सभी परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। अगर आप भी किसी शुभ काम में सफलता पाना चाहते हैं तो व्रत कर सकते हैं। गणेशजी बुधवार के स्वामी हैं। इसीलिए बुधवार और एकादशी के योग में विष्णु भगवान के साथ ही गणेश पूजा करनी चाहिए। जानिए इस एकादशी पर और कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं...
स्कंदपुराण में बताया गया है सभी एकादशियों का महत्व
हिन्दी पंचांग में एक माह में दो एकादशियां यानी एक वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं। जिस वर्ष अधिक मास होता है, उस साल में 26 एकादशियां आती हैं। बुधवार को विजया एकादशी व्रत है। स्कंद पुराण के एकादशी महात्म्य अध्याय में सभी एकादशियों का महत्व बताया गया है। इस एकादशी व्रत के पुण्य फल से सभी कार्यों में विजय यानी सफलता पाने की शक्ति मिलती है।
कैसे कर सकते हैं ये व्रत
एकादशी पर सुबह जल्दी उठें और नहाने के बाद भगवान विष्णु का लक्ष्मीजी के साथ पूजन करें। अभिषेक करें। पूजन में फल-फूल, गंगाजल, धूप दीप और प्रसाद आदि अर्पित करें। अगर पूरे दिन निराहार नहीं रह सकते तो दिन में एक समय फलाहार करें। फलों के रस का सेवन कर सकते हैं। रात में भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं। भगवान के मंत्रों का जाप करें। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं। भगवान विष्णु को केले और हलवे का भोग लगाएं। विष्णुजी को पीले वस्त्र चढ़ाएं। लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा करें। अगले दिन यानी द्वादशी (20 फरवरी) पर किसी ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें। इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण करें।
गणेशजी की पूजा की सरल विधि
भगवान विष्णु की पूजा से पहले प्रथम पूज्य गणेशजी को दूर्वा की 21 गांठ चढ़ाएं और श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें। गणेशजी की पूजा गजानंद के रूप में की जाती है। इसीलिए किसी हाथी को गन्ना खिलाएं। गणेशजी के साथ ही रिद्धि-सिद्धि की भी पूजा करें। इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38Bgire

0 comments: