Monday, January 27, 2020

अत्यधिक चिंता से बचना चाहिए, इससे हमारी ऊर्जा खत्म होती है और बाधाओं का सामना करना पड़ता है

जीवन मंत्र डेस्क. ग्रंथों में कथाओं के माध्यम से बताया गया है कि कौन-कौन से काम धर्म के अनुसार सही हैं और किन कामों से बचना चाहिए। ऐसा ही एक ग्रंथ है गरुड़ पुराण। इस पुराण में भी जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र बताए गए हैं। इनका पालन करने पर हमारी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य और कथाकार पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए गरुड़ पुराण के आचारकांड में बताए गए कुछ ऐसे गलत काम, जिनकी वजह से जीवन में दुख बना रहता है...
  • अत्यधिक चिंता से बचें
जो लोग बहुत ज्यादा चिंता करते हैं, उन्हें सभी कामों में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। अधिक चिंता से चेहरे की चमक और ऊर्जा खत्म हो जाती है। ऐसे स्थिति में काम करने से सफलता नहीं मिल पाती है।
  • अनजाने भय से बचें
जिन लोगों में असुरक्षा की भावना होती है, वे किसी भी काम को पूरी शक्ति से नहीं कर पाते हैं। ऐसी स्थिति में सफलता और दूर हो जाती है। ऐसे भय से नींद की कमी होने लगती है और स्वास्थ्य कमजोर होता है। इससे बचना चाहिए।
  • ईर्ष्या से बचें
काफी लोग अपने साथियों से ईर्ष्या करते हैं और उनकी तरक्की, सुख देखकर दुखी होते हैं। ये आदत भी हमारे से जीवन से सुख को खत्म करती है। ईर्ष्या से चिंता बढ़ती है। चिंता से दुख बढ़ता है।
  • क्रोध न करें
क्रोध को हमारा सबसे बड़ा शत्रु माना गया है। क्रोध में कही गई बातों से रिश्ते खराब होते हैं, स्वास्थ्य पर भी बुरा असर होता है। इस आदत की वजह से बने-बनाए काम बिगड़ जाते हैं।
  • आलस्य न करें
अगर जीवन में सुख और सफलता चाहते हैं तो आलस्य से बचना चाहिए। किसी भी काम में आलस्य न करें। शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए हर रोज सुबह जल्दी उठें और कुछ शारीरिक मेहनत या योग करना चाहिए।
  • गलत बातें न सोचें
जो लोग हमेशा गलत बातों में यानी अपवित्र विचारों में उलझे रहते हैं, उनके जीवन में अशांति रहती है। ये लोग गलत विचारों की वजह से किसी को भी सम्मान नहीं देते हैं। हमेशा नकारात्मक विचारों की वजह से दुखी रहते हैं।

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