Wednesday, February 5, 2020

अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं में उल्लास; अब मंदिर जल्द बने, सबकी यही कामना, लोग बोले- अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेगा शहर, मिलेगी कारोबार को रफ्तार

अयोध्या. धर्म, आस्था व राजनीति की धुरी अयोध्या में बनने वाले भगवान राम के मंदिर के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'श्रीराम जन्मभूमि तीथ क्षेत्र' ट्रस्ट का ऐलान कर दिया। साथ ही केंद्र सरकार ने अपने कब्जे की 67.703 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को सौंप दी है। यह पूरा इलाका मंदिर क्षेत्र होगा। इस ऐलान के बाद जहां देशभर में उल्लास है, वहीं अयोध्या आम दिनों की तरह शांत है। सरयू किनारे घाटों पर देशभर से आए श्रद्धालु रामनाम के जयकारे संग आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हनुमानगढ़ी के साथ रामलला के दर्शन के लिए लोग आम दिनों की तरह ही जयकारा लगाते हुए पहुंच रहे हैं।

मंदिरों में रोज की तरह दर्शन पूजन; जनजीवन सामान्य

ट्रस्ट के ऐलान के बाद हनुमानगढ़ी, कनक भवन, मणिराम छावनी के इर्द-गिर्द ऐहितयातन मंदिरों के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। मंदिरों में घंटा घड़ियाल की गूंज के बीच श्रीराम धुन का जाप सुनाई दे रहा है। अब अयोध्यावासियों समेत पूरे देश को अब रामलला के मंदिर निर्माण की तिथि को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अयोध्यावासियों के चेहरे पर एक सुकून है कि, अब उनका शहर किसी राजनीति की धुरी न होकर पर्यटन व अध्यात्मक का केंद्र बनेगा। मंदिरों में दर्शन पूजन रोज की तरह जारी है।

आज मेरा अयोध्या आना सफल हुआ, याद रहेगा ये दिन

  • महाराष्ट्र के विवेक रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे हैं। उससे पहले उन्होंने नया घाट पर जाकर सरयू में स्नान किया। वे कहते हैं कि, आज मेरा अयोध्या आना सफल हो गया। आज ही मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई। यह दिन कभी नहीं भूलेगा। अब मंदिर में आकर दर्शन की अभिलाषा शेष है।
  • सुल्तानपुर से हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए पहुंचे नीतेश ने कहा- अब हमारे प्रभु श्रीराम टेंट से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। जब कभी अयोध्या आता तो रामलला के दर्शन के बाद मन में पीड़ा होती थी। लेकिन अब सुकून है।
  • अयोध्या के रहने वाले शशांक गुप्ता ने उस दौर को भी देखा है जब राम मंदिर आंदोलन चरम पर था। उनका परिवार यहां बीते 70 सालों से कपड़े का कारोबार करते हैं। शशांक गुप्ता ने कहा- मेरे यहां धार्मिक उपयोग के वस्त्र बिकते हैं। मंदिर के निर्माण के बाद रोजगार कई गुना बढ़ जाएगा। सविता देवी ने कहा- मंदिर बनने का कई सालों से इंतजार था। सौभाग्यशाली हूं, अब मैं राम लला का मंदिर बनते देखूंगी।

संघर्षों का प्रतिफल मिलने का समय आया

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा- अब वर्षों के संघर्ष का प्रतिफल मिलने का समय आ गया है। उन्होंने केंद्र सरकार व पीएम मोदी द्वारा ट्रस्ट की घोषणा करने का स्वागत किया। शर्मा ने कहा- मंदिर निर्माण के साथ अब अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास होगा।


मंदिर बनने के बाद कितना बदलेगी अयोध्या?
सरयू नदी किनारे बसे ऐतिहासिक शहर अयोध्या को घाटों व मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। लखनऊ से 130 किमी दूर यहां भगवान राम की जन्मभूमि है। पिछले 27 साल से रामलला टेंट में विराजमान हैं। हर साल यहां करीब 30 लाख दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यानि हर दिन सात हजार लोग दर्शन के लिए आते हैं। भगवान राम का मंदिर बनने के बाद इस आंकड़े में भारी उछाल आने की संभावना है। मंदिर बनने के बाद इसकी ख्याति अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुंचने की उम्मीद है। इसे इंटरनेशनल टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है।

388 वर्ग किमी दायरे को मिलेगा नया स्वरुप

अयोध्या को नया स्वरूप देने के लिए नया मास्टर प्लान बनाने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी कोलकाता की कंपनी स्टेट साल्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी को 12 माह के भीतर प्लान बनाकर देना है। अयोध्या में 7 हजार घरों में 9886 परिवार रहते हैं। 89 मोहल्लों में बंटे इस शहर की आबादी 56 हजार 102 है। अयोध्या शहर 80 वर्ग में फैला है। प्लान 388 वर्ग किमी के लिए तैयार हो रहा है। 2031 तक अयोध्या की आबादी व पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। सीवर लाइन, पेयजल, सीवेज ट्रीटमेंट, आउटर रिंग रोड, झील व तालाबों के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखा गया है।



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रामजन्मभूमि व हनुमानगढ़ी मंदिर जाने वाले रास्ते पर आम दिनों की तरह जनजीवन।


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