सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश में महिला शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की बजाए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दुल्हनों को सजाने की जिम्मेदारी दी गई। जिला खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) ने जिले की 20 महिलाओं की ड्यूटी लगाई है जो अब पढ़ाने की बजाए दुल्हनों को तैयार करने का काम करेंगी। एबीएसए का यह पत्र अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले सामने आने के बाद बीएसए ने सहायक बिसक शिक्षा अधिकारी को तुरंत निलंबित कर दिया। इस बीच डीएम ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ़ सतीश द्विवेदी के गृह जिले सिद्धार्थनगर में नौनिहालों को पढ़ाने की जगह 20 महिला शिक्षकों को सामूहिक विवाह योजना में दुल्हनों को सजाने की जिम्मेदारी सौंप दी गईं। एबीएसए ध्रुव प्रसाद जायसवाल की तरफ से जारी इस फरमान के वायरल होने के बाद विभाग की किरकिरी हुई तो बीएसए भी हरकत में आ गए। हालांकि आनन-फानन में आदेश को निरस्त कर दिया गया और मंत्री के निर्देश पर एबीएस को भी सस्पेंड कर दिया गया।
मौखिक आदेश को एबीएसए ने लिखित में जारी कर दिया
जिले के नौगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने एक मौखिक आदेश को लिखित में जारी कर दिया। आदेश के जारी होने के बाद टीचरों ने भी इस पर आपत्ति जताई। जानकारी मिलने पर बीएसए सूर्यकांत त्रिपाठी ने आदेश पर रोक लगा दिया। सोमवार देर शाम डॉ़ सतीश द्विवेदी के निर्देश पर ध्रुव प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया। उधर मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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