लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पांच कालिदास आवास पर बीते 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में हत्यारे सुभाष बाथम के द्वारा बंधक बनाए गए 23 बच्चों को पुरस्कृत करेंगे। इन बच्चों को पुलिस ने आठ घंटे की मशक्कत के बाद बाथम के घर में बने तहखाने से मुक्त कराया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कांड में सिलेंडर बम का तार काट सभी बच्चों की जान बचाने वाली 14 साल की बहादुर बेटी अंजलि को भी सम्मानित करने के साथ ही बाल शक्ति पुरस्कार के लिए भी नामित करने का ऐलान किया है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है।
23 बच्चों के अलावा सीएम योगी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कुल 60 लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए बच्चे, अधिकारी व पुलिसकर्मी शुक्रवार सुबह फर्रुखाबाद से लखनऊ आ रहे हैं।
यह है पूरा मामला
फर्रूखाबाद जिले के करथिया गांव में 30 जनवरी को बेटी के जन्मदिन की पार्टी के नाम पर सुभाष बाथम ने 23 बच्चों को घर बुलाकर करीब 8 घंटे तक उन्हें तहखाने में बंद रखा था। पुलिस ने करीब 10 घंटे लंबे अभियान के बाद मुठभेड़ में मार गिराया था। उसी दौरान भागने का प्रयास कर रही रूबी ग्रामीणों के हाथ लग गई थी, जिनकी पिटाई से उसकी मौत हो गई। अभियान में सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
अंजलि ने दिखाया था साहस व शौर्य
आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने बताया कि, सुभाष बाथम ने तहखाने में 15 किलो बारूद से भरा सिलिंडर बम रखा था। यहीं पर सभी बच्चे बंधक बने थे। तभी 14 वर्षीय अंजलि ने सिलिंडर बम के तार को दांतों से काट दिया था। इससे बड़ी घटना टल गई थी। बंधक बनाए गए बच्चों में कई कम उम्र के बच्चे शामिल थे। सुभाष की क्रूरता का डर उनके भीतर समा गया था। इस दौरान अंजलि ने इन बच्चों का हौसला बढ़ा हिम्मत बंधाई थी। तभी बच्चे दस घंटे तक धैर्य से बैठे रहे थे। आईजी मोहित अग्रवाल ने आरोपी दंपती सुभाष बाथम व रूबी की सालभर की अनाथ बेटी गौरी की परवरिश की जिम्मेदारी लेने का निर्णय लिया है। बंधक कांड के बाद पुलिस ने सुभाष का
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