लखनऊ. बॉलीवुड अदाकारा दीपिका पादुकोण पांच जनवरी को लखनऊ शहर में स्थित कैफे 'शीरोज' में एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साथ अपना अपना 34वां जन्मदिन मनाएंगी। 10 जनवरी को रिलीज होने वाली दीपिका की फिल्म छपाक एसिड सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल का बायोपिक है। साल 2016 में लखनऊ में इस कैफै की शुरुआत हुई थी। वर्तमान में यहां 12 एसिड सर्वाइवर काम कर रही हैं। 'हीरो' की तर्ज पर बने इस 'शीरोज' कैफे को राष्ट्रपति से भी अवार्ड मिल चुका है।
ऐसे हुई कैफे की शुरुआत
शीरोज कैफै का संचालन छांव फाउंडेशन के द्वारा किया जा रहा है। संस्था के संचालक आशीष शुक्ला ने अपने साथी आलोक के साथ मिलकर इसकी शुरुआत 2003 में की थी। 'स्टॉप एसिड अटैक' नाम का अभियान भी आशीष व आलोक के द्वारा चलाया जाता है। छांव फाउंडेशन की डायरेक्टर भी एक एसिड अटैक पीड़ित लक्ष्मी हैं। आलोक बताते हैं, यहां पर जो भी एसिड अटैक पीड़ित आती हैं वो अपनी मर्जी से जो काम करना चाहे, करती हैं। ये एक परिवार बन चुका है। कहते है न- 'मैं चलता गया और कारवां बनता गया' यही हुआ इन लोगों के साथ भी। आज यहां न जाने कितने लोग हैं? जो एक परिवार की तरह रहते हैं।
यह कैफे आगरा के बाद लखनऊ और अब उदयपुर में शुरू किया गया है। इस कैफे में खान पान के अलावा यहां काम करने वाली लड़कियों के हुनर का भी प्रदर्शन किया गया है। तीनों जगह से अभी तक करीब 100 एसिड सर्वाइवर को मदद की जा चुकी है। दो की शादी यही से हुई है, जो अपना परिवारिक जीवन जी रही है। आशीष शुक्ला बताते हैं फंडिंग छांव फाउंडेशन के माध्यम से होती है। कैफे के संचालन में जो रूपए आते हैं, उससे या क्राउड फंडिंग से इसका संचालन हो रहा है। आशीष शुक्ला का कहना है कि हम नॉन प्रॉफिटेबल संस्था हैं। करीब 30 एसिड सर्वाइवर पीड़िता काम कर रही है।
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