Tuesday, January 7, 2020

रावण के कारण सिर्फ बैजनाथ ज्योतिर्लिंग ही नहीं, दक्षिण भारत में भी स्थापित हुआ था शिवलिंग

जीवन मंत्र डेस्क. भगवान शिव के मंदिर पूरी दुनिया में बने हुए हैं। भगवान शिव के कई ऐसे मंदिर हैं, जिनका संबंध पौराणिक समय से जुड़ा हुआ है। कर्नाटक के मुरुदेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास भी रामायण काल से है। इस शिवलिंग की स्थापना का समय वो माना जाता है, जब रावण भगवान शिव को प्रसन्न करके आत्मलिंग लेकर लंका जा रहा था और देवताओं ने उसे रास्ते में ही रुकने पर मजबूर कर दिया, जहां वो आत्मलिंग रखा गया उसे बैजनाथ ज्योतिर्लिंग माना जाता है, उसी समय दक्षिण भारत में इस शिवलिंग की स्थापना हो गई थी। भारत के दक्षिण भाग के कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिला है, इस जिले की भटकल तहसील में ही मुरुदेश्वर मंदिर है। यह मंदिर अरब सागर के तट पर बना हुआ है। समुद्र तट होने की वजह से यहां का प्राकृतिक वातावरण हर किसी का मन मोह लेता है।

  • रावण ने जो आत्मलिंग धरती पर रखा था, उससे है इस मंदिर का कनेक्शन

रामायण काल में रावण जब शिवजी से अमरता का वरदान पाने के लिए तपस्या कर रहा था, तब शिवजी ने प्रसन्न होकर रावण को एक शिवलिंग दिया, जिसे आत्मलिंग कहा जाता है। इस आत्मलिंग के संबंध में शिवजी ने रावण से कहा था कि इस आत्मलिंग को लंका ले जाकर स्थापित करना, लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि इसे जिस जगह पर रख दिया जाएगा, यह वहीं स्थापित हो जाएगा। अत: यदि तुम अमर होना चाहते हो तो इस लिंग को लंका ले जा कर ही स्थापित करना।
रावण इस आत्मलिंग को लेकर चल दिया। सभी देवता यह नहीं चाहते थे कि रावण अमर हो जाए इसलिए भगवान विष्णु ने छल करते हुए वह शिवलिंग रास्ते में ही रखवा दिया। जब रावण को विष्णु का छल समझ आया तो वह क्रोधित हो गया और इस आत्मलिंग को नष्ट करने का प्रयास किया। तभी इस लिंग पर ढंका हुआ एक वस्त्र उड़कर मुरुदेश्वर क्षेत्र में आ गया था। इसी दिव्य वस्त्र के कारण यह तीर्थ क्षेत्र माना जाने लगा है।

  • मंदिर परिसर में बनी हैं भगवान शिव की विशाल मूर्ति

मुरुदेश्वर मंदिर में भगवान शिव की विशाल मूर्ति स्थापित हैं, जिसकी ऊंचाई लगभग 123 फीट है। यह मूर्ति भगवान शिव की दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति मानी जाती है। इस मूर्ति को इस ढंग से बनवाया गया है कि इस पर दिनभर सूर्य की किरणें पड़ती रहती हैं और यह चमकती रहती है।

  • बहुत सुंदर है यहां का नजारा

यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुई है और इसके तीन ओर अरब सागर है। पहाड़, हरियाली और नदियों की वजह से यह क्षेत्र बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगता है। मंदिर में भगवान शिव का आत्मलिंग भी स्थापित है। मंदिर के मुख्य द्वार पर दो हाथियों की मूर्तियां स्थापित हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Murudeshwar temple Karnataka story of temple related with Ramayan and Ravan


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2QuBb0I

SHARE THIS

Facebook Comment

0 comments: