Tuesday, January 14, 2020

चेहरा छिपाकर पुलिस पर फायरिंग करने वाला 20 हजार का इनामी गिरफ्तार, अयोध्या फैसले के बाद पीएफआइ से जड़ा था

मेरठ. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीते साल 20 दिसंबर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में उग्र हिंसा हुई थी। प्रशासन के मुताबकि, यहां हिंसा में गोली लगने से चार की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 20 हजार के ईनामी आरोपी अनीस उर्फ खलीफा को गिरफ्तार किया है। अनीस पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का सदस्य है। पूछताछ में उसने बताया कि, साल 1987 के दंगे में उसके भाई रईस की मौत पुलिस की गोली से हुई थी। जिसका बदला लेने के लिए वह पीएफआइ से जुड़ा था।


हिंसा के दौरान अनीस पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था, इसका एक वीडियो भी सामने आया था। पुलिस ने वीडियो फुटेज से चिन्हित कर उसे आरोपी बनाया था। हिंसा के बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पिस्टल और तमंचा बरामद किया है।


हत्या मामले में जेल जा चुका है अनीस
पुलिस ने बताया कि, 20 दिसंबर को लिसाड़ी गेट व हापुड़ रोड समेत शहर के आठ स्थानों पर हिंसा हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 24 मुकदमे दर्ज किए हैं। इसमें 180 नामजद व पांच हजार अज्ञात शामिल हैं। 178 आरोपियों को चिन्हित कर उनके फोटो सार्वजनिक किए गए हैं। चेहरा छिपाकर फायरिंग करने वाले अनीस खलीफा व अनस की पहचान कर 20-20 हजार के ईनाम का ऐलान किया गया था। अनस की गिरफ्तारी पूर्व में हो चुकी है।

पीएफआइ ने घर घर जाकर लोगों को उकासाया

एसएसपी अजय साहनी ने बताया- अनीस उर्फ खलीफा के भाई रईस की 1987 के दंगे में मौत हो गई थी। तभी से वह पुलिस के खिलाफ था। साल 2004 में अजय देवगन उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में लिसाड़ीगेट थाने से जेल गया था। सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या प्रकरण का फैसला आने के बाद वो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) से जुड़ गया था। पीएफआई के लोग लिसाड़ीगेट में घर-घर जाकर लोगों को उकसा रहे थे। सीएए लागू होने का विरोध करते हुए लोगों को भड़काया गया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
हिंसा के दौरान आरोपी अनीस खलीफा ने चेहरा छिपाकर पुलिस पर किया था फायरिंग।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36WtMNx

SHARE THIS

Facebook Comment

0 comments: