लखनऊ. कोरोनावायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ, कानपुर, नोएडा समेत 16 जिलों को 25 मार्च तक के लिए लॉकडाउन कर दिया है। इस दौरान कुछ जरुरी सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। इमरजेंसी की स्थिति में लोग बाहर निकल सकेंगे। प्राइवेट व पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद रहेगा। यदि कोई नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी। यूपी में अब तक 26 केस सामने आए हैं। वहीं, बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के दोबारा टेस्ट में भी वायरस की पुष्टि हुई है। कनिका का इलाज एसजीपीजीई में चल रहा है।
यह जिले लॉकडाउन
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, मेरठ, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी व पीलीभीत को लॉक डाउन किया गया है। पीलीभीत जिले को रविवार देर रात शामिल किया गया। 25 मार्च से पहले इन जिलों की समीक्षा होगी, उसके बाद जरुरत पड़ने पर लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाया जाएगा।
क्या होता है लॉकडाउन?
लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सकती है।
क्यों करते हैं लॉकडाउन?
किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।
ये आवश्यक सेवाएं पूर्णतया बंद
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर समस्त सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्द्धसरकारी उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थाएं, राजकीय निगम व मंडल, समस्त व्यापारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां, वर्कशाप, गोदाम एवं सार्वजनिक परिवहन (रोडवेज, सिटी परिवहन, प्राइवेट बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा आदि) पूर्णतया बंद रहेंगे।
इन जिलों से सामने आए केस
उत्तर प्रदेश में अब तक 29 केस सामने आए हैं। इनमें आगरा, लखनऊ व नोएडा के 8-8, गाजियाबाद के 2 और लखीमपुर खीरी व मुरादाबाद के एक-एक केस शामिल हैं। खास बात यह है कि, इनमें से 11 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ्य हो चुके हैं। इनमें आगरा के 7, गाजियाबाद के 2, नोएडा व लखनऊ के एक-एक मरीज शामिल है।
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