अलीगढ़. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हिंसा के विरोध में रविवार रात अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में प्रदर्शन हुए। छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च निकाला। छात्रों ने कहा- जिस तरह से जेएनयू के अंदर 60 से 70 गुंडों ने कैंपस के अंदर घुस कर मारपीट की गई, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए सरकार छात्रों की आवाज को दबा रही है। हमारी मांग है कि सरकार एबीवीपी के गुंडों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करे।
वहीं, जेएनयू हिंसा को लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर यूपी पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। इसमें अलीगढ़, वाराणसी और प्रयागराज पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट किया गया है। साथ ही जिला प्रशासन व पुलिस को यूनिवर्सिटी प्रशासन से संवाद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एएमयू के छात्रों ने बाबे सैयद गेट पर कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्जनों छात्र हाथों में पोस्टर लिए एबीवीपी और दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। छात्रों का आरोप है किदिल्ली पुलिस के साथ एबीवीपी के गुंडे थे, जो छात्रों और प्रोफेसर के साथ होस्टल के अंदर घुसकर मारपीट कर रहे थे। छात्रों और प्रोफेसर को बचाने गए योगेंद्र यादव के साथ भी मारपीट की गयी है। हालत इतने खराब है कि न तो छात्र सुरक्षित है और न ही आम नागरिक।
आज तिरंगा यात्रा का ऐलान
जेएनयू हिंसा के विरोध में सोमवार को एएमयू में तिरंगा यात्रा का ऐलान किया गया है। ये यात्रा दोपहर तीन बजे मॉस कॉप डिपार्टमेंट से बाबे सैयद गेट तक निकलेगी। यात्रा को लेकर पुलिस भी अलर्ट है।
मायावती ने न्यायिक जांच की मांग उठाई
बसपा सुप्रीमो मायावती ने जेएनयू हिंसा के मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने टि्वट कर लिखा कि, जेएनयू में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति निंदनीय व शर्मनाक है। केंद्र सरकार को इस घटना को अति गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही इस घटना की न्यायिक जांच हो जाए तो बेहतर होगा।
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