मऊ. उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के सदर विधानसभा के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी समेत छह लोगों के खिलाफ सोमवार को दक्षिणटोला थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि, साल 2001 में मुख्तार ने अपने लेटर पैड पर चार लोगों को शस्त्र जारी करने के लिए सिफारिश की थी। जांच के दौरान चारों शस्त्र धारकों का पता फर्जी निकला। मुख्तार वर्तमान में पंजाब के रोपड़ जेल में बंद हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में सामने आया कि, चार में से एक को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने सदर विधायक मुख्तार अंसारी, तत्कालिन एसओ जेएन सिंह, तत्कालीन लेखपाल और तीन शस्त्र लाइसेन्स धारकों को आईपीसी की धारा 419, 420, 457, 468, 471 व धारा 30 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाया है।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्या ने बताया कि, मऊ जनपद में 2001-2002 के दौरान जिले में फर्जी व गलत नाम पते पर शस्त्र लाइसेन्स जारी होने की गोपनीय सूचना मिली थी। अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच में दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के रहने वाले चार लोगों के नाम पर जारी हुए शस्त्र लाइसेंसों का नाम व पता फर्जी मिला। 15 दिसंबर 2001 में चारों को शस्त्र लाइसेन्स जारी करने की संस्तुति सदर विधानसभा के बसपा विधायक मुख्तार अन्सारी ने अपने लेटर पैड पर किया था।
जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी का किया गया गठन
एसपी ने बताया कि, विधायक ने जिन चार लोगों को लाइसेंस जारी करने की संस्तुति की थी, उनमें से एक शस्त्र लाइसेंस धारक शाह आलम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। अन्य तीन का भी इस जिले से कोई लेना-देना नहीं है। बताया कि, 2001-2002 के दौरान जिले में जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो जिले में जारी सभी शस्त्र लाइसेंसों की जांच करने का काम करेगी।
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