Monday, January 20, 2020

लखनऊ विश्वविद्यालय में यू-ट्यूब पर अपलोड होंगे शिक्षकों और गेस्ट टीचर के लेक्चर्स, छात्रों को मिलेगा फायदा

लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने कहा है कि विश्वविद्यालय में देश का एक नया अभिनव प्रयोग होने जा रहा है, जिसके तहत टीचर्स के साथ ही यहां आने वाले गेस्ट टीचर्स के लेक्चर्स को यू-ट्यूब पर अपलोड किया जाएगा जिसका फायदा विश्वविद्यालय के साथ ही छात्रों को भी मिलेगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय में नव नियुक्त कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं।उन्होंने कहा, ''यू-ट्यूब पर लेक्चर्स को अपलोड करने का मकसद सिर्फ छात्रों को सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है। इसके सब्सक्राइबर बढ़ाकर इससे धन की व्यवस्था करना इसका मूल मकसद है। इससे विभागों में आपसी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय को धन भी प्राप्त होगा और विद्यार्थियों को भी इसका फायदा मिलेगा। इसके प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया जाएगा।''

ऐकेडमिक माहौल के साथ ही पर्यावरण को ठीक करने की मुहिम

कुलपति आलोक कुमार राय ने कहा कि हमारा ध्यान एकेडमिक माहौल को बेहतर बनाने के साथ ही पर्यावरण को भी ठीक करने की है। इसके लिए हम सभी ने 26 जनवरी को विश्वविद्यालय में 26 हजार पेड़ लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही कार्बन क्रेडिट प्राप्त करने की भी कोशिश होगी। इससे हम जितना वातावरण ठीक करने के लिए पॉजेटिव कंट्रेटिव करते हैं, उसका उतना हमें फायदा होगा। इसके लिए भी तैयारी पूरी कर ली गयी है।


विश्वविद्यालय में होने वाले शोध कार्यों पर विशेष ध्यान रहेगा
प्रोफेसर राय ने बताया कि रिसर्च सेंटर पर विशेष ध्यान देने की भी बात की जा रही है। शोध को हम ज्यादा बढ़ावा देंगे। इसके लिए अपने संकायाध्यक्षों से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। हम अंतरविषयी शोध को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, जिससे एक-दूसरे से विभाग जुड़ते हुए आगे बढ़ने का काम करें। इसके लिए हमने शिक्षकों से आग्रह किया है कि इस पर एक योजना बनाएं। उनके द्वारा पूरा ब्यौरा बनाने के बाद उस पर अध्ययन कर आगे की योजना बनाई जाएगी।

ऐकेडमिक ऑडिट भी होगा
प्रोफेसर राय ने कहा कि हम एकेडमिक आडिट भी कराने जा रहे हैं। किस विषय की उपयोगिता कितनी है। उसके पढ़ने के बाद रोजगार के लिहाज से कितना फायदा है। यह हमारे लिए बाजार में कितनी उपयोगी साबित होगी। उसमें शिक्षक को कितना तवज्जो देना चाहिए। इन विषयों को लेकर ब्योरा तैयार कर, उस हिसाब से आगे की प्लानिंग की जाएगी। उस विभाग में उसी हिसाब से कर्मचारी और अध्यापक की व्यवस्था होगी।


कमेटियों में छात्रों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा
कुलपति ने कहा कि आगे बनने वाली अधिकांश कमेटियों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उनका मशविरा भी विश्वविद्यालय के विकास में शामिल किया जा सके। इसके लिए नई बनने वाली समितियों में शामिल भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी स्टक्चर फ्रेम वर्क होना चाहिए। काम व्यक्ति आधारित न होकर, व्यवस्था आधारित हो तो बेहतर होगा। जिसका जो काम है, उसका निपटारा उसी स्तर पर हो जाना चाहिए।



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लखनऊ विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)


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