Friday, February 21, 2020

रविवार और अमावस्या का योग 23 को, ये है पितरों के लिए धूप-दीप जलाने का दिन

जीवन मंत्र डेस्क. रविवार, 23 फरवरी को फाल्गुन मास की अमावस्या है। इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार अमावस्या पितरों के लिए धूप-दीप करने का दिन है। यहां जानिए अमावस्या तिथि पर और कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं...
> रविवार को सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण आदि पूजा-पाठ करें। दीपक जलाएं। गाय के गोबर से बने उपले (कंडे) पर शुद्ध घी व गुड़ मिलाकर धूप देना चाहिए। धूप देने के बाद हथेली में पानी लें और अंगूठे की ओर से जल अर्पित करें।
> अमावस्या पर सुबह स्नान के बाद आटे की गोलियां बनाएं। इसके बाद किसी तालाब या नदी में ये आटे की गोलियां मछलियों को खिलाएं। अमावस्या घर में गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए।
> इस दिन दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरें और भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। अमावस्या पर गरीबों को अपनी शक्ति के अनुसार दान करें।
अमावस्या पर किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। हनुमानजी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।



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