Tuesday, January 28, 2020

महर्षि वेदव्यास को जहां देवी सरस्वती ने दर्शन दिए, आंध्रप्रदेश में वहां है श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर

जीवन मंत्र डेस्क. माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि पर देवी सरस्वती की पूजा का विधान है। इसे वंसत पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। वेदों और पुराणों में देवी सरस्वती के प्राकट्य का उल्लेख मिलता है। मार्कंडेय पुराण के अनुसार देवी सरस्वती दुर्गा की तीन प्रमुख शक्तियों में एक हैं। प्राचीन काल के राजाओं ने देवी सरस्वती के मंदिर भारत के कई राज्यों सहित इंडोनेशिया में बनाए थे क्योंकि उनका साम्राज्य वहां तक भी फैला था। वसंत पंचमी पर इन मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है। दक्षिण भारत सहित मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी देवी सरस्वती के प्रसिद्ध मंदिर हैं।

देवी सरस्वती के प्रमुख मंदिर और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

1. श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर (आंध्रप्रदेश)

कथाओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद इसी जगह वेदव्यास ने देवी सरस्वती की तपस्या की थीं, जिससे खुश होकर देवी ने उन्हें दर्शन दिए थे। देवी के आदेश पर उन्होंने तीन जगह तीन मुट्ठी रेत रखी। चमत्कार स्वरूप रेत सरस्वती, लक्ष्मी और काली प्रतिमा में बदल गईं।

2. कोट्टयम का सरस्वती मंदिर (केरल)

इसे केरल का एकमात्र ऐसा मंदिर कहा जाता है, जो देवी सरस्वती को समर्पित है। इस मंदिर को दक्षिण मूकाम्बिका के नाम से भी जाना जाता है। यहां देवी सरस्वती की मूर्ति पूर्व दिशा की ओर मुंह करके स्थापित है।

3. पुरा तमन सरस्वती मंदिर (बाली)

देवी सरस्वती को समर्पित यह मंदिर बाली के उबुद में है। यह इंडोनेशिया के प्रमुख हिंदू मंदिरों में से एक है। यहां बना कुंड इस मंदिर का मुख्य आकर्षण है। यहां हर रोज संगीत के कार्यक्रम होते हैं।

4. श्रृंगेरी का मंदिर (कर्नाटक)

कहा जाता है कि यहां का सरस्वती मंदिर श्री शंकर भागावात्पदा ने 7वीं शताब्दी में बनाया गया था। यहां की मूर्ति को लेकर कहा जाता है कि पहले यहां चंदन की मूर्ति थी, बाद में जिसकी जगह सोने की मूर्ति स्थापित कर दी गई।

5. मैहर का शारदा मंदिर (मध्यप्रदेश)

मध्यप्रदेश के सतना जिले त्रिकुटा पहाड़ी पर मां दुर्गा के शारदीय रूप देवी शारदा का मंदिर है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि आल्हा और उदल नाम के दो चिरंजीवी हजारों सालों से रोज देवी की पूजा कर रहे हैं।

6. पुष्कर का सरस्वती मंदिर (राजस्थान)

राजस्थान के पुष्कर में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर है। ब्रह्मा मंदिर से कुछ दूर पहाड़ी पर देवी सरस्वती का मंदिर है। कहते हैं कि देवी सरस्वती ने ही ब्रह्माजी को सिर्फ पुष्कर में उनका मंदिर होने का श्राप दिया था।



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Shri Gyan Saraswati Temple is there in Andhra Pradesh where Goddess Saraswati appeared to Maharishi Ved Vyas


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