लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उप्र में हुए प्रदर्शनों के बाद यूपी पुलिस की कार्रवाई को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए रविवार को कहा कि पुलिस ने बिना जांच प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक और निंदनीय है। यूपी सरकार तुरंत निर्दोषों को रिहा करे। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने अपने टि्वट में कहा है, ''यू.पी. में सीएए और एनआरसीके विरोध में किये गये प्रदर्शनों में बिना जाँच-पड़ताल के ही विशेषकर बिजनौर, सम्भल, मुजफ्फरनगर, मेरठ, फिरोज़ाबाद व अन्य और ज़िलों में भी जिन निर्दोषों को जेल भेज दिया है, जिसे मीडिया ने भी उजागर किया है, यह अति-शर्मनाक व निन्दनीय है।''
उन्होंने कहा कि यूपी सरकार इनको तुरन्त छोड़े व इसके लिए सरकार को अपनी गलती की माफी भी मांगनी चाहिये। साथ ही, इसमें जिन निर्दोषों की मृत्यु हो गई है, राज्य सरकार को उन परिवारों की न्यायोचित आर्थिक मदद भी जरूर करनी चाहिये। बसपाकी यह मांग है।
मायावती ने कहा है कि ऐसे में अब इस पूरे राज्य-स्तरीय प्रकरण की न्यायिक जांच होना बहुत जरूरी है। इसकी मांग के लिए गर्वनर को एक लिखित ज्ञापन भी बी.एस.पी. प्रतिनिधिमण्डल द्वारा 6 जनवरी को दिया जायेगा।
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