जीवन मंत्र डेस्क. चाइनीज वास्तु फेंगशुई में फिश एक्वेरियम का अपना खास महत्व है। इसे घर में शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना गया है। वास्तु विज्ञान में भी मछलियों को जल का कारक माना गया है, ये हमेशा एक्टिव रहती हैं, इस कारण इन्हें घर में ऊर्जा लाने वाला और आसपास के माहौल से आलस व नकारात्मक ऊर्जा को हटाने वाला माना जाता है। ज्योतिष में भी मछलियों का विशेष महत्व है। इन्हें केतु का कारक जीव माना गया है। फिश एक्वेरियम को लेकर फेंगशुई में कई तरह के नियम बताए गए हैं। कितनी मछलियां होनी चाहिए, किस दिशा में रखना चाहिए, काली मछली क्यों महत्वपूर्ण है ऐसे कई सवालों के जवाब फेंगशुई में मिलते हैं।
- कितनी होनी चाहिए एक्वेरियम में मछलियां
एक्वेरियम में मछलियों की संख्या का विशेष महत्व है। यदि सही संख्या और रंगों की मछलियां एक्वेरियम में रखी जाएंगी हो तो घर के सदस्यों पर आने वाली हर परेशानी अपने आप खत्म हो जाएगी। फेंगशुई के अनुसार, एक्वेरियम में मछलियों की संख्या कम से कम नौ होनी चाहिए। जिनमें से आठ मछलियां लाल और सुनहरे रंग की हो और एक मछली काले रंग की होनी चाहिए।
- किस दिशा में रखा एक्वेरियम होगा सबसे शुभ
एक्वेरियरम को पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। ये दिशाएं इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती हैं। इसे बेडरूम या किचन में नहीं रखना चाहिए। इससे संपत्ति की हानि होती है। घर के सदस्यों में आपसी प्यार बनाए रखने के लिए इसे मेन गेट की बाएं ओर रखें।
- क्यों खास होती है काले रंग की मछली
काले रंग की मछली को एक खास महत्व होता है। माना जाता है कि काले रंग की मछली सुरक्षा का प्रतीक होती है। काली मछली घर की नकारात्मक ऊर्जा को मिटाती है। अपने काले रंग के कारण वो घर की नेगेटिव एनर्जी को खुद की ओर आकर्षित करती है, माहौल में फैली नेगेटिव एनर्जी को खुद में सोखकर वातावरण को सकारात्मक बनाती है। इस कारण अक्सर कई बार काली मछली की मौत जल्दी हो जाती है। किसी भी मछली के मरने के तुरंत बात उसकी जगह नई मछली रखने की सलाह भी फेंगशुई देता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2NBkmPH

0 comments: