Sunday, March 22, 2020

धारा 144 के बावजूद सड़क पर उमड़ी भीड़; रोजमर्रा की चीजों को खरीदने की लगी होड़, महंगी हो गईं दाल-सब्जी

गोरखपुर. कोरोनावायरस की चुनौती से निटपने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृहजनपद समेत 16 जिलों को 25 मार्च तक लॉकडाउन किया है। लेकिन गोरखपुर में लॉक डाउन का कोई खास असर नहीं देखने को मिला। यहां सुबह बाजार की अधिकतर दुकानें खुली मिलीं। जनता भी बिना किसी बात की परवाह किए सड़क पर जुट गई। लोगों को रोजमर्रा की चीजों को खरीदने के लिए होड़ लगी रही। हालांकि, इसका फायदा उठाते हुए कालाबाजारियों ने हर जरूरी चीजों के दाम 5 से 10 रुपए तक बढ़ा दी है।

गोरखपुर में धारा 144 लागू है। रविवार को जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को लॉक डाउन का पहला दिन है। ऐसे में प्रशासन ने सरकारी वाहनों के साथ प्राइवेट वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने हिदायत दी थी कि, सुबह साढ़े नौ बजे तक आवश्यक सामानों की खरीद कर लें। लेकिन यहां साढ़े नौ बजे के बाद भी तमाम दुकानें खुली रहीं।

थोक व फुटकर दामों में बड़ा अंतर
25 मार्च तक लॉक डाउन के ऐलान के बाद कालाबाजारी शुरू हो गई है। थोक मंडी में आलू 15 से 18 रुपए तो प्याज 20 से 22 रुपए प्रति किलो बिकी। लेकिन फुटकर में प्याज 30 से 35 रुपए प्रति किलो और आलू 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट पर बिके।हैरानी की बात ये रही कि पिछले 22 घंटे से कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए घरों में रहने वालों ने सुबह बाज़ारों में जब भीड़ के रूप में इकट्ठा होना शुरू किया तो बचाव के सारे बिंदुओं को सिरे से भुला दिया।बीमारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा भीड़ से बचने और मास्क या रुमाल का प्रयोग करने और निर्धारित दूरी बनाकर रहने की सलाह इंसानी जरूरतों पर भारी पड़ती नजर आयी। इक्का दुक्का लोग ही मास्क का प्रयोग करते दिखाई दिए।



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बीमारी से बचाव के उपाय भी नहीं।


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