
लखनऊ. भूख से बचने के लिए शहर भागे थे, हम कोरोना बीमारी से शायद बच भी जाएं पर भुखमरी से जरुर मर जाएंगे। अब हमें भूखे ही अपने घरों को लौटना पड़ रहा है। अब इसे नासमझी कहिए या मजबूरी...। कानपुर से बांदा पैदल जा रहे कुछ युवकों ने कुछ ऐसी ही बातें कहीं। उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए करीब 150 किमी सफर तय करना पड़ा। पैरों में पड़े छालें उनकी राह में पड़ने वाले रोड़ों की कहानी बयां कर रहे थे।
कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए संपूर्ण भारत लॉकडाउन है। यूपी में लॉकडाउन 22 मार्च को ही लागू हो चुका था। अब ऐसे में मजूदरी कर अपना पेट पालने वालों के पास न तो संसाधन बचा है न ही कोई काम। मजबूर होकर उन्हें मीलों की दूरी पैदल ही तय करना पड़ रहा है।

प्रयागराज: भूखों के लिए कराया भोजन का इंतजाम
कोरोना के खतरे के बीच भूखों के लिए पुलिस भोजन भी उपलब्ध करा रही है। इस कार्य में पुलिस के साथ जीआरपी व आरपीएफ के जवान भी लगे हैं। प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश अपने घर पर ही हलवाई बुलाकर भोजन के पैकेट तैयार करवा रहे हैं। इसी तरह सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मियों ने जरुरतमंदों के लिए भोजन का पैकेट तैयार किया और उसे बांटा है।

बरेली: साहब हमें खाना दिलाइए...
देश में तमामा लोग रोड किनारे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। लॉकडाउन के चलते उन्हें मजदूरी भी नहीं मिल रही है। बच्चे भूख से व्याकुल हो रहे हैं। बरेली में कई परिवार खाने की मांग को लेकर एसएसपी दफ्त पहुंच गए। लेकिन वहां मिले पुलिसकर्मियों ने परिवारों को डीएम के यहां जाने की बात कहकह भेज दिया। सभी विकास भवन के पास जाकर बैठ गए। बाद में कुछ लोगों ने उनके खाने पीने का इंतजाम कराया। लेकिन यहां प्रशासन को अभी राहत के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।

मिर्जापुर: बीमार लोगों का निशुल्क इलाज करने की ठानी
लॉकडाउन के चलते मिर्जापुर जिले में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। शहर के लालडिग्गी निवासी डॉ. जेके जायसवाल ने मरीजों के इलाज के लिए अपनी सेवाएं मुफ्त में देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि, शहर में रहने वाले लोग जिन्हें आवश्यकता हो वे मोबाइल नंबर 9415257539 पर संपर्क कर सकते हैं। कहा- लॉकडाउन के दौरान जब आवागमन बन्द है, देश और समाज की सुरक्षा के लिए आम नागरिक घरों में रहकर जंग लड़ रहे हैं, ऐसे में मरीजों के घर जाकर अपनी सेवाएं दूंगा। 14 अप्रैल तक शाम चार बजे से रात 10 बजे तक डॉक्टर जायसवाल मरीजों का इलाज करते हैं।

आगरा: मंडी में दिखी भारी भीड़
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का सबसे पहला केस आगरा से ही सामने आया था। यहां अब तक 9 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि, राहत की बात है कि, इनमें से 8 मरीज इनाज के बाद ठीक भी हो चुके हैं। 9वां केस गुरुवार को ही सामने आया। बावजूद इसके लोग सबक नहीं ले रहे हैं। अपनी जान जोखिम में डालते हुए लोग सुबह-शाम घरों से बाहर निकल रहे हैं। शुक्रवार सुबह बसई मंडी में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मुंबई से प्रतापगढ़ जा रहे लोगों को रोका, महिला मिली बीमार
झांसी: शहर के इलाइट चौराहे पर लॉकडाउन के मद्देनजर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। गुरुवार रात चित्रा चौराहे की ओर से एक सफेद रंग की कार आती दिखाई दी, जिस पर महाराष्ट्र का नंबर अंकित था। पुलिस ने इस कार को रोका तो उसमें कुल 5 लोग सवार थे। इनमें एक वृद्ध महिला भी थी। इस महिला की तबियत खराब देख पुलिस ने इसकी सूचना जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम को दी। वहां से तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया। इस पर डॉ. सतीश चंद्रा के नेतृत्व में टीम इलाइट चौराहे पर पहुंच गई। महिला की थर्मल स्क्रीनिंग की गई तो उसे 102 डिग्री बुखार पाया गया। इस पर एंबुलेंस बुलाकर उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। कार सवारों ने बताया कि वे महाराष्ट्र से आ रहे हैं तथा अपने गृह जनपद प्रतापगढ़ जा रहे हैं।

इलाज के लिए नहीं थे पैसे, गुड़गांव से अमेठी पहुंचे दंपती
अमेठी: हरियाणा, दिल्ली और यूपी की सीमाओं को पारकर अनीता यादव अपने पति रामकुमार यादव के साथ बाइक से 690 किलोमीटर का सफर तय कर अमेठी की सीमा पर आ पहुंची। लेकिन शिवरतंगज पुलिस ने हजारीगंज पर उन्हें रोका। पूछताछ के बाद पुलिस ने बाइक का चालान काट दिया और दंपती को कोरोना की जांच के लिए अस्पताल भेज दिया। अनीता ने बताया कि वे जगदीशपुर के सत्थिन गांव की निवासी हैं। पति को तनख्वाह मिली नही और किसी से पैसा मांगने पर भी नहीं मिला। अब हम अपने घर जा रहे हैं और हमारे घर वाले हमारी दवा कराएंगे।

कानपुर: मालगाड़ी के खाली रैक में आ रहे लोग
कोरोना वायरस का प्रसार रोकने की कोशिशों के बीच रेलवे नई मुश्किल पैदा कर रहा है। कानपुर में गुरुवार रात ऐसे कई आम लोगों को उतारा गया जो चोरी छिपे यूपी आ रहे थे। स्टेशन पर महाराष्ट्र के नासिक से लगभग 200 व्यक्तियों को उताराकर उनकी चेकिंग की गई। उनके हाथों पर 14 दिन क्वैरंटाइन रहने संबंधी मुहर लगाई गई और घरों को भेज दिया गया।

अयोघ्या:रैपिड एक्शन फोर्स कर रही है गली व सड़कों पर गश्त
लॉक डाउन को सख्ती से लागू करवाने के लिए अब आरएएफ के सशस्त्र जवान गली गली में गश्त कर रहे हैं। सीओ सिटी अरविंद चैरसिया ने बताया कि आरएएफ की सुरक्षा जवानों की टीम के साथ नगर के मोहल्लों बाजारों व गलियों में गश्त करके लाउडस्पीकर से कोरेाना को लेकर जागरूक करने के साथ लोगों को लॉक डाउन के दौरान घरों से बाहर न निकलने की हिदायतें दी जा रही है। यहां 114 वाहनों को सीज किया गया है। उन्होंने बताया कि सबके घरों पर होम डिलिवरी से आवश्यक सामानों को पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरूओं ने भी मुस्लिम समाज से जुमा व अन्य दिनों की नमाज मस्जिद में न पढ़ कर अपने घरों में अता करने की अपील की है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2WLqhXZ
0 comments: